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Saturday, 28 May 2016

आने वाली नस्ले हमें माफ़ नहीं करेंगी , यह कह कर , उस वक्त तुम क्या कर रहे थे जिस वक्त संघ काल में में इंसानियत शर्मशार हो रही थी ,भगवा आतंक बढ़ रहा था


जन उदय : किसी भी देश का इतिहास   एक जैसा नहीं रहता , न उसमे हुक्म करने वाली हुकूमते एक रहती है  वक्त का पहिया हर किसी को कुचल आगे निकल जाता है , और एक  नए समाज को जन्म देता है  नये लोगो को इतिहास में भागीदार  और खिलाड़ी  बन्ने के लिए  आमंत्रित  करता है .

भारत  का इतिहास भी कुछ ऐसा ही रहा है , यहाँ लोग  और हुकूमते  आती रही जाति   रही , कई  परोपकारी   और कई  अत्याचारी  शासक  आये और चले गए . जब भी इस देश में जुल्म हुआ है  ये सिर्फ उस व्यक्ति की ताकत नहीं होती जो अत्याचार करने के लिए आगे बढ़ता  है बल्कि  उन लोगो की बहुत बढ़ी  गलती होती है जो लोग  इस बदलते मंजर को खामोशी से खड़े देखते रहते है और अपने आप को वक्त के पहिये के निचे बिना कुछ कहे  कुचल  जाते है
भारत के जिस दौर में हम आज गुजर रहे है   ये सच में एक बहुत बड़े  संकट का समय है और यह संकट है भारत में भगवा आतंकवादियो  की सरकार कहने को तो इस सरकार बन्ने में पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया  का पालन हुआ लेकिन इस प्रक्रिया में इतनी गडबडी  हुई की सभी लोकतांत्रिक शक्तिया  आवाक  रह गई और अंत में लोकतांत्रिक जंग में भारत के मानवतावादी शक्तियों  की हार हुई

इस भगवा सरकार बन्ने  के बाद शुरू से ही इन लोगो ने अपने आतंकी होने के प्रमाण देने शुरू कर दिए अपने देशद्रोही इरादों  को नजाम देना शुरू कर दिया  इसकी शुरुआत  गंगा  बचाओ आन्दोलन के नाम पर २०० करोड़  , बनारस के पंडो  के लिए ५६ करोड़ , और अन्य  ऐसे कार्य करना शुरू कर दिया


इन भगवा लोगो का काम सबसे पहले शिक्षा  संस्थानों  पर अपना कब्जा ज़माना था सो इन्होने पुणे फिल्म स्कूल हैदराबाद  यूनिवर्सिटी में रोहित वेमुला  की संस्थानिक  हत्या  मद्रास आई आई टी  में संघी आतंक  डेल्टा मेघवाल की हत्या , जे  एन यु    षड्यंत्र , मुजफ्फर नगर दंगे ,  गोमांस को लेकर आतंक , आदि
इन लोगो के द्वारा लोकहित के वादे सब फ्लॉप हुए देश कर्ज  और  पतन के गर्त में जाना  शुरू कर दिया हालांकि ये बात सबको मालूम थी की ये सब देशभक्ति के वादे सब झूठे है लेकिन सभी प्रगतिवादी  शक्तिया कुछ न कर पाई . और न ही कर पा रही है

इन लोगो ने पुरे देश में खुला  आतंक फैलाया हुआ है ,गरीबी महंगाई , बेरोजगारी बढती  ही जा रही है और ऐसा लगता नहीं की आगे कुछ रुक जाएगा   इसके विपरीत  मोदी के चहेते  सारे  पूंजीपति  खूब मुनाफ़ा  कमा रहे है  रेलैएंस का तिमाही  मुनाफ़ा  ४ से ६.५ हजार करोड़ पहुच गया है इसी तरह अधानी का मुनाफ़ा  ७५ ५ बढ़ गया है कमाल की बात यह है की सारी सरकारी संस्थाए घाटे में और आई सी यु में पहुच गई है इस बात को खुद  सरकारी  लोग मानते है  जिस जी डी पी का हवाला  दिया जा रहा है  उसमे रिटेल  और गरीबो का कितना हक है  इसका कोई  जवाब सरकार के पास नहीं है क्योकि ये सब भ्रम है . लगातार किसान आत्महत्या  कर रहे है , अपराधो  की संख्या  ४०० %  बढ़  गई है कमाल की बात यह है की इसमें दलितों के प्रति अपराध ३०० % से जयादा बढे  है , इनकी हत्याए बलात्कार लगातार बढ़  रहे है

