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Tuesday, 6 February 2018

एक और रोहित वेमुला : छतीसगढ़ भगवा प्रशासन के व्यवहार से परेशान दलित छात्रा ने की आत्महत्या


 एक और रोहित वेमुला : छतीसगढ़ भगवा प्रशासन के व्यवहार से परेशान दलित छात्रा ने की आत्महत्या
रायपुर। मुख्यमंत्री रमन सिंह के गृह जिला कवर्धा सरकारी नर्सिंग कॉलेज के हॉस्टल में सीनियर वर्षीय छात्रा ज्योति बंजारे जो कि द्वितीय वर्ष की छात्रा है को हॉस्टल प्रबंधन द्वारा और सीनियर छात्रों द्वारा प्रताड़ित किये जाने और एक गुलामों की तरह व्यवहार भी किये जाने के कारण ज्योति बंजारे ने हॉस्टल के तीसरे माले से छलांग लगा दी। पालक गण शिक्षा ग्रहण करने के लिये नर्सिंग कॉलेज में दाखिला करवाए थे, वही हॉस्टल प्रबंधन और सीनियर छात्रों द्वारा उससे सुबह से शाम तक दैनिक दिनचर्या का काम करने को दबाव डाला जाता था बर्तन मंजवाने का भी काम करवाना बताया जा रहा है।



 साफ सफाई व्यवस्था छात्रों की उपस्थिति की भी जिम्मेदारी ज्योति को दी गयी थी, उसे खाना भी नही दिया जाता था, लगातार अपने साथ हो रहे प्रताड़ना को वह अपने परिवार जनों को बताया करती थी और कॉलेज प्रबंधन को बताने पर किसी भी प्रकार का कोई भी कार्यवाही नहीं किए जाने से प्रताड़ित होकर अपने ही कॉलेज के तीसरे माले से ज्योति कूद गई क्योंकि वह यह जिल्लत भरी जिंदगी नहीं जीना चाह रही थी। एक गरीब अनुसूचित जाति परिवार की बेटी जो कि पढ़ लिख कर अपने मां बाप और परिवार का नाम रोशन करना चाह रही थी वही उससे गुलामों जैसा व्यवहार किया गया जिससे वह दुखी प्रताड़ित थी।


 मुख्यमंत्री रमन सिंह के गृह क्षेत्र में यह घटना होना सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के मुंह में करारा तमाचा है। प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का खुलासा इसी से हो रहा है कि स्वयं मुख्यमंत्री के गृह जिले में संपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं है जिसके कारण ज्योति बंजारे को रायपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती होना पड़ छत्तीसगढ़ की बेटी ज्योति बंजारे जो कि शिक्षा ग्रहण करने के लिए सरकारी नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन ली थी

Sunday, 17 December 2017

चुनाव आयोग ने माना गुजरात में हुई है ई वी एम् हेक :सबूत के साथ सबसे बड़ा खुलासा,

जन उदय  जिस तरह सभी विपक्षी पार्टिया  यह कह रही है भाजपा ई वी एम् हैकिंग  का सहारा लेकर चुनाव जित रही है  जो न सिर्फ   गैर-कानूनी है बल्कि लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा  है , भगवा  गुंडों  के होंसले इतने बढ़ते  जा रहे है की उत्तर प्रदेश में पुलिस वालो  की पिटाई  हो रही है  उनकी हत्याए  की जा रही है बल्कि दिन रात गेंग  रेप  , हत्या , बलात्कार जैसी  घटनाए  बढती जा रही  है
हाल में  राजेस्थान में एक भगवा आतंकी शम्भु  नाम के युवक ने एक मुस्लिम युवा की हत्या कर उसको आग लगा दी और इसी क्रम  में आगे बढ़ते  हुए उसके समर्थको  ने कोर्ट  की  बिल्डिंग पर ही भगवा लहरा दिया  इस तरह की घटनाओं  ने लोकतंत्र  को  शर्मशार  कर  दिया है और कमाल की बात यह है इन दोनों घटनाओं में राज्य  की भाजपा सरकार ने कोई भी कड़ी  कार्यवाही  नहीं की है हां

