Apni Dukan

Thursday, 19 May 2016

जानिये ब्राह्मण संघियो के आदर्श सिर्फ डरपोक , देशद्रोही ,गद्दार ही क्यों होते है ?


जन उदय : अगर आप ब्राह्मणों का इतिहास देखे तो ये बात वैज्ञानिक रूप से साबित है की ब्राह्मण इस देश में विदेशी हमलावर है  और इन्होने इस देश के साथ जितनी गद्दारी , मक्कारी  और देशद्रोह किया है इतना बड़ा  उधाह्र्ण  पूरी दुनिया में कही नहीं मिलेगा

इन लोगो ने धोखे से  सत्ता  अपना कर इस देश के मूलनिवासियो को  सामाजिक , शेक्षिक  और आर्थिक रूप से वंचित कर दिया  और इस व
जह से ये लोग शारीरिक  और मानसिक   रूप से भी गुलाम हो  गए ,
लेकिन सत्ता के बदलते क्रम में जब इस देश में मुस्लिम शासक  आये तो ये लोग मुस्लिम लोगो के साथ हो गए और सत्ता में बने रहे , मुस्लिम से अपनी जान बचाने के लिए मुस्लिम राजाओं से अपनी बहन बेटियो की शादी  की  और उसके बदले में अपने प्राण  पाए . यह कहा जाता है की मुस्लिम राजा गैर मुस्लिम लोगो पर जजिया कर  लगाते थे , लेकिन कमाल की बात है इन ब्राह्मणों  पर कोई टैक्स या कर  नहीं लगता था

इसके बाद अंग्रेज आये तो ये लोग अंग्रेजो के साथ भी हो गए उनके हर काम में उनके साथ रहे  , बल्कि ऐसा हुआ की ४० करोड़ की आबादी के इस देश को चलाने के लिए  ब्राह्मण शक्ति  पूरी तरह से अंग्रेजो के साथ थे , बल्कि तिलक , सावरकर , गोविलकर , हेडगवार  , जैसे लोग अंग्रेजो के साथ थे

अब आजादी के बाद सत्ता  पूर्ण रूप से ब्राह्मणों  के हाथ आ गई है
  ये लोग अपनी आदत के अनुसार फिर इस देश से गद्दारी में लगे है  यहाँ तक की ये लोग  अपना वर्चस्व फैलाने के लिए अब ने ने प्रपंच रच रहे है कभी लव जिहाद , कभी गोमांस , कभी राष्ट्रवाद ,  दरअसल  ये लोग पुरे देश के लोगो को हिन्दू नाम से भ्रम में रखना चाहते है ये नहीं चाहते की जनता को इनकी असलियत  पता  चले इसलिए ये लोगो को उलझा कर रखना चाहते है

ये वो डरपोक और गद्दार लोग हबी जो हिन्दू नाम का कवच  पहने हुए है और देश की ९३ % आबादी को बेवकूफ बनाए हुए है

इनके आदर्श भी वो लोग है जो डरपोक  गद्दार और देशद्रोही रहे है बाजपाई , सावरकर , राना प्रताप , तिलक  आदि



Tuesday, 17 May 2016

मोदी सरकार के बाद हर भारतीय रोयेगा ,नहीं हो पाएगी २५ सालो तक नुक्सान की भरपाई जानिये ऐसा क्या किया है भाजपा सरकार ने


जन उदय : अच्छे  दिन आयंगे लोगो के इस उम्मीद में मोदी को वोट  दिया इसके अलावा  विज्ञापन  का जो एक औरा  जनता के सामने पेश किया गया उससे तो जनता को भ्रम  हो ही गया  था  कि  मोदी काल में लोगो के अच्छे  दिन आयंगे ही .