 हमें इतनी उम्मीद नहीं थी की  देश इस तरह पतन के गर्त में चला जाएगा इसी कारण न जाने क्यों मन एक तनाव रहता है  क्योकि इस सरकार का असर आने वाली नस्लों  तक होगा और नसले हमसे पूछेंगी  की जब ऐसे लोग देश में आये तो आप लोग क्या कर रहे  थे ??  जवाब ये तो बिलकुल नहीं हो सकता हमसे गलती  हो गई या हम इन लोगो  को पहचान नहीं पाए ??  नहीं हम लोगो  को अपनी गलती मान ली चाहिए और ये स्वीकार करना चाहिए की  हम नाकामयाब हुए  ,


चाहे कुछ भी रहे लेकिन हम आने वाले वक्त में ऐसा नहीं होने देंगे  सभी लोगो  को  एकजुट करना होगा और अपने देश को बचाना होगा  इस देश की आने वाली नस्लों  को बचाना  होगा 

Friday, 20 May 2016

चिंता मत करो अभी टीना डाबी का विरोध कर रहे है ,जब फटेगी आयंगे दलितों का गू खाने और मूत पीने संघी हिन्दू हिन्दू कह कर


जन उदय : दुनिया में कोई भी शायद ऐसा प्राणी  या जानवर नहीं होगा जो ब्राह्मण से जयादा  जहरीला  , गद्दार  और देश्द्रोहो हो

अब टीना डाबी जो एक  दलित लड़की है और सिविल सर्विस परीक्षा में पुरे भारत में टॉप पर आई है , यह देख कर   ब्राह्मणों  की  छाती पर सांप  लोटने लगे है , दरअसल  इनसे यह सफलता  हजम नहीं हो  रही है ,


इस अंकित श्रीवास्तव नामक गधे ने न तो अपने मैंन एग्जाम के मार्कस बताये, न टोटल मार्कस. ये गधा अचयनित रहा, फिर भी अपनी तुलना UPSC Topper से कर रहा है. जिस व्यक्ति का चुनाव नहीं हुआ, वह अपनी तुलना मेरिट लिस्ट में सबसे नीचे वाले व्यक्ति से तो कर सकता है पर किसी अन्य से नहीं और Topper से तो बिल्कुल नहीं. इस जैसे बेवकूफ भी IAS बनना चाहते हैं, जिनको यही नहीं मालूम कि वे कह क्या रहे हैं?

टीना डाबी ने भले ही कैटेगरी SC choose की हो पर मार्क्स तो सबसे अधिक हैं. दूसरे स्थान पर आने वाले अभ्यर्थी के मार्क्स से काफी ज्यादा. टीना को टोटल 1063 अंक मिले, जबकि अतर आमिर उल-सफी खान (2nd Top) को 1018 अंक मिले. फिर ये अंकित श्रीवास्तव नामक बेवकूफ की बात कहीं स्टेंड नहीं करती.  इस अंकित नामक गधे का उद्देश्य आरक्षण को कोसना मात्र है.


Thursday, 19 May 2016

जानिये ब्राह्मण संघियो के आदर्श सिर्फ डरपोक , देशद्रोही ,गद्दार ही क्यों होते है ?


जन उदय : अगर आप ब्राह्मणों का इतिहास देखे तो ये बात वैज्ञानिक रूप से साबित है की ब्राह्मण इस देश में विदेशी हमलावर है  और इन्होने इस देश के साथ जितनी गद्दारी , मक्कारी  और देशद्रोह किया है इतना बड़ा  उधाह्र्ण  पूरी दुनिया में कही नहीं मिलेगा

इन लोगो ने धोखे से  सत्ता  अपना कर इस देश के मूलनिवासियो को  सामाजिक , शेक्षिक  और आर्थिक रूप से वंचित कर दिया  और इस व
जह से ये लोग शारीरिक  और मानसिक   रूप से भी गुलाम हो  गए ,
लेकिन सत्ता के बदलते क्रम में जब इस देश में मुस्लिम शासक  आये तो ये लोग मुस्लिम लोगो के साथ हो गए और सत्ता में बने रहे , मुस्लिम से अपनी जान बचाने के लिए मुस्लिम राजाओं से अपनी बहन बेटियो की शादी  की  और उसके बदले में अपने प्राण  पाए . यह कहा जाता है की मुस्लिम राजा गैर मुस्लिम लोगो पर जजिया कर  लगाते थे , लेकिन कमाल की बात है इन ब्राह्मणों  पर कोई टैक्स या कर  नहीं लगता था

इसके बाद अंग्रेज आये तो ये लोग अंग्रेजो के साथ भी हो गए उनके हर काम में उनके साथ रहे  , बल्कि ऐसा हुआ की ४० करोड़ की आबादी के इस देश को चलाने के लिए  ब्राह्मण शक्ति  पूरी तरह से अंग्रेजो के साथ थे , बल्कि तिलक , सावरकर , गोविलकर , हेडगवार  , जैसे लोग अंग्रेजो के साथ थे