  अगर गलित से य घटना किसी  ब्राह्मण   या राजपूत के साथ हुई होती  तो पुरे राज्य में इस वक्त सरकार द्वारा समर्थित  उत्पात  मचा  होता  और इन सब की  जड़  में है ई वी एम्
ई वी एम्  हैकिंग  की वजह से भाजपा आज २०१४  के चुनाव के जरिये केंद्र में  काबिज  है  और इसी कारण  देश में भगवा आतंक बढ़ता  जा रहा है लेकिन गुजरात चुनाव के दौरान खुद चुनाव आयोग ने यह स्वीकार कर लिया  है की चुनाव  में ई वी एम् मशीन हैक  की जा रही है और यही कारण रहा की राज्य में जहा जहा चुनाव  हो रहे थे  वहा पर चुनाव आयोग ने इन्टरनेट  सेवाए  बंद कर दी


इस बात का खुलासा  श्री के एल परमार   जो उप  चुनाव आयुक्त  है गुजरात  के उनके एक खत के लीक  होने के बाद हुआ है   और  इस खत की एक प्रति  जन उदय  के हाथ भी लगी  है  ,
यह खत  असली  है या नकली   खुद चुनाव आयोग ने इस बात की पुष्टि  नहीं की है हमारे सहयोगियो  द्वारा  पुष्टि  के प्रयास किये गए यकीन चुनाव आयोग से कोई जवाब नहीं मिला

Saturday, 6 May 2017

सहारनपुर में आर्य सवर्ण आतंकवादियो ने मूलनिवासियो के घर जलाए : सवर्ण प्रशासन ने दिया सवर्णों का साथ !

जन उदय :  ऐसे  वैसे कैसे  हो गए  , और कैसे कैसे , कैसे हो गए  अगर कोई इस कहावत  को समझना चाहता है तो उसे मानव सभ्यता के इतिहास और समाजिक परिवर्तन को बड़ी  बारीकी से समझना होगा की कैसे महलो में र्सहने वाले इस देश के मालिक मूलनिवासी  आज अपने ही देश में गुलाम हो गए है और कैसे  उन पर विदेशी  आक्रमणकारी  आर्य शासन कर रहे है .

एक वक्त था जब आर्य  इस देश में आये  तो रोटी  पानी के बदले इस देश में शरण  के बदले  उन्होंने कैसे  अपने साथ  लाये घोड़े और अपनी लडकिया   यहाँ के राजाओं  को गिफ्ट दिए और यही रहने  की गुहार की  जिसको  यहाँ के राजाओं  ने मान लिया  मूलनिवासी  और आर्य  लडकियो  की संताने  ही  आज  भी  इंडो-आर्यन प्रजाति  कहलाती  है लेकिन आर्यों ने अपनी धूर्तता  दिखानी शुरू  कर दी और १८०  ईसा  पूर्व  व्रह्द्स्थ जो की सम्राट अशोक  का पोता  था  उसे उसके  ही ब्राह्मण सेनापति पुश्मित्र  शुंग ने धोखे  से मार   दिया और इसके बाद बौध  लोगो  की हत्याए  करना शुरू कर  दिया  बौध लोगो का ये नरसंहार  भारत के इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार है . इसके बाद यहाँ के मूलनिवासी  गुलाम होते  चले गए और इनकी गुलामी को एक सांस्कृतिक  रूप  दे दिया गया  और मूलनिवासियो को वर्ण वाव्य्स्था के अधीन  ला दिया , वर्ण  यानी  रंग , यानी गोरे आर्य  और काले  मूलनिवासी  आर्य मतलब ब्राह्मण  बनिया  ठाकुर  इन्होने अपनी जोड़ी  बना ली और सदीओ   से अब तक  ये भगवान्  , अन्ध्विशाव्स   और मूलनिवासियो  की   अज्ञानता के सहारे  जीते  आ रहे है

