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Sunday, 21 May 2017

भीम आर्मी के पदर्शन में पहुचे लाखो लोग : ये गृह युद्ध के लिए शुभ संकेत


जन उदय : सहारनपुर काण्ड   जिसमे  ठाकुरों ने पुलिस और प्रशासन की मदद से चमारो के २००  से जयादा घर जला दिए और जब चमार पुलिस  रिपोर्ट करने गए तो उलटा उन्ही  पर नाक्साली  होने के आरोप लगा दिए गए और उन्हें जेल में ठूंस दिया गया ,

ऐसा भारत के इतिहास में पहली बार नहीं हुआ है  क्योकि  सवर्णों  में  नुपुन्स्कता  धूर्तता  हमेशा से रही है   इसलिए  इसके विरोध में भीम आर्मी नामक संस्था ने आज जंतर मंतर  पर धरना  पदर्शन  किया  जिसमे लाखो  लोगो ने शिरकत  की 

इस आन्दोलन की ख़ास बात यह थी की  इसकी सिर्फ घोषणा की गई  थी इसके बाद  फेसबुक   और व्हात्सप्प  पर लोगो के बीच मेसेज  शेयर  हुए और लोग  बिना किसी पार्टी और नेता के अपने आप आ गए  दरसल  इनका आना यह बता दर्शाता  है की  देश के अंदर  अभी तक जातिवादी  जुल्म बंद नहीं हुए है और आज भी लोग सवर्णों  के जुल्मो के शिकार है . इस आन्दोलन की ख़ास बात यह थी


की इसमें देश केकोने कोने से लोग आये थे ,

दुनिया के देश मिश्र ,लीबिया , यूगांडा , रवांडा ,अफगानिस्तान इरान , ईराक और भी बहुत देश है जो गृह युद्ध के चपेट में रहे है ,और है कारण भेदभाव और दमनकारी निति सरकार ने इनके जबाने काटने तक की कोशिस की लेकिन जनता आखिर जनता है उसकी आवाज ही खुदा का फरमान होता है , शायद ये बात संघ और उसके घटक दलों को समझ नहीं आ रही है

जब से ये लोग सत्ता में आये है देश के गरीब मजदूर दलित -मुस्लिम लोगो का जीना मुस्किल हो गया है रोजगार से लेकर इंसान का जीना मुस्किल हो गया है शिक्षा स्वास्थ , कानून वाव्य्स्था हर चीज बेकार हो गई है कुल मिला कर आम आदमी का जीना मुस्ल्किल हो गया है, अखलाक , डेल्टा मेघवाल , रोहित वेमुला ,गुजरात में गो आतंकियो द्वारा आक्रमण , अलवर में मुस्लिम की हत्याए , उत्तर प्रदेश में लगातार दलितों की हत्याए कुल मिला कर इन्होने देश को नरक में तब्दील कर दिया है
और यही कारण है की अब लोग इनसे तंग आ गए है और ऐसा लगता है देश में जल्द ही एक गृह  युद्ध होगा




भारत में गृह युद्ध की वजह सिर्फ जातिवाद ही नहीं है कश्मीर , असाम, मणिपुर , पंजाब , तेलंगाना , आदिवासी समस्या देश के राजनैतिक तापमान को हमेशा उंचा बनाय रखते है


हालात बदल रहे है दलितों में मुसलमानों में रोष बढ़ता जा रहा है , और यह रोष अब धीरे धीरे इतना बढ़ रहा है की ये बहुत जल्द ही एक जातिय गृह युद्ध के चपेट में आने वाला है बहुत सारे दलितों ने कह दिया है की वो हद स हद दस बारह साल इन्तजार करेंगे इसके बाद मारेंगे या मरेंगे यानी देश में गृह युद्ध . इस बीच दलितों ने ब्राह्मणों और सवर्णों की मेपिंग करना शुरू कर दिया है यानी किस मोहल्ले में कितने ब्राह्मण राजपूत , बनिए है उनके पास क्या सम्पति है कितने हथियार है इस बात का सर्वे निजी तौर पर हो रहे है . निहत्थे कमजोर दलित कैसे सत्ताधारी ब्राह्मणों को समाप्त कर पायंगे इस पर एक दलित ने बताया की कौरव पांडव युद्ध में पांड्वो ने कौरव से खूब कहा की मान जाओ , हमें पांच सहर दे दो , पांच सहर नहीं तो पांच गाव दे दो पांच गाव नहीं तो पांच पद जमीन दे दो लेकिन सत्ताधारी कोरव जिनके पास सब कुछ सेना हथियार , सम्पदा वो भला किसी से यानी फकीरों से क्यों डरने लगे , अंजाम आज भी सबको मालूम है इसी तरह रावण ने भो सोचा की कैसे ये वनवासी मुझे जित लेंगे मेरे पास सब कुछ है , वर्तमान में कर्नल गद्दाफी का उधाह्र्ण देते हुए दलित युवक ने बताया की वो आदमी ज्सिका देश में कब्ज़ा था सेना उसकी थी , हथियार थे लेकिन कैसे मारा गया कुत्तो की मौत , वैसे ही ये संघी ब्राह्मण मारे जाएंगे 

