Apni Dukan

Showing posts with label SP. Show all posts
Showing posts with label SP. Show all posts

Saturday, 7 April 2018

एस सी / एस टी / ओ बी सी / मुस्लिम केवल अपनी जाति के उम्मीदवारों को दे वोट : दलित संघटनो का फैसला


एस सी / एस टी / ओ बी सी / मुस्लिम केवल अपनी जाति के उम्मीदवारों को दे वोट : दलित संघटनो का फैसला
जन उदय : देश के बहुत सारे दलित  बुधिजीविओ   ने यह फैसल किया ही  अब वे सिर्फ इस बात पर कम करेंगे की दलित वर्ग  केवल और केवल  दलित उम्मीदवार को  वोट   दे  चाहे  वह पार्टी  कोई भी  हो , इससे हर पार्टी म इनका प्रतिनिधित्व  बढेगा  आर हर पार्टी  को  मजबूर हो कर ज्यादा से जायदा  दलित उम्मीदवारों  को वोट देना पढ़ेगा .

इन संघटनो  का मान्न्ना  है की जिस तरह देश में ब्राह्मणवादी  पार्टिया  केवल ब्राह्मणों  और सवर्णों  को  ही  जयादा  टिकट देती  है  और इन्ही  को  सबसे आगे रखती ही उसका कान यह है की दलित  वोट  को विचारधरा  के नाम पर मरख बना दिया जाता है . और दलित  ब्राह्मणों  आर सवर्णों  को वोट  देने के लिए मजबूर हो जाते  है लेकिन हाल ही में मौजूदा  सरकार ने  जिस तरह दलितों  के प्रति  दमनकारी  निति अपनाई है   उसका सिर्फ एक ही तोड़  है की  दलित – मुस्लिम केवल अपने ही उम्मीदवारों  को वोट  दे



अभी हाल में २ अप्रैल को दलित संघटनो  द्वारा एस सी / एस टी एक्ट में बदलाव को लेकर पुरे देश में भारत  बंद किया गया , लेकिन  वर्तमान सरकार  जो दलित विरोधी  है , इस आन्दोलन को बदनाम करने के लिए पुरे देश में भगवा आतंकियो  ने दलित आन्दोलन के नाम पर तोड़ फोड़ की गोलिया  चलाई और आगजनी  की ताकि  इस आन्दोलन को बदनाम किया जा सके  . लेकिन बाद में ये सब यही खत्म नहीं हुआ है  इसके बाद सरकार अपने  तन्त्र का इस्तेमाल करते हुए दलितों  पर आक्रमणकारी  निति अपनाई हुई है   यानी उन दलितों और युवाओं  को जबरदस्ती  जेल में डाला  जा रहा है  जगह जगह उन पर फर्जी  केस दर्ज किये जा रहे है ताकि  इन लोगो में डर  बैठ  सके  मध्य प्रदेश  को मिला कर  जहा जहा भाजपा सरकार है वहा वहा पर  दलितों  के खिलाफ सरकार की दमनकारी  निति  चल रही है .

इन घटनाओं  के जगह जगह से विडियो  आ रहे है जहा पर पुलिस   थाणे में दलित युवाओं  को ले जा कर बेरहमी से पीट  रही है , खुद पुलिस  गाडिओ  में आग लगा रही है  और भाजपा के गुंडे  तोड़  फोड़  और आगजनी कर रहे है .
इतनी बड़ी  घटनाओं को बिना किसी योजना  बनाए  अंजाम नहीं दिया जा सकता  यानी इसमें सरकार शामिल है इसमें कोई शक नहीं