आजादी के बाद भी  और आज तक भी  देश में रोज  हजारो  केस दलित उत्पीडन  के आते है लेकिन चूँकि  मूलनिवासी  अनपढ़  रहे इसलिए  सत्ता में नहीं आ पाए  , उच्च  पदों  पर नहीं आ पाए  सेना , पुलिस , प्रशासन  हर जगह इन आर्यों  का बोलबोला  है   और अगर कुछ  मूलनिवासी  आरक्षण  के  दम  से  अच्छी  नौकरी में आ भी गए तो उनको ऐसी  जगह सवर्ण  नहीं रहने देते की वो कुछ अपने समाज के लिए कर सके  और कुछ करते भी नहीं


अभी दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सवर्णों  ने दलितों  के बीस से जयादा घर जला दिए  और एक व्यक्ति  की हत्या कर दी  जिसका कर्ण सिर्फ इतना था की   सवर्ण यानी ठाकुर  बनिए , ब्राह्मणों के साथ  मिलकर दलितों  की बस्ती में डी  जे  बजा रहे थे  और गुंदगर्दी  कर रहे थे ,  दलित यानी  मूलनिवासियो  ने जब इसका विरोध किया तो सवर्णों  ने उनके घर जला दिए  और  आतंकी  हमला बोल दिया जिसमे एक व्यक्ति  की मौत  भी हो गई . 


स्थानीय  निवासी का कहना है की  ये सब पुलिस  की मौजदगी में हुआ  और उन्होंने  सवर्णों  का ही साथ  दिया , जिले  का डी  एम् जो  खुद सवर्ण  है नरेंदर  सिंह  ने  भी अभी तक सही ढंग  से कार्यवाही  नहीं की है हालांकि  मीडिया के सामने ये कह रहे है की कार्यवाही करेंगे  , कमाल  की  बात है सब कुछ सामने है तो फिर  कार्यवाही  क्यों  नहीं ?? , कारण साफ़ है जब से पुरे देश में भाजपा / संघ  की सरकार आई है तब से देश जगह  जगह  हिन्दू- मुस्लिम दंगे , गो-आतंकियो  के मूलनिवासियो  पर हमले , और मूलनिवासी  छात्रो  के दमन  हो रहे है .  उत्तर प्रदेश में  जब से  योगी  की  सरकार बनी यह  यह सब  अभूत बढ़ता  जा रहा है  कुल मिला कर पुरे देश में अशांति  फैली  हुई है  , ऐसे  लगता है देश में जल्द ही गृह युद्ध  होगा 

Wednesday, 23 March 2016

रोहित वेमुला संस्थानिक हत्या ::: ए बी वी पी और संघ ने फिर रचा हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में षड्यंत्र : की वी सी ऑफिस में तोड़ फोड़ इल्जाम दलित छात्रो पर

जन उदय : खबर  आ रही है की कन्हिया कुमार के  हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में जाने पर और रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या के खिलाफ पदर्शन को दबाने के लिए फिर से एक बार ए बी वी पी  और संघ ने  हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में षड्यंत्र रच दिया है

यह ज्ञात रहे की छात्र रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या और दोषीओ के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे है , जिसमे वाईस चांसलर अप्पाराव का इस्तीफा / निष्काशन शामिल है

रोहित वेमुला की हत्या के बाद से ही अप्पाराव को छुट्टी पर भेज दिया गया था  जिसके कारण सभी छात्र नाराज थे क्योकि छात्र अप्पाराव का निष्काशन चाहते है , लेकिन सरकार  ने न तो नया दिया रोहित वेमुला को और न ही उनकी कोई मांग मानी बल्कि अप्पाराव को दुबारा ड्यूटी पर बुला लिया  जिसके विरोध में छात्रो ने शांतिपूर्ण विरोध शुरू कर दिया

