Apni Dukan

Showing posts with label saharanpur. Show all posts
Showing posts with label saharanpur. Show all posts

Wednesday, 6 December 2017

भारत में २०२४ का चुनाव एस सी /एस टी / ओ बी सी और आर्य ब्राह्मण - सवर्ण आतंकवाद के बीच होगा

 भारत में २०२४ का चुनाव मूलनिवासी और आर्य आतंकवाद के बीच होगा
जन उदय : पूना पैक्ट   को बाबा साहेब अम्बेडकर ने सिर्फ इसलिए स्वीकार किया क्योकि उस वक्त दलित किसी  भ तरह की सत्ता सम्भालने के लायक नहीं थे यानी आर्थिक रूप से शिक्षा के स्तर से समाजिक रूप से संघठित नहीं थे इसलिए उन्होंने पूना पैक्ट को स्वीकार किया और उसके बदले दलित यानी भारत के मूलनिवासी जिन्हें एस सी एस टी ओ बी सी  कहा गया उनके लिए नौकरी ,शिक्षा राजनैतिक प्रतिनिधित्व मिले , और इस प्रतिनिधित्व को पूरा करने के लिए आरक्षण की वाव्य्स्था की गई . यानी आरक्षण सबसे  पहले कोई खैरात नहीं  क्योकि यह पूना पैक्ट के जरिये बाबा साहेब द्वारा एक बहुत बड़ा बलिदान दे कर मिला यानी यह खुद भारत पर एक अहसान था और  और कोंग्रेसी   गाँधी की नौटंकी से भी निपट लिया गया . अगर आज आरक्षण स्म्पाप्त किया जता है तो भारत में सरकार द्वारा पूना पैक्ट को लागू  करना होगा . दूसरा यह की अब्बा साहेब द्वारा यह देश को  विकसित करने , सभी का विकास करने और एकता बनाए रखने की एक बहुत बड़ी पहल थी , जबकि इसके उल्ट गांधी नेहरु – सावरकर , और अन्य संघियो  ने न सिर्फ देश को तोड़ने की वकालत की बल्कि  अंग्रेजो की सत्ता बनाए रखने की भी वकालत की  .

यहाँ एक बात साफ़ कर देना बहुत जरूरी है कि आर्य विदेशी आक्रमणकारी  है   और इस देश में रोटी पानी की  तलाश में आये थे , कालन्तर में ये शिक्षा के दम पर राज्य की गतिविधिओ में  शामिल रहने लगे  और लगभग  १८० बी सी में एक ब्राह्मण सेनापति  पुश्मित्र शुंग ने व्रह्द्साथ की हत्या कर शासन पर कब्जा कर लिया इकसे बाद पुष्यमित्र शुंग ने बौध  लोग को हत्याए की यहाँ तक की गर्भवती स्त्री का पेट फाड़ बच्चे की ह्त्या की  चौरासी  हजार बौध  स्तूप  और विहारों को तोड़  उनके मंदिर बनवाये और  बौध को शिक्षा और सम्पति से वंचित कर दिया  और इसके बाद २३०  ईसा बाद  तक ऐसे ग्रन्थ लिख लिए जिसमे अपने आपको भगवान का प्रतिनिधि  बताया  और सभी लोगो को अपने से निचे बताया और समाज को जाती में विभाजित कर यहाँ के मूलनिवासियो को नीच / शुद्र  चंडाल घोषित कर दिया , इसके बाद इम्होने मुस्लिम राजाओं को निमन्त्रण दे कर बुलाया  उनके दरबारों में रहे उनसे अपनी बेटियो की शादी की
बाबा साहेब के सपने १९५६ से टूटने शुरू हो गए जब  वामपंथी , संघी औ कोंग्रेस के रूप में छिपे  ब्राह्मण भेडियों  ने अपने रंग दिखाना  शुरू कर दिया , हिन्दू कॉड बिल का विरोध , स्त्री शिक्षा और सम्पत्ति के अधिकार का विरोध और ओ बी सी आरक्षण का विरोध  हुआ तो बाबा साहेब ने इस्तीफा दे दिया