AGAINST THE CASTE ATROCITY IN SAHARANPUR MEMBERS OF BHIM ARMY GETHERED AT JANATAR MANATAR , IT IS SIGN OF DALIT REVOLUTION IN INDIA , IT WILL LAST THE BRAHMANS IN INDIA , CIVIL WAR IN INDIA 

Saturday, 20 May 2017

भारत में बलात्कार एक सनातनी परम्परा : डॉ पूनम लाल वाया अनिल जनविजय

 सनातन धर्म में बलात्कार सनातन काल से ही चला आ रहा है एक नजर हमारे उन महापुरुषों के पुरुषार्थ पर जिनको हम भगवान मानकर पूजते हैं और त्यौहार मनाते आ रहे हैं-

ऋषि गौतम की पत्नी अहिल्या से बलात्कार किया इंद्रदेव ने फिर भी पूजनीय क्यूँ ?
राजा पाण्डु ने माधुरी से बलात्कार किया...उसका दहन नहीं...कोई सजा नहीं क्यों ?
ऋषि पराशार ने केवट की पुत्री सत्यवती से बलात्कार किया उसका बहिष्कार क्यों नहीं ?
बृहस्पति की पत्नी तारा का चंद्र ने अपहरण कर बलात्कार किया (देखा जाए तो बलात्कारी को देख कर करवाचौथ की पूजा की जाती है जाने किस मंशा से )

ब्रह्मा ने अपनी पुत्री वाच से जबरन सहवाह किया और पुत्री सरस्वती से जबरन विवाह कर हमेशा के लिए बलात्कार का अधिकार पा लिया (ऐसा आराद्धय मुँह के जनों का ही हो सकता है.

नरक के राजा की रानियों से कृष्ण का विवाह और मामा अनय की पत्नी से शारीरिक संबंध फिर भी पूजनीय है पता नहीं क्यूँ (आज अगर कोई किसी के कपड़े चुरा कर भागे तो उसके शरीर पर कपड़े नहीं बचेंगे)
भीष्म ने अम्बा,अम्बिका और अम्बालिका का अपहरण किया ताकि नियोग द्वारा बच्चा पैदा किया जा सके ( ये भी बलात्कार का ही रूप है) फिर काहे के पितामह ??

राम के पूर्वज राजा दण्ड ने शुक्राचार की पुत्री अरजा के साथ बलात्कार किया...(यानी राम एक बलात्कारी के वंशज थे)
वायु देवता ने महर्षि कुशनाभ की कन्याओं से बलात्कार की कोशिश की

जब हमारे शास्त्रों में बलात्कार को इतनी सहजता से स्वीकार कर लिया गया है तो कैसे समाज से यह कोढ़ खत्म हो पाएगा ???

जब आपके ग्रंथों में बलात्कार को भी महिमामंडित किया जाता है तो कैसे संभव है बलात्कार का आज के जमाने में रोक पाना ????

क्योंकि बलात्कार को शक्ति और सक्षमता से जोड़ कर दिया गया है शायद इसीलिए आज भी गाँव में बलात्कारी से ही विवाह का फरमान सुना दिया जाता है.मुझे शर्म आती है ऐसे ग्रंथों में दर्ज शर्मशार कर देने वाले व्याख्यानों से
(नोट: सनातन का अर्थ परंपरानुसार चला आता हुआ)

भारत पर ब्राह्मणों के आक्रमण और विदेशी आक्रमणकारी होने के पुख्ता सबूत ?