यह भी देखने वाली बात है की वी सी  ने कैंपस को छावनी में  तब्दील कर दिया है और छात्रो की हर सुविधा को खत्म कर दिया है जैसे बिजली , पानी ,  व्वाई फाई इत्यादि

इसके अलावा ३६ छात्रो को नजरबंद कर कहा भेज दिया गया है यह भी पता नहीं , छात्रो के बारे में पूछे  जाने पर पुलिस मना  कर रही है की छात्र का इनको नहीं मालूम ,

बताया   जा रहा है की वी सी ऑफिस को खुद ए बी वी पी छात्रो ने  तोड़ फोड़ दिया है  और इसका इल्जाम पदर्शन कारी  छात्रो पर लगाया गया है , इस तरह के षड्यंत्र  संघ  के लिए कोई नई बता नहीं है  जे एन यु षड्यंत्र  तो अभी भी जिन्दा है

यूनिवर्सिटी में हालात   इमरजेंसी की तरह हो गए है  ऐसा लगता है इस बार फिर दो चार दलित छात्रो की हत्या होगी 


ब्राह्मणवाद को यूं ही दुनिया की सबसे हिंसक, मानवद्रोही और क्रूर विचारधारा नहीं कहा जाता है.: हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में असवेंधानिक इमरजेंसी लगी

 ब्राह्मणवाद को यूं ही दुनिया की सबसे हिंसक, मानवद्रोही और क्रूर विचारधारा नहीं कहा जाता है.:
हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में असवेंधानिक इमरजेंसी लगी

जन उदय  न्याय के लिए आवाज क्या उठाई  संघ सरकार ने हर तरफ बर्बादी का मंजर बना दिया है
हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में 24 घंटे से बिजली बंद. पानी बंद, खाना बंद, ATM बंद. इंटरनेट बंद. बड़ी संख्या में गिरफ्तारी, लाठीचार्ज. छात्रों को झुकने के लिए मजबूर करने के वास्ते वह सब किया जा रहा है, जो युद्धरत सेनाएं भी नहीं करतीं.

यह भी ज्ञात हुआ है की पुलिस ने ३६ छात्रो को गैर कानूनी तरीके  से नजरबंद  आर दिया है जिसका जवाब जब जन उदय के सम्पादक  ने हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर से जानना   चाहा  तो जवाब नहीं दिया गया


ये बात गोर तलब है की रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या जो संघ सरकार ने प्रशासन के जरिये करवाई , इसने इस मामले को दबाने के लिए सिम्रिति इरानी ने संसद में दुनिया भर के झूट बोले वो भी एकदम फ़िल्मी स्टाइल में इसे बाद जे एन यु में  एक विवाद कराया गया जहा पर देशद्रोह के नारे लगे , ,अनेक छात्रो को जेल में दाल दिया गया , लेकिन बाद में हकीकत सामने आ गई की देशद्रोह के नारे खुद संघी छात्रो ने  लगाए थे

हम यह सब, वोट देते समय याद रखेंगे.
आखिरी बार, बीजेपी सरकार!
लोकतंत्र की चक्की है. समय लगता है पर पिसाई बहुत महीन होती है.
समझ रहे हो संघियों.
दूसरी तस्वीर में हैदराबाद में दमन के खिलाफ आज दिल्ली में मनुस्मृति ईरानी के दफ्तर पर प्रदर्शन.