 ब्राह्मण तीन  तरीके से दलित / मूलनिवासियो  को बर्बाद करने के षड्यंत्र में लगे रहे , संघी  आक्शन का विरोध करते रहे लेकिन हिन्दू कह कर इन्हें अपने दंगो का ईंधन बनाए रखा  यह बाद दलित बिलकुल समझ ही नहीं पाए की  अगर ब्राह्मण / संघी  हिन्दू कैसे हुए जो हिन्दुओ को मिलने वाली बेसिक सुविदाओ  का विरोध करते है  यानी आरक्षण का  विरोध ,  जब की मुल्सिम मुस्लिम के खिलाफ  आन्दोलन नहीं करता , सिख सिख के विरोध में आन्दोलन नहीं खड़ा करता  तो ये ब्राह्मण  हिन्दू  होने के बावजूद दलितों का विरोध कैसे करते है ??
यानी डरपोक ब्राह्मण  जब मुस्लिम से डरता तो दलितों को आज भी हिन्दू कहता है

खैर वामपंथी समानता का सपना दिखा इन्हें मार्क्सवाद के नाम पर छलता  रहा यानि दलितों का अपना कोई आन्दोलन या पार्टी न खड़ी  हो हमेशा इस कार्य में लगे  रहे  और कोंग्रेस  ने आगजनी , हत्या , जैसे हथियार अपनाए रखे
अब जब २०१७ है वामपंथी , कांग्रेस  और संघी एक समान कार्य करने वाले लोगो के आतंक से सिर्फ दलित ही नहीं बल्कि मुस्लिम   सभी परेशान और आतंकित है , बाबरी मस्जिद विध्वंश ,  गुजरात दंगे गोदरा काण्ड , सहारन पुर काण्ड , रोहित वेमुला हत्या , डेल्टा  मेघवाल हत्या , अख़लाक़ हत्या  और ऐसे हजारो केस फेक एनकाउंटर के , और मोदी योगी के दौर में  लगातार  सपा बसपा के लोगो की रोज हत्या , दलित और प्रगतिवादी  लेखको की हत्या गौरी लंकेश ,  कलबुर्गी  हत्याओं का दौर जारी  है . सबसे बड़ी  बात संघी शासन में लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है  लोकतंत्र के नाम पर ई वी एम् का इस्तेमाल   संघियो ने इसको एक ऐसा हथियार  बना लिया है जिसके जरिये  ये लोग अपने हक में जनमत दिखाते है लेकिन असल में इन लोगो ने लोकतंत्र की हत्या कर दी
जी एस टी  आर नोट्बंदी ने देश के आम आदमी  की कमर तोड़  दी है महंगाई , बेरोजगारी , गरीबी बेतहाशा  बढती जा रही है  अगर यह  कर्म और क्रम चलता रहा तो देश में आने वाले सम्स्य में ग्रह युद्ध लाज़मी  बन जाता  और और यही हलात है .

विदेशी  मूल के ब्राह्मण जिन्होंने  भारत पर कब्जा किया हुआ है ,इन्होने देश को विभिन्न जातिओ में  बांटा  हुआ है यह समझते है की इनके द्वारा फैलाए गए अंधविश्वास और  अज्ञानता हमेशा बना रहेगा  , ये सब कुछ खत्म हो जाएगा  और  अंतिम लोकतंत्रिक  चुनाव  २०१९ में या २०२४ में होगा और यह चुनाव  भारत के मूल निवासी  यानी एस सी एस टी ओ बी सी ,मुस्लिम और  विदेशी  आर्य आतंकी  ब्राह्मणों और सवर्णों  के बीच  होगा जो एक दम स्पष्ट रूप से होगा .