अब आजादी के बाद सत्ता  पूर्ण रूप से ब्राह्मणों  के हाथ आ गई है
  ये लोग अपनी आदत के अनुसार फिर इस देश से गद्दारी में लगे है  यहाँ तक की ये लोग  अपना वर्चस्व फैलाने के लिए अब ने ने प्रपंच रच रहे है कभी लव जिहाद , कभी गोमांस , कभी राष्ट्रवाद ,  दरअसल  ये लोग पुरे देश के लोगो को हिन्दू नाम से भ्रम में रखना चाहते है ये नहीं चाहते की जनता को इनकी असलियत  पता  चले इसलिए ये लोगो को उलझा कर रखना चाहते है

ये वो डरपोक और गद्दार लोग हबी जो हिन्दू नाम का कवच  पहने हुए है और देश की ९३ % आबादी को बेवकूफ बनाए हुए है

इनके आदर्श भी वो लोग है जो डरपोक  गद्दार और देशद्रोही रहे है बाजपाई , सावरकर , राना प्रताप , तिलक  आदि



Tuesday, 10 May 2016

ब्राह्मण इसी तरह देशद्रोही और गद्दार नहीं है , जिस तरह अमरीका मुसलमानों का दुश्मन नहीं है

जन उदय : अगर कोई कहे की अमरीका  दुनिया का  बहुत बड़ा  उदार देश है वह  दुनिया में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर  रहता है , दुनिया में मजलूमों की साहयता के लिए सबसे पहले कदम आगे बढाता  है . दुनिया में मुसलमानों में जो भ्रम है की अमरीका मुसलमानों का दुश्मन है ये सब गलत है . तो जनाब ये उपर लिखी बाते ही गलत है . अमरीका दुनिया का वह देश है जो सिर्फ सपने फायदे के लिए किसी भी हद तक उतर सकता है जिसका नज़ारा पूरी दुनिया जापान पर बम्ब गिराने से लेकर अरब देशो में तेल पर कब्जा करने के लिए सद्दाम हुसैन की हत्या  और इरान ,ईराक ,अफगानिस्तान और अन्य देशो में आतंकवाद को फैला कर अपना उल्लू  सीधा कर रहा है

अब कोई कहे की आर एस एस एक राष्ट्रवादी संघठन है , ये जो करते है देश के लिए करते है देश के लिए अपनी जान भी दे देते है , ये भारत को एक ऐसा खुशहाल देश बनाना  चाहते है जिसे दुनिया देख कर जले , ये भारत में सभी आर्थिक और सामाजिक असमानता  और भेदभाव खत्म करना चाहते है  ताकि सभी लोग समान  रूप से रह सके शिक्षित  हो सके , . की ब्राह्मण देश में एकता लाना चाहते है ,  ये सबको सामान अधिकार देना चाहते है , ये लोग समाज में फैला  अंधविश्वास खत्म करना चाहते है , सभी धर्मो के लोगो के साथ मिल जुल कर प्यार  से सोहार्द  से रहना  चाहते है .. तो जनाब लिख लीजिये ये सब बाते भी एकदम  गलत है , क्योकि सबसे पहले ब्राह्मण देशभक्त नहीं बल्कि विदेशी हलवार   और देश का सबसे बड़ा  गद्दार है , ये लोग यहाँ हमलावर की तरह आये और आजतक इस देश से गद्दारी कर रहे है , इसके अलावा ये देश में फैली अशिक्षा  और सामाजिक बुराई को फैलाना  चाहते है ताकि लोग अज्ञानता के चलते इनके मानसिक गुलाम बने रहे . देश में समाज में फैली असमानता चाहे वो आर्थिक और या सामाजिक हर बिमारी के जनक  ,उसके रक्षक  और पोषक  यही लोग है ये लोग कभी नहीं  चाहते देश कभी तरक्की करे  इन्हे सिर्फ़ अपना फायदा दिखाई  देता है


दंगा , जातिय  हिंसा , ये सबको बनाए रखना चाहते है  , इनका तिहास  देस्खे तो हम ये ही पायंगे की ये लोग इस देश के सबसे बड़े गद्दार है और देशद्रोही है  

Tuesday, 26 April 2016

देखिये संघ समर्थक जे एन यु के संघी प्रोफसर कैसे दे रहे है आतंकवाद को बढ़ावा


जन उदय : जे एन यू काण्ड , यानी बी जे पी के छात्र विंग  के साथ मिलकर जो षड्यंत्र मीडिया के कुछ न्यूज़ चैनल ने  चलाया था .