मध्य प्रदेश में  तो यहाँ तक स्थिति  है की सरकार ने १४ अप्रैल  तक हाई अलर्ट उर धारा  १४४ लगा दी  है वह भी १४  अप्रैल तक यानी दलित युवा और  दलित वर्ग १४ अप्रैल  को  बाबा साहेब की जयंती न मना सके
यही हालात खुद भाजपा सरकार ने  अपने सभी विदेशी दूतावास  में पैदा कर दिए है  जहा पर यह कहा गया है  की  दूतावास या उसमे काम करने वाले  बाबा साहेब की जयंती न मनाये
दुनिया के ऐसे बहुत कम ही देश बचे होंगे जो किसी न किसी तरह के हिंसक आन्दोलन या आतंकवाद से न जूझ रहे हो , पूरा एशिया , यूरोप , अमरीका सभी देश इस बिमारी से ग्रस्त है , ये आतंकवाद कैसे पनपा कैसे आया सबसे पहले हम आतंकवाद की कुछ प्रक्रति से मिल लेते है

पूरी दुनिया में हम जिस आतंकवाद को जानते है वह है हिंसक आतंकवाद यानी इसमें या इसके मानने वाले सिर्फ हिंसा में विशवास रखते है यानी अल कायदा , आर एस एस , आइसिस ,लिट्टे जैसे संघठन इसमें आते है , दूसरा होता है सांस्कृतिक आतंकवाद जो दुनिया में सिर्फ आर एस एस चलाता है इसके पूरी दुनिया में बहुत सारे सन्घठन है जो लोगो को गुमराह करके अपनी संस्क्रती की और खींचते है और उन्हें अपने समाज और संस्क्रती की सच्चाई से दूर रखते है , आर एस एस के सन्घठन , अमरीका , यूरोप , कनाडा ,एशिया सभी देश में ये लोग काम करते है इसके कुछ मुख्या एजेंट है ब्रहम कुमारी , पतंजलि , आर्ट ऑफ़ लिविंग , विश्व हिन्दू परिषद , बजरंग दल आदि

तीसरा है राजननीतिक आतंकवाद इसमें अमरीका रूस , चीन , कोरिया इसराइल आदि मुख्य देश है जो पूरी दुनिया में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए इन देशे में तरह तरह के आन्दोलन चलवाते है , इन देशो की अर्थ वाव्य्स्था पर कब्जा जमाते है और इन् देशो को वैसा ही चलाने की कोशिस करते है जैसा ये चाहते है

सभी तरह के आतंकवाद का अध्यन अगर हम करे तो हम ये ही पायंगे की राजनितिक आर्थिक , और हिंसक आतंकवाद उस वक्त खत्म हो जाते है जब इनका मकसद खत्म हो जाता है लेकिन एक आतंकवाद ऐसा आतंकवाद है जो इतनी अस्सानी से खत्म नहीं होता बल्कि इसकी विरासत सदीओ तक चलती रहती है और वो है ब्राह्मण आतंकवाद




Wednesday, 6 December 2017

भारत में २०२४ का चुनाव एस सी /एस टी / ओ बी सी और आर्य ब्राह्मण - सवर्ण आतंकवाद के बीच होगा

 भारत में २०२४ का चुनाव मूलनिवासी और आर्य आतंकवाद के बीच होगा
जन उदय : पूना पैक्ट   को बाबा साहेब अम्बेडकर ने सिर्फ इसलिए स्वीकार किया क्योकि उस वक्त दलित किसी  भ तरह की सत्ता सम्भालने के लायक नहीं थे यानी आर्थिक रूप से शिक्षा के स्तर से समाजिक रूप से संघठित नहीं थे इसलिए उन्होंने पूना पैक्ट को स्वीकार किया और उसके बदले दलित यानी भारत के मूलनिवासी जिन्हें एस सी एस टी ओ बी सी  कहा गया उनके लिए नौकरी ,शिक्षा राजनैतिक प्रतिनिधित्व मिले , और इस प्रतिनिधित्व को पूरा करने के लिए आरक्षण की वाव्य्स्था की गई . यानी आरक्षण सबसे  पहले कोई खैरात नहीं  क्योकि यह पूना पैक्ट के जरिये बाबा साहेब द्वारा एक बहुत बड़ा बलिदान दे कर मिला यानी यह खुद भारत पर एक अहसान था और  और कोंग्रेसी   गाँधी की नौटंकी से भी निपट लिया गया . अगर आज आरक्षण स्म्पाप्त किया जता है तो भारत में सरकार द्वारा पूना पैक्ट को लागू  करना होगा . दूसरा यह की अब्बा साहेब द्वारा यह देश को  विकसित करने , सभी का विकास करने और एकता बनाए रखने की एक बहुत बड़ी पहल थी , जबकि इसके उल्ट गांधी नेहरु – सावरकर , और अन्य संघियो  ने न सिर्फ देश को तोड़ने की वकालत की बल्कि  अंग्रेजो की सत्ता बनाए रखने की भी वकालत की  .