हलांकि इन्होने वक्त को समझते हुए हर चीज का भगवाकरण कर दिया है यहाँ तक की सेना , पोलिस , न्यायपालिका  जो हर तरीके से एससी  एस टी  ओ बी सी के खिलाफ काम करती है , लेकिन

इन लोगो ने भी जो वैचारिक क्रांति  के बीज डाले  है जल्द ही सामाजिक शान्ति , एकता भाई चारे और सबके विकास के लिए   ब्राह्मणों  का अंत जरूर कर देंगे  और तभी  भारत  सच में भारत बनेगा 
THE LAST DEMOCRATIC ELECTION IN INDIA ,  CIVIL WAR 

Sunday, 21 May 2017

भीम आर्मी के पदर्शन में पहुचे लाखो लोग : ये गृह युद्ध के लिए शुभ संकेत


जन उदय : सहारनपुर काण्ड   जिसमे  ठाकुरों ने पुलिस और प्रशासन की मदद से चमारो के २००  से जयादा घर जला दिए और जब चमार पुलिस  रिपोर्ट करने गए तो उलटा उन्ही  पर नाक्साली  होने के आरोप लगा दिए गए और उन्हें जेल में ठूंस दिया गया ,

ऐसा भारत के इतिहास में पहली बार नहीं हुआ है  क्योकि  सवर्णों  में  नुपुन्स्कता  धूर्तता  हमेशा से रही है   इसलिए  इसके विरोध में भीम आर्मी नामक संस्था ने आज जंतर मंतर  पर धरना  पदर्शन  किया  जिसमे लाखो  लोगो ने शिरकत  की 

इस आन्दोलन की ख़ास बात यह थी की  इसकी सिर्फ घोषणा की गई  थी इसके बाद  फेसबुक   और व्हात्सप्प  पर लोगो के बीच मेसेज  शेयर  हुए और लोग  बिना किसी पार्टी और नेता के अपने आप आ गए  दरसल  इनका आना यह बता दर्शाता  है की  देश के अंदर  अभी तक जातिवादी  जुल्म बंद नहीं हुए है और आज भी लोग सवर्णों  के जुल्मो के शिकार है . इस आन्दोलन की ख़ास बात यह थी


की इसमें देश केकोने कोने से लोग आये थे ,

दुनिया के देश मिश्र ,लीबिया , यूगांडा , रवांडा ,अफगानिस्तान इरान , ईराक और भी बहुत देश है जो गृह युद्ध के चपेट में रहे है ,और है कारण भेदभाव और दमनकारी निति सरकार ने इनके जबाने काटने तक की कोशिस की लेकिन जनता आखिर जनता है उसकी आवाज ही खुदा का फरमान होता है , शायद ये बात संघ और उसके घटक दलों को समझ नहीं आ रही है

जब से ये लोग सत्ता में आये है देश के गरीब मजदूर दलित -मुस्लिम लोगो का जीना मुस्किल हो गया है रोजगार से लेकर इंसान का जीना मुस्किल हो गया है शिक्षा स्वास्थ , कानून वाव्य्स्था हर चीज बेकार हो गई है कुल मिला कर आम आदमी का जीना मुस्ल्किल हो गया है, अखलाक , डेल्टा मेघवाल , रोहित वेमुला ,गुजरात में गो आतंकियो द्वारा आक्रमण , अलवर में मुस्लिम की हत्याए , उत्तर प्रदेश में लगातार दलितों की हत्याए कुल मिला कर इन्होने देश को नरक में तब्दील कर दिया है
और यही कारण है की अब लोग इनसे तंग आ गए है और ऐसा लगता है देश में जल्द ही एक गृह  युद्ध होगा




भारत में गृह युद्ध की वजह सिर्फ जातिवाद ही नहीं है कश्मीर , असाम, मणिपुर , पंजाब , तेलंगाना , आदिवासी समस्या देश के राजनैतिक तापमान को हमेशा उंचा बनाय रखते है