लेकिन जनता का भ्रम धीरे धीरे टूटने  लगा  और मोदी अपनी हर योजना में फेल हुआ  इसलिए मूह छिपाने के  लिए मोदी हमेशा विदेश में ही रहता है  , प्रधानमंत्री होते हुए भी विदेश मंत्री , उद्योग मंत्री  और क्लर्क  के सारे काम मोदी विदेशी में खुद कर रहा है
अब तक देश में बैंक का पूंजीपतियो  पर बकाया  पैसा ३. ५ लाख करोड़ है . शिक्षा  के क्षेत्र में मोदी ने देश के शिक्षण  संस्थानों  का बेडा गरक  कर दिया  सिम्रिति  इरानी और संघी  बेवकूफों  की भरमार हो गई है

देश के अंदर  बेरोजगारों की संख्या ३०० %  से जयादा  बढ़  गई है उधोय्ग   और लघु  उद्योग  सब बर्बाद हो  रहे है ,छोटे  छोटे   सारे व्यापारी बाजार में रो   रहे है .
मोदी  अपने इन नाक्म्याबियो को छिपाने के लिए कभी  गोमांस का मसला  उठाता  है जो छ महीने से जयादा चला , कभी लव  जिहाद का जो इसी क्रम  में चला ,  फिर घर वापिसी  , कभी दंगे , कभी मंदिर  लेकिन देश की समस्या पर कभी ध्यान नहीं  दिया  जो योजनाये गरीबो के नाम पर बनाई  वो सब पूंजीपतियो को ही फायदा  पहुचा रही है , गंगा सफाई और अन्य  योजनाये अपने मंत्रियो  की पेट  भरने के लिए बनाई गई है

दलितों के नाम पर चली योजनाओं का पैसा ब्राह्मण  बनियों  को बांटा   जा रहा है , और  अब थोड़े दिन के बाद  आतंकवादियो  द्वारा किसी मंदिर पर हमला होगा   और इसके बाद  पाकिस्तान से एक और कारगिल  यानी  देश का सर्वनाश  . बुधिजीविओ का मानना  है मोदी काल में हुआ देश का नुक्सान अगले २५ साल में  पूरा हो पायगा

यानी मोदी  काल देश का सर्वनाश 

Tuesday, 10 May 2016

ब्राह्मण इसी तरह देशद्रोही और गद्दार नहीं है , जिस तरह अमरीका मुसलमानों का दुश्मन नहीं है

जन उदय : अगर कोई कहे की अमरीका  दुनिया का  बहुत बड़ा  उदार देश है वह  दुनिया में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर  रहता है , दुनिया में मजलूमों की साहयता के लिए सबसे पहले कदम आगे बढाता  है . दुनिया में मुसलमानों में जो भ्रम है की अमरीका मुसलमानों का दुश्मन है ये सब गलत है . तो जनाब ये उपर लिखी बाते ही गलत है . अमरीका दुनिया का वह देश है जो सिर्फ सपने फायदे के लिए किसी भी हद तक उतर सकता है जिसका नज़ारा पूरी दुनिया जापान पर बम्ब गिराने से लेकर अरब देशो में तेल पर कब्जा करने के लिए सद्दाम हुसैन की हत्या  और इरान ,ईराक ,अफगानिस्तान और अन्य देशो में आतंकवाद को फैला कर अपना उल्लू  सीधा कर रहा है

अब कोई कहे की आर एस एस एक राष्ट्रवादी संघठन है , ये जो करते है देश के लिए करते है देश के लिए अपनी जान भी दे देते है , ये भारत को एक ऐसा खुशहाल देश बनाना  चाहते है जिसे दुनिया देख कर जले , ये भारत में सभी आर्थिक और सामाजिक असमानता  और भेदभाव खत्म करना चाहते है  ताकि सभी लोग समान  रूप से रह सके शिक्षित  हो सके , . की ब्राह्मण देश में एकता लाना चाहते है ,  ये सबको सामान अधिकार देना चाहते है , ये लोग समाज में फैला  अंधविश्वास खत्म करना चाहते है , सभी धर्मो के लोगो के साथ मिल जुल कर प्यार  से सोहार्द  से रहना  चाहते है .. तो जनाब लिख लीजिये ये सब बाते भी एकदम  गलत है , क्योकि सबसे पहले ब्राह्मण देशभक्त नहीं बल्कि विदेशी हलवार   और देश का सबसे बड़ा  गद्दार है , ये लोग यहाँ हमलावर की तरह आये और आजतक इस देश से गद्दारी कर रहे है , इसके अलावा ये देश में फैली अशिक्षा  और सामाजिक बुराई को फैलाना  चाहते है ताकि लोग अज्ञानता के चलते इनके मानसिक गुलाम बने रहे . देश में समाज में फैली असमानता चाहे वो आर्थिक और या सामाजिक हर बिमारी के जनक  ,उसके रक्षक  और पोषक  यही लोग है ये लोग कभी नहीं  चाहते देश कभी तरक्की करे  इन्हे सिर्फ़ अपना फायदा दिखाई  देता है