लाशो की सडांध मार रही है मोदी सरकार : इसे साफ़ करो

लाशो की सडांध मार रही है मोदी सरकार : इसे साफ़ करो
जन उदय : इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता की  मोदी सरकार के आते ही बहुत से लोगो में ये आशा बंध गई थी की अब कुछ नया होगा  बेरोजगारी कम होगी , महंगाई कम होगी , और सुशासन  कम होगा

आते के साथ ही मोदी ने  नई नई योजनाये  लागू की , लेकिन विश्लेष्ण से यही पता  चला की ये पिछली सरकार की ही योजनाये  थी , यानी नई बोतल में पुरानी शराब , मोदी ने दुनिया भर की सैर भी की  जिस मीडिया  संस्थाओं ने मोदी  के चमचो से पैसे खाए  हुए थे , उन्होंने  हर संभव प्रयास किया की मोदी को कुछ अलग करके दिखाया जाए
सबने ये भी कहा की आते के साथ ही कोई भी कुछ नहीं कर सकता इसलिए मोदी को थोडा  समय  दिया जाए ,

लेकिन धीरे धीरे जनता का सब्र टूटने लगा और फिर महंगाई कम करने की बेरोजगारी कम करने की मांग करने लगे

लेकिन महंगाई कम होने की बजाय और बढ़ने लगी  मोदी सरकार हर  समस्या को कम करने और खत्म करने में नाकाम रही , दिल्ली की हार ने भाजपा और संघ को थोडा सा चेताया   लेकिन मोदी और भाजपा अपना संघ पापा के साथ जीत के नशे में चूर  रहे  सो परिणाम इनके सामने रहा
समस्या को दूर तो नहीं किया हाँ  दंगे करवाए गए जैसा की इनकी पुरानी आदत है , गोमांस के नाम पर हत्याए हुई , रोहति वेमुला की संस्थानिक  हत्या हुई  बावजूद इसके की पूरी दुनिया में भारत की बदनामी हुई है  मोदी सरकार अब तक रोहित वेमुला को न्याय नहीं देना चाहती बल्कि उल्टा  हैदराबाद  में छात्रो पर दुबारा लाठी चार्ज  हुआ है कई छात्र घायल हुए है , इसके बाद रोहित की मौत के मामले को दबाने के लिए जे एन यु का षड्यंत्र रचा गया   ये  षड्यंत्र ऐसा है की ऐसा पूरी दुनिया में कही नहीं हुई जबकि सरकार ने अपनी पूरी ताकत एक यूनिवर्सिटी को बंद करने , उसे बदनाम करने  और बर्बाद करने  में लगा दी है


इसके बाद अम्बेडकर के नाम पर मोदी मगरमछ के आंसू बहाते नजर आये  जिसमे मोदी ने कहा की आरक्षण को खरोच तक नहीं आएगी  लेकिन लेकिन संसद में आरक्षण के बिल को खुद ही रोका हुआ है  जिसमे नौकरी में प्रमोशन की बात है

और अब दुबारा से हैदराबाद में लाठी चार्ज करवाया जा रहा है , जे एन यु कन्हीय्या के  हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी पहुचते ही यूनिवर्सिटी को बंद करवा दिया गया

ये बात समझ से एकदम परे है की  पुरे देश दुनिया के विरोध के बावजूद संघ , मनुसिमृति इरानी आखिर क्यों दोषी छात्रो और वाईस  चांसलर को बचाना  चाहते है
बिहार यु पी हर जगह दलित बस्तिओ में आग लगाईं जा रही है ताकि दलितों को डराया  धमकाया  जा सके

ये सब वारदाते  मोदी सरकार की गन्दी नीतिओ और मानसिकता के कारण हो रही है  और अब इसमें से सड़ांध आ रही है  इसका एक ही निर्मूलन  है वह है संघ भाजपा मोदी सरकार का देश से सफाया  

Sunday, 6 March 2016

तानाशाह भाजपा अगला लोकसभा चुनाव हारी तो कर लेगी हथियारों के दम देश पर कब्जा

 हलांकि देश में भाजपा शासन का आना  ही देश का सबसे बढ़ा  दुर्भाग्य था लेकिन ये सारा  कार्य एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हुआ तो पुरे देश ने भाजपा को सम्मान की दृष्टि से देखा और नरेंदर मोदी को  प्रधान मंत्री के  रूप  में  दिल से स्वीकार  भी  किया
जिस तरह से किसी भी पार्टी से देश की जनता उम्मीद करती है उसी तरह जनता ने भाजपा  सरकार से भी उम्मीद की देश की टूटती  ,बिखरती अर्थ वाव्य्स्था को भाजपा  संभाल लेगी  और महंगाई , पर रोक लगायगी , दाम कम होंगे, पट्रोल के दाम कम होंगे  बेरोजगारी  कम होगी  और युवाओं को विकास के नए  रास्ते मिलेंगे .