हालात बदल रहे है दलितों में मुसलमानों में रोष बढ़ता जा रहा है , और यह रोष अब धीरे धीरे इतना बढ़ रहा है की ये बहुत जल्द ही एक जातिय गृह युद्ध के चपेट में आने वाला है बहुत सारे दलितों ने कह दिया है की वो हद स हद दस बारह साल इन्तजार करेंगे इसके बाद मारेंगे या मरेंगे यानी देश में गृह युद्ध . इस बीच दलितों ने ब्राह्मणों और सवर्णों की मेपिंग करना शुरू कर दिया है यानी किस मोहल्ले में कितने ब्राह्मण राजपूत , बनिए है उनके पास क्या सम्पति है कितने हथियार है इस बात का सर्वे निजी तौर पर हो रहे है . निहत्थे कमजोर दलित कैसे सत्ताधारी ब्राह्मणों को समाप्त कर पायंगे इस पर एक दलित ने बताया की कौरव पांडव युद्ध में पांड्वो ने कौरव से खूब कहा की मान जाओ , हमें पांच सहर दे दो , पांच सहर नहीं तो पांच गाव दे दो पांच गाव नहीं तो पांच पद जमीन दे दो लेकिन सत्ताधारी कोरव जिनके पास सब कुछ सेना हथियार , सम्पदा वो भला किसी से यानी फकीरों से क्यों डरने लगे , अंजाम आज भी सबको मालूम है इसी तरह रावण ने भो सोचा की कैसे ये वनवासी मुझे जित लेंगे मेरे पास सब कुछ है , वर्तमान में कर्नल गद्दाफी का उधाह्र्ण देते हुए दलित युवक ने बताया की वो आदमी ज्सिका देश में कब्ज़ा था सेना उसकी थी , हथियार थे लेकिन कैसे मारा गया कुत्तो की मौत , वैसे ही ये संघी ब्राह्मण मारे जाएंगे 

AGAINST THE CASTE ATROCITY IN SAHARANPUR MEMBERS OF BHIM ARMY GETHERED AT JANATAR MANATAR , IT IS SIGN OF DALIT REVOLUTION IN INDIA , IT WILL LAST THE BRAHMANS IN INDIA , CIVIL WAR IN INDIA 

Friday, 19 May 2017

उत्तर प्रदेश में फैला जंगल राज : हर तरफ गुंडों का खौफ और आतंक : मुख्मंत्री योगी लाचार


जन उदय : जब से योगी ने उत्तर प्रदेश में ई वी एम् घोटाला  करके  सरकार  बनाई है तब से उत्तर प्रदेश  की कानून वाव्य्स्था  बाद से बदतर  होती जा रही है   हर तरफ गुंडों  का खौफ और आतंक  पसरा है ऐसा लगता है  उत्तर प्रदेश में कोई कानून नाम की चीज है ही नहीं बल्कि गुंडा  और जंगल राज  फ़ैल  गया है

योगी के  सरकार संभालने के साथ तीन बीस पी कार्यकर्ताओं  को की गोली मार कर हत्या  कर  दी गई

बीस दिन के अंदर ही   पन्द्रह  जगह पर   बीस पुलिस वालो पर हमले हुए जिसमे तीन पुलिस  कर्मी  मारे गए   मारे गए लोगो में एक एस एच  हो  शामिल  है  प्रदेश में   ह्त्या बलात्कार   लूट  की वारदातों  के  आंकड़े  ही   नहीं जुटा पा रही है  पुलिस और प्रशासन  क्योकि  इनकी संख्या लागतार तेजी  हो रही है , एक अंदाज के अनुसार  प्रदेश में  ७५  बलात्कार   रोज हो रहे है  और ३००  से जयादा छोटी  बड़ी  लूट  की घटनाए  हो रही है  और लगभग  १५३  क़त्ल  रोज हो रहे है जिसके कारण अलग अलग गई

पुरे देश को दहलाने वाली  घटनाओं में जौनपुर  के गब्बर सिंह  यादव  की हत्या है जिसमे पुलिस ने योगी सरकार के इशारे पर हत्यारों  को न तो गिरफ्तार किया  बल्कि  पुलिस   रिपोर्ट  भी नहीं लिखी  जब गब्बर  सिंह यादव के परिवार वाले सडक  पर लाश ले कर बैठ गए  तब २६  घंटे बाद  पुलिस  आई  रिपोर्ट  लिखने में  तीन दिन लग गए