यह बात संसद रहे की देश की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जहा पर वाम विचारधारा का वर्चस्व है उसको बर्बाद करने के लिए संघ , भाजपा ने अपने छात्र विंग के साथ एक षड्यंत्र  चलाया  था जिसमे एक डॉक्टरेड विडियो सभी संघी चैनल पर चलाया गया जिसमे दिखाया गया की जे एन यु के वामपंथी छात्र देशद्रोही  नारे लगा रहे है , जो विडियो बाद में जब जांच हुई फर्जी साबित हुआ
यह घटना  देश के सबसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी  और इस घटना ने देश को पूरी दुनिया में बदनाम किया

इसी घटना के सन्दर्भ और उसी से जुडी घटनाओं के लिए
9 फरवरी को जेएनयू में हुई घटना को लेकर एक जांच पैनल ने उमर खालिद और कन्‍हैया कुमार को अलग अलग सजा दी है. उमर खालिद को एक सेमिस्टर के लिए सस्पेंड कर दिया गया है साथ ही 20 हजार रुपए जुर्माना भरने को कहा है. जबकि जेएनयू स्‍टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार को दस हजार रुपए जुर्माना भरने को कहा गया है.

दोनों ही छात्र नेता यूनिवर्सिटी नियमों के तहत अनुशासनहीनता के दोषी पाए गए हैं. बता दें कि इस मामले में मुजीब गट्टू को भी एक सेमेस्टर के लिए निलंबित किया गया है. अनिर्बान भट्टाचार्य को 15 जुलाई तक निलंबित किया गया है. साथ ही अनिर्बान 23 जुलाई से अगले पांच साल तक जेएनयू से कोई भी कोर्स नहीं कर सकेंगे.

इसमें कमाल की बात यह है की  जो दोषी छात्र थे यानी ए बी वी पी के छात्र  , बी जे पी के नेता   और न्यूज़ चैनल उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है , जबकि कॉलेज  प्रशासन को चाहिए  था की वो इन संघी छात्र समेत सभी न्यूज़ चैनल पर भी कार्यवाही करे  लेकिन ऐसा न हो कर उलटा पीड़ित  छात्रो को ही और प्रताड़ित  किया जा रहा है


इसमें बताया  जा रहा है  जांच कमिटी का अध्यक्ष  भटनागर  संघ समर्थक और आरक्षण विरोधी  है जो इसी तरह की अन्य देशविरोधी घटनायो में शामिल रहता है 

Thursday, 21 April 2016

ब्राह्मण आतंकवादियो के अच्छे दिन शुरू : धीरे धीरे छूट रहे है जेल से : राज आदिवाल

अब तो मैं बड़े जोर से कहूंगा सबसे बड़े आतंकवादी ब्राम्हणवादी ब्राम्हणवादी !!मोहन भागवत ने आरएसएस के ब्राम्हणो को बम ब्लास्ट के काम पर लगाया अब बीजेपी आरएसएस की सत्ता आयी है तो उन आतंकवादी ब्राम्हणो को मोहन भागवत केवल बचा ही नहीं रहा है तो उन्हें महानता की खिताब भी दिया जा रहा है।मैं इस बात की कड़ी आलोचना करता हु !!इस तरह अगर हो रहा है तो देश में ब्राम्हणो को रहना मुश्किल हो सकता है !!इसी कर्नल प्रसाद पुरोहित ने गुप्त मीटिंग लेकर कहा था की हमें इस देश से भारत संविधान खत्म करके मनुस्मृति का राज लाना है !!

ब्राम्हण आतंकवादी है यह बात प्रमाणित हुयी !!न्यायपालिका में भी ब्राम्हण बैठे है ,ब्राम्हणो का जुडिशियल कैरक्टर नहीं होता इस लिए ब्राम्हण न्याय पालिका में ब्राम्हण नाते बैठने लायक नहीं है !निकलो बाहर मकानों जंग लढो बेईमानो से !!भारत मुक्ति मोर्चा लड़ेगा देशव्यापी आंदोलन !!जय मूलनिवासी !!देखे खबर :समझौता ब्लास्ट मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को NIA ने दी क्लीन चिटअंतिम अपडेट: बुधवार अप्रैल 20, 2016 समझौता ब्लास्ट मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को NIA ने दी क्लीन चिट लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित

नई दिल्ली: मालेगांव धमाकों के आरोपी कर्नल पुरोहित को एनआईए ने समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाके के मामले में क्लीन चिट दे दी है। बताया जा रहा है कि मालेगांव में भी एनआईए की जांच सवालों से घिरी है। एनडीटीवी को मिली जानकारी के मुताबिक, कर्नल पुरोहित को समझौता धमाके में क्लीन चिट दे दी गई है। एनआईए के डीजी का कहना है कि पुरोहित का नाम कभी इस मामले में आया ही नहीं।कर्नल पुरोहित ने भी रक्षा मंत्रालय में अर्जी देकर अपने सम्मान बहाली कीमांग की है।
मालेगांव मामले में भी कई अहम गवाहियों का पता नहीं है, जबकी समझौता धमाकों में भी 165 गवाहों में से 22 गवाह पलट चुके हैं। 

दरअसल, 2006 के मालेगांव धमाकों में 37 लोगों की मौत हुई।2007 के समझौता धमाके में 68 लोग मारे गए। इन धमाकों के लिए पहले लश्कर और सिमी को जिम्मेदार बताया गया और फिर अभिनव भारत को, लेकिन समझौता धमाकों मे एनआईए अब नए सिरे से इस मामले में यू-टर्न लेती दिख रही है।आरिफ कासमानी की तलाशइस बीच एनआईए ने इस सिलसिले में आरिफ कासमानी नाम के एक शख्स की तलाश शुरू कर दी है। एनआईए के मुताबिक, आरिफ कासमानी वह शख्स है, जिसने समझौता धमाके की फंडिंग की। भारत ने अमेरिकासे इस बारे में मदद मांगी है।


एनआईए के मुताबिक, अमेरिकी सरकार की ओर से 2010 में इस शख़्स की जानकारी मिली थी।जब जब बीजेपी सत्ता में आती है तो ऐसा ही होता है : तारिक अनवरएनसीपी नेता तारिक अनवर ने कहा, जब बीजेपी की सरकार केन्द्र में आती है तब यही सब होता है। धीरे-धीरे सभी आरोपी इस मामले में छूट जाएंगे।सरकार किसी पर दबाव नहीं डालती : 

रिजिजूकेंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सफाई दी है कि हमारी सरकार किसी पर दबाव नहीं डालती। मगर एक जांच के भीतर इतने सारे यू-टर्न हैरान करने वाले हैं। दरअसल, केंद्र में जब जब सरकार सरकार बदली तब तब जांच एजेंसियां संवेदनशील मामलों में अपना रुख बदल लेती हैं। चाहे वह एटीएस हो या सीबीआई या फिर NIA

वचन है नहीं पड़ने देंगे गरीब ,दलित ओ बी सी को यु जी सी नॉन नेट फ़ेलोशिप जारी रहने का सच , धूर्तता से भरी चाल ,कर दिया देश को गुमराह

 जन उदय :  देश के सभी शिक्षा संस्थानों के गरीब ओ बी सी छात्रों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है की उनके द्वारा किये गए प्रयासों से सरकार यु जी सी की नॉन नेट फ़ेलोशिप जारी रखने के लिए मजबूर हो गई है .

लेकिन संघी ,जो पूंजीवादियो के चमचे है और ब्राह्मणवाद को फैलाने के लिए वचनबद्ध इतने आसानी से हार मानने वाले नहीं है ,पुरे देश को गुमराह  करते हुए इन लोगो ने सबसे पहले यु जी सी के बजट को ५५ % कम किया है इस साल के लिए जो आगे भी जारी रहेगा , तो जब बजट ही नहीं रहेगा तो यह संस्था काम कसी करेगी , इसके दो उपाय है की इसके समक्ष एक दूसरी ऐसी संस्था बना दी जाए जो इससे अलग हो और दूसरा इसके बजट को यानी कार्य  क्षमता को ही खत्म कर दिया जाए

वैसे पुरे देश में शिक्षा का बजट कम क्र दिया गया है , यानी यह वो बजट है जो सरकारी स्कूलों और कोलेज को दिया जाता है , सरकारी स्कूल और संस्थानों को हालत इतनी खराब है की वहा पर स्कूल नहीं है  कोई सुविधा नहीं है , अकेले सिर्फ ओड़िसा में ३००० हजार स सरकारी स्कूल यह कह कर बंद कर दिए गए की यहाँ बच्चे पढने नहीं आते , सवाल यह है की जब शिक्षक ही नहीं आते तो बच्चे कहा से आयंगे ?