लेकिन युवाओं के साथ और देश के साथ बहुत बढ़ा  धोखा  हुआ नरेंद्र मोदी सिर्फ भाषणों से और घोषणाओं से लोगो का दिल बहलाने लगे , कुछ समय तो देश की जनता भाषणों से से भी खुश नजर आये  , लेकिन फिर भी कुछ  न हुआ  , कुछ लोगो ने कहा  की भाजपा  सरकार को कुछ समय  देना चाहिए ताकि वो चीजो को समझ कर अर्थ वाव्य्स्था को सही दिशा में ले जा सके लेकिन दो साल बाद भी कुछ नहीं हुआ ,
अपनी नाकामयाबी को भाजपा समझ भी  रही  थी , हालांकि ऐसा नहीं है की भाजपा  ने कोशिश  नहीं की लेकिन शायद  उसकी सारी  कोशिशे  सब बेकार गई , यानी पिछले  दो सालो में भाजपा  पूरी तरह विफल   रही है .
अब भाजपा ने अपने पुराने तरीके भी इस्तेमाल करने शुरू कर दिए यानी राज्यों के आम चुनावों में साम्प्रदायिक  दंगे कराये गए , मुज्ज़फर नगर दंगे , इसके बाद दादरी में गोमांस को लेकर एक मुस्लिम व्यक्ति की हत्या  कराई गई ,  हर समय देश में एक असंतोष का माहोल बनता चला गया  उधर दूसरी तरफ  विश्विध्यालो में अपने लोगो को लाना और संघियो के प्रभाव को बढाने के लिए  प्रयास किये जाने लगे , मद्रास आई आई टी , हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविध्यालय  में रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या , दूसरी तरफ जे एन यू , पुणे फिल्म स्कूल , फिर इलाहाबाद विश्वविध्यालय में  ऋचा सिंह को प्रताड़ित किया जाने लगा , स्कूलों और कोलेजो में पाठ्यक्रम को बदलना , जे एन यू  की घटना ने तो पुरे विश्व को हिला दिया यही नहीं पुरे  विश्व में भारत की इमेज बहुत गन्दी हो गई 

कन्हिया के जेल से आने के बाद जो भाषण हुआ उसके बाद  कोई  उसकी जीभ  काटने की बात कर रहा है  , कोई उसकी  ह्त्या करवा   रही  है , कोई उसको  गोली मार  रहा है
कमाल की बात है की इस  तरह की बाते करने वाले खुल्ले आम अखबारों में और टीवी  चंनेलो में बैठे  बकवास कर  रहे है , और पुलिस प्रशासन घर बैठे इन्हें देख रहे है ,

जो लोग देश के माहोल  को खराब करने पर तुले है उनके खिलाफ  कोई भी कार्यवाही  नहीं  हो  रही  है , अगर  हालात ऐसे ही  रहे तो ऐसा लगता है की आने वाले वक्त में जब भाजपा सत्ता से बहार होने लगेगी  तो वो इस बात को बर्दास्त नहीं कर पायंगे और फिर भाजपा संघ के साथ मिल  कर एक हथियारबंद कब्जा देश पर करना  चाहेगी हालांकि  ये शायद आज के दौर में न हो पाए लेकिन हालात  ऐसे लग  रहे है की भाजपा अब सत्ता से बहार नहीं जाना चाहेगी  और इस कार्य के लिए चाहे दंगे हो चाहे दलितों की हत्या हो  या खुनी  खेल  भाजपा   किसी  बात से पीछे  नहीं हटेगी