इसके बाद  ऐसी घटना हुई जिसने देश ही नहीं  पुरे विश्व को हिला कर रख  दिया है और इसकी चर्चा   यूनाइटेड नेशन  में हो रही है  की भारत पर कैसे  कार्यवाही  की जाए इस पर विचार किया जा रहा है   वह सहारनपुर की घटना  जहा पर ठाकुरों  ने चमारो  के पुरे गाव को जला कर राख कर  दिया पुलिस  और प्रशासन ने  ठाकुर आतंकियो  का न सिर्फ साथ  दिया बल्कि जब ये चमार लोग  ठाकुरों  के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने गए   तो इन पर लाठी चार्ज  किया और इन्ही  पीड़ित लोगो  को जेल में ठूंस दिया और और  इन पर  राष्ट्रिय  सुरक्षा  जैसी  धाराए  लगा दी
इसके बाद  इसी तरह की घटना  मेरठ  में हुई जहा पर चमार  लोगो  को  ठाकुरों  की गोलिओ  का शिकार होना पढ़ा और इसमें भी पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं  की



तीसरी सबसे बड़ी घटना  मथुरा में हुई जहा पर  एक शोरूम  में  जा कर गुंडों ने दो व्यापारी  भाइओ  की गोली मार कर हत्या कर  दी  और करोडो  को लूट की  , यह घटन  मीडिया में सिर्फ इसलिए आ रही है  क्योकि  ये लोग बनिया समाज  की घटना है  

फतेहपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भूमाफियाओं पर नकेल कसने की बात करते हैं लेकिन उनके अधिकारी ही उनके दावों को पलीता लगाने में जुटे हैं. धरातल पर सब दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं. हकीकत फतेहपुर जिले में सदर कोतवाली क्षेत्र के बक्शपुर में देखने को मिली है. जहां दलित महिला के घर पर कुछ दबंगों ने कब्जा जमा लिया. पीड़ित परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी लेकिन वहां पर कोई सुनवाई नहीं हुई. पीड़िता अब एसपी से न्याय की गुहार लगाई है.
पीड़ित ने बताया कि वो मकान बनवाकर प्राइवेट जॉब के कारण दिल्ली चले गए थे तभी गांव के दबंगों ने मेरे मकान पर कब्जा कर लिया जिसकी शिकायत हमने थाने से लेकर एसपी साहब तक की लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. अगर न्याय नहीं मिलेगा तो छोटे से बच्चे को अनाथ आश्रम में छोड़कर मर जाएंगे.

वहीं इस मामले में डिप्टी एसपी समर बहादुर सिंह ने बताया कि एक महिला एसपी साहब के पास फरियाद लेकर गयी थी. जिसने अपने मकान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है. मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी.


अगर कुल मिला कर देखे तो प्रदेश में कानून वाव्य्स्था  इतनी लचर हो गई है  की कुछ कहा नहीं जा सकता की कब क्या हो  जाए प्रदेश का हर नागरिक खोफ  में है लेकिन योगी  मीडिया  की मदद  से ऐसे  दिखाने की कोशिस  कर रहे है की जैसे कुछ हुआ ही नहीं  है 
deteriorating condition of law & order 

Thursday, 18 May 2017

बदनाम कर रहा ही ब्राह्मणवादी मीडिया भीम आर्मी को : कातिलो की जगह ,पीडितो को जेल में बंद कर रही है

बदनाम कर रहा ही ब्राह्मणवादी मीडिया भीम आर्मी को : कातिलो की जगह ,पीडितो को जेल में बंद  कर रही है  
जन उदय : सहारनपुर में ठाकुरों ने दलितों की बस्ती में हुड-दंग किया या के युवाओं की महिलाओं की बुजुर्गो की पिटाई की , इसके बदले में पुलिस ने अपनी जातिवादी मानसिकता के चलते ठाकुरों पर कोई कारवाही नहीं की डी एम् भी चुप रहा इसी बीच वीर बहादुर ठाकुरों ने २० से जयादा निहत्थे चमारो को तलवारों से घायल कर दिया . लेकिन फिर भी पुलिस वालो ने कोई कार्यवाही नहीं की इस पर चमारो ने पुलिस की गाडिया जला दी और चौकी को आग लगा दी .