दंगा , जातिय  हिंसा , ये सबको बनाए रखना चाहते है  , इनका तिहास  देस्खे तो हम ये ही पायंगे की ये लोग इस देश के सबसे बड़े गद्दार है और देशद्रोही है  

Monday, 9 May 2016

संघी आतंकवाद का एक और नमूना इनके .. इशारे पर एन डी टीवी कई नेटवर्क से गायब , दर्शक परेशान

जन उदय : ये बात तो पिछले   दिनों की सबको याद होगी की  वाराणसी  जहा से मोदी  जीता था  वहा से एन डी टीवी  को कई टीवी नेटवर्क से हटा दिया गया था कारण था एन डी टीवी  एक मात्र  ऐसा टीवी  न्यूज़ चैनल   रहा जो मोदी चालीसा  नहीं पढ़  रहा था

यानी दंगाई  सरकार और उसके समर्थक दलों के गुणगान नहीं कर रहा था , जिसका खामियाजा  एन डी टीवी को भुगतना पढ़  था और एन डी टीवी को एक तरह से बंद कर   दिया गया  

इसके बाद भी एन डी  टीवी ने  सच्चाई  का साथ नहीं छोड़ा   बल्कि जे एन यु षड्यंत्र  जिसमे मोदी  के साथ  देश के सभी न्यूज़ चैनल थे  जो बेगुनाह छात्रों  को आतंकी साबित करने में लगे थे उसी वक्त ही एक ऐसा चैनल  था जिसने दलित  छात्रो की मदद से  भाजपा  का षड्यंत्र  सबके  सामने लाने में मद्दद  की   ठीक उसी तरह हैदराबाद सेंट्रल  यूनिवर्सिटी में रोहित वेमुला की हत्या के खिलाफ षड्यन्त्र  को सबके सामने लाने में मदद की

अन्यथा  बाकी सभी चैनल   संघ के साथ   दलितों के खिलाफ षड्यंत्र  को अंजाम देने में लगे थे


अब दुबारा से  एन डी टीवी   संघ   आतंकवादियो   से बर्दास्त  नहीं हो  रहा है इसलिए यदा  कदा  सभी नेटवर्क यानी डिश  एयरटेल , den   आदि नेटवर्क से हटा दिया जाता है ताकि  सच्चाई  सबके सामने न आ सके 

Saturday, 7 May 2016

रोहित वेमुला , डेल्टा और जीशा की हत्या के लिए न्याय के आन्दोलन को खत्म करना चाहते है वामपंथी छात्र आन्दोलन


जन उदय : अगर हम १९४७ के पहले के वामपंथी आंदोलनों का सही सही विवेचना करे तो हम  पायंगे की वामपंथी आन्दोलन की इन वामपंथी आंदोलनों का मुख्य उदेश्य  दलित आंदोलनों को खत्म करना था कमजोर करना था न की समाज में एकता , समानता और समाजवाद लाने में इनकी कम दिलचस्पी बहुत कम थी  बल्कि यु कहे ये आन्दोलन दलित आन्दोलन को कजोर करने के षड्यंत्र थे