यहाँ एक बात साफ़ कर देना बहुत जरूरी है कि आर्य विदेशी आक्रमणकारी  है   और इस देश में रोटी पानी की  तलाश में आये थे , कालन्तर में ये शिक्षा के दम पर राज्य की गतिविधिओ में  शामिल रहने लगे  और लगभग  १८० बी सी में एक ब्राह्मण सेनापति  पुश्मित्र शुंग ने व्रह्द्साथ की हत्या कर शासन पर कब्जा कर लिया इकसे बाद पुष्यमित्र शुंग ने बौध  लोग को हत्याए की यहाँ तक की गर्भवती स्त्री का पेट फाड़ बच्चे की ह्त्या की  चौरासी  हजार बौध  स्तूप  और विहारों को तोड़  उनके मंदिर बनवाये और  बौध को शिक्षा और सम्पति से वंचित कर दिया  और इसके बाद २३०  ईसा बाद  तक ऐसे ग्रन्थ लिख लिए जिसमे अपने आपको भगवान का प्रतिनिधि  बताया  और सभी लोगो को अपने से निचे बताया और समाज को जाती में विभाजित कर यहाँ के मूलनिवासियो को नीच / शुद्र  चंडाल घोषित कर दिया , इसके बाद इम्होने मुस्लिम राजाओं को निमन्त्रण दे कर बुलाया  उनके दरबारों में रहे उनसे अपनी बेटियो की शादी की
बाबा साहेब के सपने १९५६ से टूटने शुरू हो गए जब  वामपंथी , संघी औ कोंग्रेस के रूप में छिपे  ब्राह्मण भेडियों  ने अपने रंग दिखाना  शुरू कर दिया , हिन्दू कॉड बिल का विरोध , स्त्री शिक्षा और सम्पत्ति के अधिकार का विरोध और ओ बी सी आरक्षण का विरोध  हुआ तो बाबा साहेब ने इस्तीफा दे दिया


 ब्राह्मण तीन  तरीके से दलित / मूलनिवासियो  को बर्बाद करने के षड्यंत्र में लगे रहे , संघी  आक्शन का विरोध करते रहे लेकिन हिन्दू कह कर इन्हें अपने दंगो का ईंधन बनाए रखा  यह बाद दलित बिलकुल समझ ही नहीं पाए की  अगर ब्राह्मण / संघी  हिन्दू कैसे हुए जो हिन्दुओ को मिलने वाली बेसिक सुविदाओ  का विरोध करते है  यानी आरक्षण का  विरोध ,  जब की मुल्सिम मुस्लिम के खिलाफ  आन्दोलन नहीं करता , सिख सिख के विरोध में आन्दोलन नहीं खड़ा करता  तो ये ब्राह्मण  हिन्दू  होने के बावजूद दलितों का विरोध कैसे करते है ??
यानी डरपोक ब्राह्मण  जब मुस्लिम से डरता तो दलितों को आज भी हिन्दू कहता है