ऋग्वेद में श्लोक 10 में लिखा है कि हम (वैदिक ब्राह्मण ) उत्तर ध्रुव से आये हुए लोग है। जब आर्य व् अनार्यो का युद्ध हुआ ।

2. The Arctic Home At The Vedas बालगंगाधर तिलक (ब्राह्मण) के द्वारा लिखी पुस्तक में मानते है कि हम बाहर आए हुए लोग है ।

3. जवाहर लाल नेहरु ने (बाबर के वंशज फिर कश्मीरी पंडित बने) उनकी किताब Discovery of India में लिखा है कि हम मध्य एशिया से आये हुए लोग है। यह बात कभी भूलना नही चाहिए। ऐसे 30 पत्र इंदिरा जी को लिखे जब वो होस्टल में पढ़ रही थी।

4. वोल्गा टू गंगा में “राहुल सांस्कृतयान” (केदारनाथ के पाण्डेय ब्राहम्ण) ने लिखा है कि हम बाहर से आये हुए लोग है और यह भी बताया की वोल्गा से गंगा तट (भारत) कैसे आए।

5. विनायक सावरकर ने (ब्राम्हण) सहा सोनरी पाने “इस मराठी किताब में लिखा की हम भारत के बाहर से आये लोग है।

6. इक़बाल “काश्मीरी पंडित ” ने भी जिसने “सारे जहा से अच्छा” गीत लिखा था कि हम बाहर से आए हुए लोग है।

7. राजा राम मोहन राय ने इग्लेंड में जाकर अपने भाषणों में बोला था कि आज मै मेरी पितृ भूमि यानि अपने घर वापस आया हूँ।


8. मोहन दास करम चन्द गांधी (वेश्य) ने 1894 में दक्षिणी अफ्रीका के विधान सभा में लिखे एक पत्र के अनुसार हम भारतीय होने के साथ साथ युरोशियन है हमारी नस्ल एक ही है इसलिए अग्रेज शासक से अच्छे बर्ताव की अपेक्षा रखते है।

9. ब्रह्म समाज के नेता सुब चन्द्र सेन ने 1877 में कलकत्ता की एक सभा में कहा था कि अंग्रेजो के आने से हम सदियों से बिछड़े चचेरे भाइयों का (आर्य ब्रह्मण और अंग्रेज ) पुनर्मिलन हुआ है।

इस सन्दर्भ में अमेरिका के Salt lake City स्थित युताहा विश्वविधालय (University of Utaha’ USA) के मानव वंश विभाग के वैज्ञानिक माइकल बमशाद और आंध्र प्रदेश के विश्व विद्यापीठ विशाखा पट्टनम के Anthropology विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा सयुक्त तरीको से 1995 से 2001 तक लगातार 6 साल तक भारत के विविध जाति-धर्मो और विदेशी देश के लोगो के खून पर किये गये DNA के परिक्षण से एक रिपोर्ट तैयार की। जिसमें बता गया कि भारत देश की ब्राह्मण जाति के लोगों का DNA 99:96 %, कश्त्रिय जाति के लोगों का DNA 99.88% और वेश्य-बनिया जाति के लोगो का DNA 99:86% मध्य यूरेशिया के पास जो “काला सागर ’Blac Sea” है। वहां के लोगो से मिलता है। इस रिपोर्ट से यह निष्कर्ष निकालता है कि ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य-बनिया विदेशी लोग है और एस सी, एस टी और ओबीसी में बंटे लोग (कुल 6743 जातियां) और भारत के धर्म परिवर्तित मुसलमान, सिख, बुध, ईसाई आदि धर्मों के लोगों का DNA आपस में मिलता है। जिससे साबित होता है कि एस सी, एस टी, ओबीसी और धर्म परिवर्तित लोग भारत के मूलनिवासी है। इससे यह भी पता चलता है कि एस सी, एस टी, ओबीसी और धर्मपरिवर्तित लोग एक ही वंश के लोग है। एस सी, एस टी, ओबीसी और धर्म परिवर्तित लोगों को आपस में जाति के आधार पर बाँट कर ब्राह्मणों ने सभी मूलनिवासियों पर झूटी धार्मिक गुलामी थोप रखी है। 1900 के शुरुआत से आर्य समाज ब्राह्मण जैसे संगठन बनाने वाले इन लोगो ने 1925 से हिन्दु नामक चोला पहनाकर घुमाते आ रहे है। उक्त बात का विचार हमे बहुत ही गहनता से करने की आवश्यकता है। राष्ट्रिय स्वयं सेवकसंघ के जरिये 3% ब्राह्मण 97% मूलनिवासी भारतीयों पर पिछ्ले कई सालों से राज करते आ रहे हैं।