दूसरा देश में सरकार निजी कोलेज और यूनिवर्सिटी को बढ़ावा दे रही है यानी जिसके पास पैसा है वही पढ़ेगा , गरीब  दलित इसलिए नहीं पढ़ सकेगा क्योकि उसके पास पैसा ही नहीं है फीस भरने के लिए , दूसरा कदम जो देश का बेडागर्क करेगा वही है  विदेशी यूनिवर्सिटी के कैंपस देश में ही खुलेंगे ऐसा निति आयोग ने सुझाया है और इसकी नीव कपिल सिब्बल ने डाली थी , अब इन यूनिवर्सिटी के आने से जाहिर है फिर वही अमीर लोगो के बच्चे ही पढेंगे  जिनके पास विदेशी डिग्री होगी और अंग्रेजी का ज्ञान होगा

ऐसा नहीं है की गरीबो को पढने नहीं दिया जाएगा , पढ़ ले दसवी कर ले , बारहवी कर ले चल जा कोलेज चला जा , लेकिन उच्च शिक्षा में रिसर्च में मेडिकल में इंजीनियरिंग में दलित को नहीं आने देना

हां  दलित स्किल बने यानी मजदूर बने स्किल इंडिया कार्यक्रम इस मकसद की पूर्ति के लिए चला दिया गया है , अफसर सिर्फ तिलकधारी बनेगा , देश वही  चलायगा .


Sunday, 20 March 2016

सपा और भाजपा मिल कर कर रहे है दंगो की तय्यारी उत्तर प्रदेश में

सपा  और भाजपा मिल कर कर रहे है  दंगो की तय्यारी उत्तर प्रदेश में
जन उदय “  भाजपा का एक  मन्त्र   रहा है  चुनाव से  पहले दंगो  और नफरत की बारिश कर वोटो को फसल  उगाओ  , मुझे ऐसा लगता है की भाजपा ने इस कार्य के लिए एक रिसर्च टीम भी बना राखी है जो  रोज और हर ने अवसर पर नए तरीके  बनाती है जो दंगे करा सके .

उत्तर  प्रदेश में   हाल ही में कटरिया  और संजीव  नाम के दो गुर्गे  फिर सक्रिय हो गए है
वो भड़काऊ भाषण , और दंगे   कराने की कोशिश में है  इन लोगो का मानना  है की ये किसी भी कानून या सविंधान को नहीं मानते  , ये लोग होली   के बाद  दूसरी  होली  खेलेंगे  यानी खून  की होली .


अब सवाल यह है की  ऊतर प्रदेश का मुख्मंत्री  अखिलेश यादव इन पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रहा है ?? इनको उठा कर जेल में क्यों नहीं डाला  जाता  क्या   दंगे होने का इन्त्जात किया जा रहा है  , इन लोगो को राष्ट्रिय  सुरक्षा  के तहत जल्द  जल्द जेल में डाला  जाना  चाहिए 

या अखिलेश खुद इनके साथ मिल कर कोई चुनाव का तो खेल नहीं खेल  रहे  की  तुम मारो हम  हम बचायंगे  मुसलमानों को ?? 

Friday, 18 March 2016

जानिये क्यों जलाया जाना चाहिए मनुसिमृति को

भारत ही नहीं पूरा दुनिया में भारत के प्राचीन धार्मिक ग्रंथो की विवेचना  होने लगी है  खुद  संघ के  विधार्थी परिषद्  ने इसको जे एन यु में जलाया  , जानिये क्यों  जला या 

१- पुत्री,पत्नी,माता या कन्या,युवा,व्रुद्धा किसी भी स्वरुप में नारी स्वतंत्र नही होनी चाहिए. -मनुस्मुर्तिःअध्याय-९ श्लोक-२ से ६ तक.

...
२- पति पत्नी को छोड सकता हैं, सुद(गिरवी) पर रख सकता हैं, बेच सकता हैं, लेकिन स्त्री को इस प्रकार के अधिकार नही हैं. किसी भी स्थिती में, विवाह के बाद, पत्नी सदैव पत्नी ही रहती हैं. - मनुस्मुर्तिःअध्याय-९ श्लोक-४५

३- संपति और मिलकियत के अधिकार और दावो के लिए, शूद्र की स्त्रिया भी "दास" हैं, स्त्री को संपति रखने का अधिकार नही हैं, स्त्री की संपति का मलिक उसका पति,पूत्र, या पिता हैं. - मनुस्मुर्तिःअध्याय-९ श्लोक-४१६.
४- ढोर, गंवार, शूद्र और नारी, ये सब ताडन के अधिकारी हैं, यानी नारी को ढोर की तरह मार सकते हैं....तुलसी दास पर भी इसका प्रभाव दिखने को मिलता हैं, वह लिखते हैं-"ढोर,चमार और नारी, ताडन के अधिकारी."
-
मनुस्मुर्तिःअध्याय-८ श्लोक-२९९

५- असत्य जिस तरह अपवित्र हैं, उसी भांति स्त्रियां भी अपवित्र हैं, यानी पढने का, पढाने का, वेद-मंत्र बोलने का या उपनयन का स्त्रियो को अधिकार नही हैं.- मनुस्मुर्तिःअध्याय-२ श्लोक-६६ और अध्याय-९ श्लोक-१८.
६- स्त्रियां नर्कगामीनी होने के कारण वह यग्यकार्य या दैनिक अग्निहोत्र भी नही कर सकती.(इसी लिए कहा जाता है-"नारी नर्क का द्वार") - मनुस्मुर्तिःअध्याय-११ श्लोक-३६ और ३७ .