खैर वामपंथी समानता का सपना दिखा इन्हें मार्क्सवाद के नाम पर छलता  रहा यानि दलितों का अपना कोई आन्दोलन या पार्टी न खड़ी  हो हमेशा इस कार्य में लगे  रहे  और कोंग्रेस  ने आगजनी , हत्या , जैसे हथियार अपनाए रखे
अब जब २०१७ है वामपंथी , कांग्रेस  और संघी एक समान कार्य करने वाले लोगो के आतंक से सिर्फ दलित ही नहीं बल्कि मुस्लिम   सभी परेशान और आतंकित है , बाबरी मस्जिद विध्वंश ,  गुजरात दंगे गोदरा काण्ड , सहारन पुर काण्ड , रोहित वेमुला हत्या , डेल्टा  मेघवाल हत्या , अख़लाक़ हत्या  और ऐसे हजारो केस फेक एनकाउंटर के , और मोदी योगी के दौर में  लगातार  सपा बसपा के लोगो की रोज हत्या , दलित और प्रगतिवादी  लेखको की हत्या गौरी लंकेश ,  कलबुर्गी  हत्याओं का दौर जारी  है . सबसे बड़ी  बात संघी शासन में लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है  लोकतंत्र के नाम पर ई वी एम् का इस्तेमाल   संघियो ने इसको एक ऐसा हथियार  बना लिया है जिसके जरिये  ये लोग अपने हक में जनमत दिखाते है लेकिन असल में इन लोगो ने लोकतंत्र की हत्या कर दी
जी एस टी  आर नोट्बंदी ने देश के आम आदमी  की कमर तोड़  दी है महंगाई , बेरोजगारी , गरीबी बेतहाशा  बढती जा रही है  अगर यह  कर्म और क्रम चलता रहा तो देश में आने वाले सम्स्य में ग्रह युद्ध लाज़मी  बन जाता  और और यही हलात है .

विदेशी  मूल के ब्राह्मण जिन्होंने  भारत पर कब्जा किया हुआ है ,इन्होने देश को विभिन्न जातिओ में  बांटा  हुआ है यह समझते है की इनके द्वारा फैलाए गए अंधविश्वास और  अज्ञानता हमेशा बना रहेगा  , ये सब कुछ खत्म हो जाएगा  और  अंतिम लोकतंत्रिक  चुनाव  २०१९ में या २०२४ में होगा और यह चुनाव  भारत के मूल निवासी  यानी एस सी एस टी ओ बी सी ,मुस्लिम और  विदेशी  आर्य आतंकी  ब्राह्मणों और सवर्णों  के बीच  होगा जो एक दम स्पष्ट रूप से होगा .

हलांकि इन्होने वक्त को समझते हुए हर चीज का भगवाकरण कर दिया है यहाँ तक की सेना , पोलिस , न्यायपालिका  जो हर तरीके से एससी  एस टी  ओ बी सी के खिलाफ काम करती है , लेकिन

इन लोगो ने भी जो वैचारिक क्रांति  के बीज डाले  है जल्द ही सामाजिक शान्ति , एकता भाई चारे और सबके विकास के लिए   ब्राह्मणों  का अंत जरूर कर देंगे  और तभी  भारत  सच में भारत बनेगा 
THE LAST DEMOCRATIC ELECTION IN INDIA ,  CIVIL WAR 

Saturday, 11 March 2017

यु पी चुनाव रिजल्ट लोकतंत्र पर सबसे बड़ा आतंकी हमला : दलित ओ बे सी का प्रतिनिधित्व खत्म करने के लिए रचा गया षड्यंत्र

जन उदय : यु पी चुनाव के रिजल्ट ने सबको चोंका दिया है वह भी इसलिए जिस तरह चुनाव का रसुल्ट आया है उसने एक इतिहासिक  जीत हुई है बी जे पी की जो किसी  भी एंगल  से हो ही नहीं सकती  थी  इस चुनाव में बी जे पी को ३२० से ज्यादा सीट मिली है  जो बिना किसी ई वी एम् के घोटाले के हो ही नहीं सकती  थी