Friday, 19 May 2017

1918 में पहली बार इस्तेमाल हुआ हिन्दू धर्म शब्द , ब्राह्मण नहीं इस देश का निवासी

तुलसीदास ने रामचरित मानस मुगलकाल में लिखी , पर मुगलों की बुराई मे एक भी चौपाई नही लिखी ?
क्यों ?

क्या उस समय हिंदू मुसलमान का मामला नहीं था ? हां उस समय हिंदू मुसलमान का मामला नहीं था
क्योंकि उस समय हिंदू नाम का कोई धर्म ही नहीं था

तो फिर उस समय कौनसा धर्म था ?

उस समय ब्राह्मण धर्म था और ब्राह्मण मुगलो के साथ मिलजुल कर  यहाँ तक कि आपस में रिश्तेदार बनकर भारत पर राज कर रहे थे उस समय वर्ण व्यवस्था थी , वर्ण व्यवस्था में शुद्र अधिकार वंचित था कार्य सिर्फ सेवा करना था मतलब सिधे शब्दों में गुलाम था


तो फिर हिंदू नाम का धर्म कब से आया ?

ब्राह्मण धर्म का नया नाम हिंदू तब आया जब वयस्क मताधिकार का मामला आया , जब इंग्लैंड में वयस्क मताधिकार का कानून लागू हुआ और  इसको  भारत में  भी लागू  करने की बात हुई ,
इसी पर  तिलक  ने बोला  “ क्या ये तेली  तम्बोली   संसद में जा कर तेल बेचेगा  क्या ??  इसलिए स्वराज  इनका   नहीं  मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है , हिन्दू शब्द का प्रयोग  पहली  बार १९१८  में इस्तेमाल किया गया

तो ब्राह्मण धर्म खतरे में पड गया क्यों ?

क्योंकि भारत में उस समय अँगरेजों का राज था वहाँ वयस्क मताधिकार लागू हुआ तो फिर भारत में तो होना ही था

ब्राह्मण 3.5% है
अल्पसंख्यक है
राज कैसे करेगा ?

ब्राह्मण धर्म के सारे ग्रन्थ शुद्रों के विरोध में मतलब  हक अधिकार छिन ने के लिए शुद्रों कि मानसिकता बनाने के लिए षड्यंत्र के रूप में आज का ओबीसी ही ब्राह्मण धर्म का शुद्र है
SC (अनुसूचित जाति)) के लोगों को तो अछुत घोषित कर वर्ण व्यवस्था से बाहर रखा क्योंकि उन्होंने ही युरेशियन आर्यों से सबसे ज्यादा संघर्ष किया ,
ST (अनुसूचित जनजाति)के लोग तो जंगलों में थे उनसे ब्राह्मण धर्म को क्या खतरा उनको तो युरेशियन आर्यों के सिंधु घाटी सभ्यता  से संघर्ष के समय से ही वन में जाने रहने को मजबूर कर दिया उनको  वनवासी कह दिया
इसलिए ब्राह्मणों ने षड्यंत्र से हिंदू शब्द का इस्तेमाल किया जिससे सबको समानता का अहसास हो
परन्तू ब्राह्मणों ने समाज में व्यवस्था ब्राह्मण धर्म कि ही रखी उसमें जातियां रखी जातियां ब्राह्मण धर्म का प्राण तत्व है इसके बिना ब्राह्मण का वर्चस्व खत्म है
इसलिए  उस समय हिंदू मुसलमान कि समस्या नहीं थी ब्राह्मण धर्म को जिंदा रखने के लिए वर्ण व्यवस्था थी
उसमें शुद्रों को गुलाम रखना था
इसलिए
तुलसीदास जी ने मुसलमानों केविरोध में नहीं शुद्रों के विरोध में गुलाम बनाए रखने के लिए लिखा