७- यग्यकार्य करने वाली या वेद मंत्र बोलने वाली स्त्रियो से किसी ब्राह्मण भी ने भोजन नही लेना चाहिए, स्त्रियो ने किए हुए सभी यग्य कार्य अशुभ होने से देवो को स्वीकार्य नही हैं. - मनुस्मुर्तिःअध्याय-४ श्लोक-२०५ और २०६ .
८- - मनुस्मुर्ति के मुताबिक तो , स्त्री पुरुष को मोहित करने वाली - अध्याय-२ श्लोक-२१४ .
९ - स्त्री पुरुष को दास बनाकर पदभ्रष्ट करने वाली हैं. अध्याय-२ श्लोक-२१४

१० - स्त्री एकांत का दुरुप्योग करने वाली. अध्याय-२ श्लोक-२१५.
११. - स्त्री संभोग के लिए उमर या कुरुपताको नही देखती. अध्याय-९ श्लोक-११४.
१२- स्त्री चंचल और हदयहीन,पति की ओर निष्ठारहित होती हैं. अध्याय-२ श्लोक-११५.
१३.- केवल शैया, आभुषण और वस्त्रो को ही प्रेम करने वाली, वासनायुक्त, बेईमान, इर्षाखोर,दुराचारी हैं . अध्याय-९ श्लोक-१७.
१४.- सुखी संसार के लिए स्त्रीओ को कैसे रहना चाहिए? इस प्रश्न के उतर में मनु कहते हैं-
(
१). स्त्रीओ को जीवन भर पति की आग्या का पालन करना चाहिए. - मनुस्मुर्तिःअध्याय-५ श्लोक-११५.
(
२). पति सदाचारहीन हो,अन्य स्त्रीओ में आसक्त हो, दुर्गुणो से भरा हुआ हो, नंपुसंक हो, जैसा भी हो फ़िर भी स्त्री को पतिव्रता बनकर उसे देव की तरह पूजना चाहिए.- मनुस्मुर्तिःअध्याय-५ श्लोक-१५४.
जो इस प्रकार के उपर के ये प्रावधान वाले पाशविक रीति-नीति के विधान वाले पोस्टर क्यो नही छपवाये?
(
१) वर्णानुसार करने के कार्यः -
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महातेजस्वी ब्रह्मा ने स्रुष्टी की रचना के लिए ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य और शूद्र को भिन्न-भिन्न कर्म करने को तै किया हैं -