इसके बाद पुलिस और प्रशासन मीडिया में इस तरह की गलत बयानबाजी कर रहा है की सारी फसाद की जड़ भीम आर्मी है



कमाल की बाते देखो :

१.     पुलिस प्रशासन यानी एस एस पी दुबे और डी एम् नरेंदर सिंह , जो ठाकुर है ने ठाकुरों को दंगा करने से नहीं रोका , पुलिस के होते हुए भी मौके पर पुलिस नहीं भेजी
२.     दंगाई ठाकुरों के खिलाफ जिन्होंने निर्दोष बच्चे , बुजुर्गो को तलवारों से मारो उनके खिलाफ कार्यवाही नहीं की
३.     जब भीम आर्मी ने इनके खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव डाला तो इनके ही खिलाफ मुकदमा बना दिया
४.     पुलिस कहती है की भीम आर्मी ने अपना ग्रेट चमार का बोर्ड लगा रखा है जिससे ठाकुरों को ऐतराज है .. तो कोई इनसे पूछे क्या बोर्ड लागना अपराध है ?? और इस बोर्ड से ठाकुरों को क्या जलन है ?? यानी हमेशा डरे , इनको सलाम ठोके तो सही वर्ना उपद्रवी ?? या इन लोगो के नाम से सब कुछ हो
५.     इतनी घटना के बाद मीडिया ने सही ढंग से रिपोर्टिंग नहीं की
६.     मीडिया पर सरकार ने दबाव डाला खबर न दिखाए
७.     दंगाईओ के लिए प्रशासन की तरफ से हथियारों की सुविधा मिली
८.     घायल चमारो को इलाज तक नहीं होने दिया जा रहा

अब कोई बताये क्या अपनी रक्षा करना अपने आत्म-सम्मान की रक्षा करना अपराध है ??
इन्ही ठाकुरों ने जब ये लोग बाबा साहेब की मूर्ति लगा रहे थे तो मूर्ति नहीं लगने दी इन लोगो ने सरेआम गुंडागर्दी की जब भी जातिवादी मानसिकता के पुलिस प्रशासन ने ठाकुरों की मदद की .

इन्ही चमारो को मुसलमानों से लड़वाने के लिए आर एस एस नाम के आतंकवादी संघठन ने २० अप्रैल को कोशिस की कमाल की बात ये है जब इनको डर लगता है तब ये लोग चमार भंगी को हिन्दू हिन्दू कहने लग जाते है . वर्ना इसके बाद इन्हें अछूत बना कर हमला करते है भेदभाव करते है . सहारनपुर उत्तर प्रदेश या गुजरात या अन्य स्थानों पर यह रोज होता है लेकिन तब कोई आगे नहीं आता

सहारनपुर में भीम आर्मी के लोगो ने जो किया यह बात पुरे देश के दलित समाज को काफी प्रेरित कर रही है , और लाखो करोडो लोग भीम आर्मी में जाना चाहते है . इनका मानना है की आर एस एस जैसे संघठनो और अन्य ठाकुर बनिए ब्राह्मणों की जातीय गुंडागर्दी रोकने में कामयाब होगा और इस देश पर फिर से मूलनिवासियो का वर्चस्व होगा और पुरे देश में फैली अमानिविय प्रथाए खत्म होंगी



Bhim army , the great Chamar , RSS , Caste system ,caste atrocity in India , RSS, terrorism in India

Saturday, 6 May 2017

सहारनपुर में आर्य सवर्ण आतंकवादियो ने मूलनिवासियो के घर जलाए : सवर्ण प्रशासन ने दिया सवर्णों का साथ !

जन उदय :  ऐसे  वैसे कैसे  हो गए  , और कैसे कैसे , कैसे हो गए  अगर कोई इस कहावत  को समझना चाहता है तो उसे मानव सभ्यता के इतिहास और समाजिक परिवर्तन को बड़ी  बारीकी से समझना होगा की कैसे महलो में र्सहने वाले इस देश के मालिक मूलनिवासी  आज अपने ही देश में गुलाम हो गए है और कैसे  उन पर विदेशी  आक्रमणकारी  आर्य शासन कर रहे है .