ढोल गवार शुद्र पशु नारी
सकल ताडन के अधिकारी
अब जब मुगल चले गये देश में SC/ST/  OBC के लोग ब्राह्मण धर्म के विरोध में ब्राह्मण धर्म के अन्याय अत्याचार से दुखी होकर इस्लाम अपना लिया तो ब्राह्मण  अगर मुसलमानों के विरोध में जाकर षड्यंत्र नहीं करेगा तो   SC/ST/OBC  के लोगों को प्रतिक्रिया से हिंदू बना कर
बहुसंख्यक लोगों का हिंदू के नाम पर ध्रूवीकरण करके अल्पसंख्यक ब्राह्मण बहुसंख्यक बनकर राज कैसे करेगा
इसलिए आज हिंदू मुसलमान कि समस्या देश में खडी कि गई तथा कथित हिंदू(  SC ST OBC) मुसलमान लडे तथाकथित हिंदू (SC ST OBC )मरे या मुस्लिम दोनों तरफ मूलनिवासी का मरना तय है
क्या कभी सुना है की किसी दंगे में  कोई ब्राह्मण मरा है जहर घोलनें वाले कभी जहर नहीं पिते हैं


इसलिए, युरेशियन सेफ का सेफ कोई दर्द नहीं कोई फर्क नहीं आराम से टीवी में डिबेट को तैयार

उत्तर प्रदेश में फैला जंगल राज : हर तरफ गुंडों का खौफ और आतंक : मुख्मंत्री योगी लाचार


जन उदय : जब से योगी ने उत्तर प्रदेश में ई वी एम् घोटाला  करके  सरकार  बनाई है तब से उत्तर प्रदेश  की कानून वाव्य्स्था  बाद से बदतर  होती जा रही है   हर तरफ गुंडों  का खौफ और आतंक  पसरा है ऐसा लगता है  उत्तर प्रदेश में कोई कानून नाम की चीज है ही नहीं बल्कि गुंडा  और जंगल राज  फ़ैल  गया है

योगी के  सरकार संभालने के साथ तीन बीस पी कार्यकर्ताओं  को की गोली मार कर हत्या  कर  दी गई

बीस दिन के अंदर ही   पन्द्रह  जगह पर   बीस पुलिस वालो पर हमले हुए जिसमे तीन पुलिस  कर्मी  मारे गए   मारे गए लोगो में एक एस एच  हो  शामिल  है  प्रदेश में   ह्त्या बलात्कार   लूट  की वारदातों  के  आंकड़े  ही   नहीं जुटा पा रही है  पुलिस और प्रशासन  क्योकि  इनकी संख्या लागतार तेजी  हो रही है , एक अंदाज के अनुसार  प्रदेश में  ७५  बलात्कार   रोज हो रहे है  और ३००  से जयादा छोटी  बड़ी  लूट  की घटनाए  हो रही है  और लगभग  १५३  क़त्ल  रोज हो रहे है जिसके कारण अलग अलग गई

पुरे देश को दहलाने वाली  घटनाओं में जौनपुर  के गब्बर सिंह  यादव  की हत्या है जिसमे पुलिस ने योगी सरकार के इशारे पर हत्यारों  को न तो गिरफ्तार किया  बल्कि  पुलिस   रिपोर्ट  भी नहीं लिखी  जब गब्बर  सिंह यादव के परिवार वाले सडक  पर लाश ले कर बैठ गए  तब २६  घंटे बाद  पुलिस  आई  रिपोर्ट  लिखने में  तीन दिन लग गए

इसके बाद  ऐसी घटना हुई जिसने देश ही नहीं  पुरे विश्व को हिला कर रख  दिया है और इसकी चर्चा   यूनाइटेड नेशन  में हो रही है  की भारत पर कैसे  कार्यवाही  की जाए इस पर विचार किया जा रहा है   वह सहारनपुर की घटना  जहा पर ठाकुरों  ने चमारो  के पुरे गाव को जला कर राख कर  दिया पुलिस  और प्रशासन ने  ठाकुर आतंकियो  का न सिर्फ साथ  दिया बल्कि जब ये चमार लोग  ठाकुरों  के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने गए   तो इन पर लाठी चार्ज  किया और इन्ही  पीड़ित लोगो  को जेल में ठूंस दिया और और  इन पर  राष्ट्रिय  सुरक्षा  जैसी  धाराए  लगा दी
इसके बाद  इसी तरह की घटना  मेरठ  में हुई जहा पर चमार  लोगो  को  ठाकुरों  की गोलिओ  का शिकार होना पढ़ा और इसमें भी पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं  की