चुनाव के रिजल्ट  के ट्रेंड को देखते ही इस बात पर बहन मायावती ने सवाल खड़ा  कर दिए  थे  की ई वी एम् मशीन में गड़बड़ी है  और चुनाव के अंत तक आते आते   अखिलेश ने भी सी बात को बोल दिया की ई वी एम् मशीन  की जांच की जाए

 हालांकि यह पहली बार ऐसा नहीं हुआ है की जब बी जे पी ने इस गड़बड़ी  को अंजाम  दिया है इससे पहले लोकसभा  चनाव में भी अब यह कहा जा रहा था की मोदी लहर आ गई  है तब भी ई वी में मशीन में गड़बड़ी  की बात कही गई  थी   लेकिन सभी ने कही न कही इस बात को स्वीकार कर लिया था की हो सकता है रिजल्ट मोदी लहर  के कारण रहे हो . लेकिन  अब जब मोदी लहर की कोई बात नहीं बल्कि   मोदी  नाम का  बुलबुला फूट  चुका है  और मोदी  एक नमबर का मूर्ख  प्रधनमंत्री  साबित हो चुका है   जबकि अंदरूनी  तौर  पर कई  नेता मोदी के पक्ष में नहीं है  और यहाँ तक की संघ में भी यह बात  चल चुकी है की अगर यु  पी चुनाव हारे तो मोदी  की जगह प्रकाश  जावेडकर  को प्रधानमन्त्री  बनाया जा सकता है

इस चुनाव में लोक सभा चुनाव की तरह संघ ने अपनी पूरी ताकत  झोंक दी  थी लेकिन  यु पी के वोटर  पैटर्न को देख  यह बात हो ही नहीं सकती  की मुस्लिम भी वोट  दे  मोदी  को  वो भी वो मोदी जो दंगे करवाता है  खासकर मुस्लिम समुदाय  के खिलाफ रहता है   और रहा मोदी  के विकास की बात  तो यह बात  तो देश के बच्चे  बच्चे  को समझ आ चुका है  की मोदी एक नम्बर  का फेंकू  है और इसके शासन काल में देश पूरी दुनिया में बदनाम हुआ है   और  गरीबी , महंगाई  बे-तहाशा  बड़ी  है  और मोदी के पास अब कोई चारा  नहीं है  ऐसे में लोग  मोदी की बातो  का विशवास करेंगे  , यह बहुत मुस्किल  है क्योकि मोदी वो इंसान है ज जिसके आते ही  दलित  उत्पीडन बड़ा है दलित  हत्याए हुई   लोगो  के बोलने की आजादी  कह्तं हुई  हिंसा बड़ी  गो-आतंक  बड़ा  मुस्लिम  के दिलो  दिमाग में डर  बड़ा  इसे में मोदी को सपोर्ट  सिर्फ एक सपना है

यु पी देश का सबसे बड़ा राज्य जहा सबसे जयादा लोकसभा की सीट  है    और ये सीट  दिल्ली का रास्ता  खलती है ऐसे में  ऐसे राज्य पर दलित –ओ बी सी  का कब्जा रहे   यह इनम मनुवाडियो  को मंजूर नहीं था इसलिए  सबने मिलकर इन दलित  ओ बी सी को  बाहर  करना अपना मकसद बनाया  इसमें सभी  राजनितिक  दल  , जो की ब्राह्मणवादी  है  , सारे  पूंजीपति , और   मीडिया संस्थान लामबंद  हुए  और जिसका नतीजा यही निकला जो आज हमारे सामने है



मनुवादी  संघी सरकार जो इस देश के कभी नहीं हुए  इनका पूरा इतिहास  इस देश से गद्दारी  का है  ये आज  देशभक्ति के नाम पर लोगो  को बेवकूफ बनाने  लगे लेकिन कामयाब कभी नहीं  हुए

यु पी में समाजवादी  और बहुजन समाजवादी  पार्टी ने अपना घेरा  बना रखा था ताकि ये लोग अपने लोगो का विकास कर सके  और इस घेरे को तोड़ने में  ये लोग कभी कामयाब नहीं हुई . मनुवादियो ने अपने इतिहास से सीख कर  जैसे महिस्ससुर   , रावण  को मारा गया जसी  तरह इनकी कहानिओ में बाली  को मारा गया  आज बहुजन  समाज फिर इनके षड्यंत्र  का शिकार हो गया है  .