एक वक्त था जब आर्य  इस देश में आये  तो रोटी  पानी के बदले इस देश में शरण  के बदले  उन्होंने कैसे  अपने साथ  लाये घोड़े और अपनी लडकिया   यहाँ के राजाओं  को गिफ्ट दिए और यही रहने  की गुहार की  जिसको  यहाँ के राजाओं  ने मान लिया  मूलनिवासी  और आर्य  लडकियो  की संताने  ही  आज  भी  इंडो-आर्यन प्रजाति  कहलाती  है लेकिन आर्यों ने अपनी धूर्तता  दिखानी शुरू  कर दी और १८०  ईसा  पूर्व  व्रह्द्स्थ जो की सम्राट अशोक  का पोता  था  उसे उसके  ही ब्राह्मण सेनापति पुश्मित्र  शुंग ने धोखे  से मार   दिया और इसके बाद बौध  लोगो  की हत्याए  करना शुरू कर  दिया  बौध लोगो का ये नरसंहार  भारत के इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार है . इसके बाद यहाँ के मूलनिवासी  गुलाम होते  चले गए और इनकी गुलामी को एक सांस्कृतिक  रूप  दे दिया गया  और मूलनिवासियो को वर्ण वाव्य्स्था के अधीन  ला दिया , वर्ण  यानी  रंग , यानी गोरे आर्य  और काले  मूलनिवासी  आर्य मतलब ब्राह्मण  बनिया  ठाकुर  इन्होने अपनी जोड़ी  बना ली और सदीओ   से अब तक  ये भगवान्  , अन्ध्विशाव्स   और मूलनिवासियो  की   अज्ञानता के सहारे  जीते  आ रहे है

आजादी के बाद भी  और आज तक भी  देश में रोज  हजारो  केस दलित उत्पीडन  के आते है लेकिन चूँकि  मूलनिवासी  अनपढ़  रहे इसलिए  सत्ता में नहीं आ पाए  , उच्च  पदों  पर नहीं आ पाए  सेना , पुलिस , प्रशासन  हर जगह इन आर्यों  का बोलबोला  है   और अगर कुछ  मूलनिवासी  आरक्षण  के  दम  से  अच्छी  नौकरी में आ भी गए तो उनको ऐसी  जगह सवर्ण  नहीं रहने देते की वो कुछ अपने समाज के लिए कर सके  और कुछ करते भी नहीं


अभी दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सवर्णों  ने दलितों  के बीस से जयादा घर जला दिए  और एक व्यक्ति  की हत्या कर दी  जिसका कर्ण सिर्फ इतना था की   सवर्ण यानी ठाकुर  बनिए , ब्राह्मणों के साथ  मिलकर दलितों  की बस्ती में डी  जे  बजा रहे थे  और गुंदगर्दी  कर रहे थे ,  दलित यानी  मूलनिवासियो  ने जब इसका विरोध किया तो सवर्णों  ने उनके घर जला दिए  और  आतंकी  हमला बोल दिया जिसमे एक व्यक्ति  की मौत  भी हो गई . 


स्थानीय  निवासी का कहना है की  ये सब पुलिस  की मौजदगी में हुआ  और उन्होंने  सवर्णों  का ही साथ  दिया , जिले  का डी  एम् जो  खुद सवर्ण  है नरेंदर  सिंह  ने  भी अभी तक सही ढंग  से कार्यवाही  नहीं की है हालांकि  मीडिया के सामने ये कह रहे है की कार्यवाही करेंगे  , कमाल  की  बात है सब कुछ सामने है तो फिर  कार्यवाही  क्यों  नहीं ?? , कारण साफ़ है जब से पुरे देश में भाजपा / संघ  की सरकार आई है तब से देश जगह  जगह  हिन्दू- मुस्लिम दंगे , गो-आतंकियो  के मूलनिवासियो  पर हमले , और मूलनिवासी  छात्रो  के दमन  हो रहे है .  उत्तर प्रदेश में  जब से  योगी  की  सरकार बनी यह  यह सब  अभूत बढ़ता  जा रहा है  कुल मिला कर पुरे देश में अशांति  फैली  हुई है  , ऐसे  लगता है देश में जल्द ही गृह युद्ध  होगा