तीसरी सबसे बड़ी घटना  मथुरा में हुई जहा पर  एक शोरूम  में  जा कर गुंडों ने दो व्यापारी  भाइओ  की गोली मार कर हत्या कर  दी  और करोडो  को लूट की  , यह घटन  मीडिया में सिर्फ इसलिए आ रही है  क्योकि  ये लोग बनिया समाज  की घटना है  

फतेहपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भूमाफियाओं पर नकेल कसने की बात करते हैं लेकिन उनके अधिकारी ही उनके दावों को पलीता लगाने में जुटे हैं. धरातल पर सब दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं. हकीकत फतेहपुर जिले में सदर कोतवाली क्षेत्र के बक्शपुर में देखने को मिली है. जहां दलित महिला के घर पर कुछ दबंगों ने कब्जा जमा लिया. पीड़ित परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी लेकिन वहां पर कोई सुनवाई नहीं हुई. पीड़िता अब एसपी से न्याय की गुहार लगाई है.
पीड़ित ने बताया कि वो मकान बनवाकर प्राइवेट जॉब के कारण दिल्ली चले गए थे तभी गांव के दबंगों ने मेरे मकान पर कब्जा कर लिया जिसकी शिकायत हमने थाने से लेकर एसपी साहब तक की लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. अगर न्याय नहीं मिलेगा तो छोटे से बच्चे को अनाथ आश्रम में छोड़कर मर जाएंगे.

वहीं इस मामले में डिप्टी एसपी समर बहादुर सिंह ने बताया कि एक महिला एसपी साहब के पास फरियाद लेकर गयी थी. जिसने अपने मकान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है. मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी.


अगर कुल मिला कर देखे तो प्रदेश में कानून वाव्य्स्था  इतनी लचर हो गई है  की कुछ कहा नहीं जा सकता की कब क्या हो  जाए प्रदेश का हर नागरिक खोफ  में है लेकिन योगी  मीडिया  की मदद  से ऐसे  दिखाने की कोशिस  कर रहे है की जैसे कुछ हुआ ही नहीं  है 
deteriorating condition of law & order 

Thursday, 18 May 2017

पूर्व सैनिक की पत्नी ने मोदी को भेजी ५६ इंच की चोली


जन उदय : सत्ता में आने से पहले सिम्रिति इरानी रोज मनमोहन को चुडिया भेंट करती थी और बड़ी बहादुरी दिखाती थी लेकिन जब से मोदी सरकार आई है ऐसा लगता है की पाकिस्तान को भारतीय सैनिक मारने का लाइसेंस मिल गया है , और मोदी सरकार किसी पालतू कुत्ते की तरह बैठी रहती है . मनमोहन कम से कम गुर्राता रहता था और पाकिस्तान को द्बाबे रखता था , लेकिन अब तो तीन सालो में अब तक एक हजार के करीब सैनिक मारे जा चुके है , इस बात से नाराज हो कर एक पूर्व सैनिक की पत्नी ने जो क्या आप उसे जान कर हैरान रह जाएंगे

हरियाणा के फ़तेहाबाद से एक पूर्व सैनिक की पत्नि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है और उसके साथ 56 इंच की चोली भी। इस पत्र में पूर्व सैनिक की पत्नि ने प्रधानमंत्री से सैनिकों को बदला लेने की छूट देने की बात लिखी है


और पत्र के साथ 56 इंच की चोली भेजी है।

बताया जा रहा है यह महिला फ़तेहाबाद के एक पूर्व सैनिक धर्मवीर काजला की पत्नी है और उसका नाम सुमन है।
कश्मीर और सीमा पर सैनिको के साथ हो रहे दुर्व्यहार पर सुमन ने नाराजगी जताते हुये लिखा है कि प्रधानमंत्री बनने से पहले आप कहते थे कि एक के बदले 10 सर लाउंगा।

अब सैनिकों को आतंकवादियों द्वारा अपमानित किया जा रहा है और उन पर पत्थर बरस रहे हैं।