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पढ्ना,पढाना,यग्य करना-कराना,दान लेना यह सब ब्राह्मण को कर्म करना हैं. अध्यायः१:श्लोक:८७
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प्रजा रक्षण , दान देना, यग्य करना, पढ्ना...यह सब क्षत्रिय को करने के कर्म हैं. - अध्यायः१:श्लोक:८९
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पशु-पालन , दान देना,यग्य करना, पढ्ना,सुद(ब्याज) लेना यह वैश्य को करने का कर्म हैं. - अध्यायः१:श्लोक:९०.
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द्वेष-भावना रहित, आंनदित होकर उपर्युक्त तीनो-वर्गो की नि:स्वार्थ सेवा करना, यह शूद्र का कर्म हैं. - अध्यायः१:श्लोक:९१.
(
२) प्रत्येक वर्ण की व्यक्तिओके नाम कैसे हो?:-
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ब्राह्मण का नाम मंगलसूचक - उदा. शर्मा या शंकर
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क्षत्रिय का नाम शक्ति सूचक - उदा. सिंह
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वैश्य का नाम धनवाचक पुष्टियुक्त - उदा. शाह
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शूद्र का नाम निंदित या दास शब्द युक्त - उदा. मणिदास,देवीदास
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अध्यायः२:श्लोक:३१-३२.
(
३) आचमन के लिए लेनेवाला जल:-
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ब्राह्मण को ह्रदय तक पहुचे उतना.
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क्षत्रिय को कंठ तक पहुचे उतना.
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वैश्य को मुहं में फ़ैले उतना.
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शूद्र को होठ भीग जाये उतना, आचमन लेना चाहिए.
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अध्यायः२:श्लोक:६२.
(
४) व्यक्ति सामने मिले तो क्या पूछे?:-
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ब्राह्मण को कुशल विषयक पूछे.
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क्षत्रिय को स्वाश्थ्य विषयक पूछे.
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वैश्य को क्षेम विषयक पूछे.
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शूद्र को आरोग्य विषयक पूछे.
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अध्यायः२:श्लोक:१२७.
(
५) वर्ण की श्रेष्ठा का अंकन :-
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ब्राह्मण को विद्या से.
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क्षत्रिय को बल से.
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वैश्य को धन से.
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शूद्र को जन्म से ही श्रेष्ठ मानना.(यानी वह जन्म से ही शूद्र हैं)
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अध्यायः२:श्लोक:१५५.
(
६) विवाह के लिए कन्या का चयन:-
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ब्राह्मण सभी चार वर्ण की कन्याये पंसद कर सकता हैं.
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क्षत्रिय - ब्राह्मण कन्या को छोडकर सभी तीनो वर्ण की कन्याये पंसद कर सकता हैं.
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वैश्य - वैश्य की और शूद्र की ऎसे दो वर्ण की कन्याये पंसद कर सकता हैं.
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शूद्र को शूद्र वर्ण की ही कन्याये विवाह के लिए पंसद कर सकता हैं.- (अध्यायः३:श्लोक:१३) यानी शूद्र को ही वर्ण से बाहर अन्य वर्ण की कन्या से विवाह नही कर सकता.
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७) अतिथि विषयक:-
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ब्राह्मण के घर केवल ब्राह्मण ही अतिथि गीना जाता हैं,(और वर्ण की व्यक्ति नही)
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क्षत्रिय के घर ब्राह्मण और क्षत्रिय ही ऎसे दो ही अतिथि गीने जाते थे.
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वैश्य के घर ब्राह्मण,क्षत्रिय और वैश्य तीनो द्विज अतिथि हो सकते हैं, लेकिन ...
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शूद्र के घर केवल शूद्र ही अतिथि कहेलवाता हैं - (अध्यायः३:श्लोक:११०) और कोइ वर्ण का आ नही सकता...
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८) पके हुए अन्न का स्वरुप:-
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ब्राह्मण के घर का अन्न अम्रुतमय.
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क्षत्रिय के घर का अन्न पय(दुग्ध) रुप.
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वैश्य के घर का अन्न जो है यानी अन्नरुप में.
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शूद्र के घर का अन्न रक्तस्वरुप हैं यानी वह खाने योग्य ही नही हैं.
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अध्यायः४:श्लोक:१४)
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९) शब को कौन से द्वार से ले जाए? :-
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ब्राह्मण के शव को नगर के पूर्व द्वार से ले जाए.
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क्षत्रिय के शव को नगर के उतर द्वार से ले जाए.
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वैश्य के शव को पश्र्चिम द्वार से ले जाए.
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शूद्र के शव को दक्षिण द्वार से ले जाए.
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अध्यायः५:श्लोक:९२)
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१०) किस के सौगंध लेने चाहिए?:-
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ब्राह्मण को सत्य के.
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क्षत्रिय वाहन के.
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वैश्य को गाय, व्यापार या सुवर्ण के.
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शूद्र को अपने पापो के सोगन्ध दिलवाने चाहिए.
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अध्यायः८:श्लोक:११३)
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११) महिलाओ के साथ गैरकानूनी संभोग करने हेतू:-
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ब्राह्मण अगर अवैधिक(गैरकानूनी) संभोग करे तो सिर पे मुंडन करे.
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क्षत्रिय अगर अवैधिक(गैरकानूनी) संभोग करे तो १००० भी दंड करे.
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वैश्य अगर अवैधिक(गैरकानूनी) संभोग करे तो उसकी सभी संपति को छीन ली जाये और १ साल के लिए कैद और बाद में देश निष्कासित.
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शूद्र अगर अवैधिक(गैरकानूनी) संभोग करे तो उसकी सभी संपति को छीन ली जाये , उसका लिंग काट लिआ जाये.
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शूद्र अगर द्विज-जाती के साथ अवैधिक(गैरकानूनी) संभोग करे तो उसका एक अंग काटके उसकी हत्या कर दे.
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अध्यायः८:श्लोक:३७४,३७५,३७९)
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१२) हत्या के अपराध में कोन सी कार्यवाही हो?:-
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ब्राह्मण की हत्या यानी ब्रह्महत्या महापाप.(ब्रह्महत्या करने वालो को उसके पाप से कभी मुक्ति नही मिलती)
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क्षत्रिय की हत्या करने से ब्रह्महत्या का चौथे हिस्से का पाप लगता हैं.
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वैश्य की हत्या करने से ब्रह्महत्या का आठ्वे हिस्से का पाप लगता हैं.
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शूद्र की हत्या करने से ब्रह्महत्या का सोलह्वे हिस्से का पाप लगता हैं.(यानी शूद्र की जिन्द्गी बहोत सस्ती हैं)
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अध्यायः११:श्लोक:१२६)