संघियो  के ये ब्यान की इस बार सबने धर्म जाति  से परे  भाजपा को वोट  दिया है  जो कि एक कोरी बकवास है जो लोग खुद जातिवाद  के जनक  है पोषक  है  रक्षक  है  जो खुद दंगे  करवाते  है  उनके मूह  से ये बात  शोभा  नहीं  देती

पांच वाले पांच सालो में इन दलित –ओ बी सी के लोगो  को सबसे पहले ई वी एम् मशीन का विकल्प  देखना है  और  इनके खिलाफ अपने प्रचार को जारी रखना है , इसके आलावा   वैक्लपिक   संचार वाव्य्स्था  तैयार  करनी है   

दलित बहुजन  इस हार से उदास न होकर  इससे  सीख ले   क्योकि लोकतंत्र  का यह पर्व  फिर आएगा  यही  इसकी ख़ूबसूरती  है की  ये दानवो  को जयादा वक्त नहीं देता  और देवताओं  को  भी  धुल  चटा  देता है  है 

Thursday, 24 March 2016

अखिलेश यादव को चुनाव में सपा की की गुंडागर्दी पर पूरा विशवास है

जन उदय : जैसे जैस चुनाव नजदीक आ रहे है वैसे वैसे उत्तर प्रदेश में सपा के गुंडों की गुंडागर्दी बढती जा रही है , वैसे सपा  का शासन जब भी रहता है गुंडागर्दी अपने चरम सीमा पर रहती है , दलित लडकियो के बलात्कार , उनकी बस्तियों को आग लगाना , गोली मारना  हत्या करना  ये सब काम तो जैसे ही चुनाव जीती थी उसी दिन से शुरू हो गया था

लेकिन जैसे जैसे वक्त आगे बढ़ा समाजवादी पार्टी की गुंडा गर्दी बढती ही गई ,इस बीच समाजवादियो ने भाजपा के साथ मिल कर दंगे भी करवाए जिसमे मुसलमान कम और दलितों को जयादा निशाने पर लिया गया , इसके बाद दादरी काण्ड करवाया गया  जिसमे गोमांस के नाम पर अखलाक को मरवा दिया गया गोमांस के नाम पर  ,

 इसी तरह पुरे प्रदेश में घटनाए  होती रही है , लोगो का मानना  था यह सब बी जे पी और संघी  लोग   कर रहे है लेकिन इसके पीछे की साजिश को देखा जाए तो समझ में आ जाएगा की इसमें समाजवादी पार्टी का कितना बढ़ा  हाथ है , दरसल  इन दंगो के  जरिये बी जे पी हिन्दू वोट को एक तरफ  करना चाहती थी  तो  समाजवादी पार्टी मुसलमान वोटो  को एक तरफ  करना  चाहती है  या ये कहे की मुस्लिम वोट पर कब्जा करना चाहती है

मुलायम  और अखिलेश  का आज़म खान  फार्मूला  इस चुनाव में फेल हो जाएगा क्योकि अलीगढ  और जामिया के मुस्लिम बुद्धिजीवी   जो पुरे देश की मुस्लिम सोच और  राजनीति पर प्रभाव डालते है


इन बुधिजीविओ का मानना  है की समाजवादी पार्टी ने सिर्फ मुसलमानों  को छला  है  बल्कि उनके साथ धोका  किया