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बदनाम कर रहा ही ब्राह्मणवादी मीडिया भीम आर्मी को : कातिलो की जगह ,पीडितो को जेल में बंद कर रही है

बदनाम कर रहा ही ब्राह्मणवादी मीडिया भीम आर्मी को : कातिलो की जगह ,पीडितो को जेल में बंद  कर रही है  
जन उदय : सहारनपुर में ठाकुरों ने दलितों की बस्ती में हुड-दंग किया या के युवाओं की महिलाओं की बुजुर्गो की पिटाई की , इसके बदले में पुलिस ने अपनी जातिवादी मानसिकता के चलते ठाकुरों पर कोई कारवाही नहीं की डी एम् भी चुप रहा इसी बीच वीर बहादुर ठाकुरों ने २० से जयादा निहत्थे चमारो को तलवारों से घायल कर दिया . लेकिन फिर भी पुलिस वालो ने कोई कार्यवाही नहीं की इस पर चमारो ने पुलिस की गाडिया जला दी और चौकी को आग लगा दी .

इसके बाद पुलिस और प्रशासन मीडिया में इस तरह की गलत बयानबाजी कर रहा है की सारी फसाद की जड़ भीम आर्मी है



कमाल की बाते देखो :

१.     पुलिस प्रशासन यानी एस एस पी दुबे और डी एम् नरेंदर सिंह , जो ठाकुर है ने ठाकुरों को दंगा करने से नहीं रोका , पुलिस के होते हुए भी मौके पर पुलिस नहीं भेजी
२.     दंगाई ठाकुरों के खिलाफ जिन्होंने निर्दोष बच्चे , बुजुर्गो को तलवारों से मारो उनके खिलाफ कार्यवाही नहीं की
३.     जब भीम आर्मी ने इनके खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव डाला तो इनके ही खिलाफ मुकदमा बना दिया
४.     पुलिस कहती है की भीम आर्मी ने अपना ग्रेट चमार का बोर्ड लगा रखा है जिससे ठाकुरों को ऐतराज है .. तो कोई इनसे पूछे क्या बोर्ड लागना अपराध है ?? और इस बोर्ड से ठाकुरों को क्या जलन है ?? यानी हमेशा डरे , इनको सलाम ठोके तो सही वर्ना उपद्रवी ?? या इन लोगो के नाम से सब कुछ हो
५.     इतनी घटना के बाद मीडिया ने सही ढंग से रिपोर्टिंग नहीं की
६.     मीडिया पर सरकार ने दबाव डाला खबर न दिखाए
७.     दंगाईओ के लिए प्रशासन की तरफ से हथियारों की सुविधा मिली
८.     घायल चमारो को इलाज तक नहीं होने दिया जा रहा

अब कोई बताये क्या अपनी रक्षा करना अपने आत्म-सम्मान की रक्षा करना अपराध है ??
इन्ही ठाकुरों ने जब ये लोग बाबा साहेब की मूर्ति लगा रहे थे तो मूर्ति नहीं लगने दी इन लोगो ने सरेआम गुंडागर्दी की जब भी जातिवादी मानसिकता के पुलिस प्रशासन ने ठाकुरों की मदद की .

इन्ही चमारो को मुसलमानों से लड़वाने के लिए आर एस एस नाम के आतंकवादी संघठन ने २० अप्रैल को कोशिस की कमाल की बात ये है जब इनको डर लगता है तब ये लोग चमार भंगी को हिन्दू हिन्दू कहने लग जाते है . वर्ना इसके बाद इन्हें अछूत बना कर हमला करते है भेदभाव करते है . सहारनपुर उत्तर प्रदेश या गुजरात या अन्य स्थानों पर यह रोज होता है लेकिन तब कोई आगे नहीं आता

सहारनपुर में भीम आर्मी के लोगो ने जो किया यह बात पुरे देश के दलित समाज को काफी प्रेरित कर रही है , और लाखो करोडो लोग भीम आर्मी में जाना चाहते है . इनका मानना है की आर एस एस जैसे संघठनो और अन्य ठाकुर बनिए ब्राह्मणों की जातीय गुंडागर्दी रोकने में कामयाब होगा और इस देश पर फिर से मूलनिवासियो का वर्चस्व होगा और पुरे देश में फैली अमानिविय प्रथाए खत्म होंगी



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