आजादी के बाद भी दलित आन्दोलन सिर्फ इसलिए कामयाब नहीं हो पाए क्योकि ये लोग दलित युवाओं को समानता और समाजवाद के नाम पर भ्रमित करने में कामयाब रहे सारे के सारे दलित युवा हमेशा इनके पीछे  लगे रहे  , दलित  युवा ये कभी नहीं समझ पाए कि  इन वामपंथी आंदोलनों में सिर्फ और सिर्फ ब्राह्मण  और  उच्च  जातिय  मुसलमान ही क्यों शीर्ष पर रहे .. कभी भी इन आंदोलनों में दलित आगे नहीं आये जबकि ये सारे आन्दोलन चलते रहे दलितों के नाम पर गरीबो के नाम पर

कुल मिला कर  ये वामपंथी लोग दलितों को अपने आन्दोलन के लिए इंधन की तरह इस्तेमाल करते रहे लेकिन दलितों को कभी उनका हक नहीं मिला

 हाल ही में हैदराबाद  सेंट्रल यूनिवर्सिटी में रोहित वेमुला की संस्थानिक  हत्या ने दलित आन्दोलन ने  पूरी दुनिया  को हिला दिया था , पूरी दुनिया में इस हत्या की निंदा  हो रही थी .. ये वामपंथी कभी भी रोहित वेमुला के जिन्दा रहते कभी दलित छात्रो के साथ नहीं आये लेकिन रोहित वेमुला की हत्या से फायदा उठाने तुरंत आ गए


जब आन्दोलन कम न हुआ तो वामपंथी छात्र ब्राह्मणों के इशारे पर कन्हिया को लेकर एक अन्य षड्यंत्र को जन्म देने लगे इसके बाद यही हुआ यानी जे एन यु षड्यंत्र जिसके बाद रोहित वेमुला की हत्या को लोग भुलाने लगे .. इसके बाद डेल्टा मेघवाल का 
बलात्कार और हत्या हुई  जैसे ही डेल्टा आन्दोलन ने टूल पकड़ा  फिर जे एन यु में एक और षड्यंत्र हुआ उसमे भी वामपंथी  यानी कन्हीय्या  आगे आ गया  इसके बाद जीशा की हत्या और बलात्कार के मसले को फिर जे एन यु ने दबा दिया और अब फिर दुबारा से इसी तरफ आगे बढ़  रहे है . यानी कुल मिला कर दलित आन्दोलन को कमजोर करना सिर्फ यही है वामपंथी आन्दोलन का मकसद  वामपंथी यानी ब्राह्मणों का एक और संघठन 

दलितों करे ब्राह्मणों का सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार


जन उदय : दुनिया   चाँद पर पहुच गई लेकिन संघी ब्राह्मणों के दिमाग अभी भी गटर में ही रह्तेहाई ये लोग चाहे जितना भी पढ़ लिख  लिख ले लेकिन लेकिन ये लोग जाहिल ही रहेंगे .

ये ही दुनिया की एक ऐसी जाति है जो जहा   जाते है वही अपनी दिमाग की  गंदगी वहा वहा फैलाते है
हाल ही में कुम्भ में दलितों के लिए अलग स्थान   बनाया और उसका कारण संघी गधे ये बता रहे है ये लोग गंदे होते है

हमारे देश में सामाजिक परिवर्तन की लहर चल पढ़ी  है और इसको आगे जभी  बढाया जा सकता है जब दलित लोग आर्थिक और सामाजिक रूप से जयादा शक्तिशाली होंगे  और इसके लिए एक सामाजिक स्तर पर दलितों को एक मुहीम चलानी होगी यानी  रोज मर्रा के सारे  सामान  सभी लोग सिर्फ दलितों की दूकान से ही खरीदे , अगर यह सम्भव न हो तो तो सभी लोग पैसा इकट्टा कर थोक में ले आये

इसके अलावा दलित लोगो को सवर्ण लोगो के खेतो  और फक्ट्री में काम नहीं करना चाहिए
ये कुछ लोगो को बढ़ा  अजीब लगेगा  लेकिन एक बार अगर दलित इन ब्राह्मणों का सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार शुरू कर देंगे तो बाजी जल्द ही दलितों के हाथो में आ जाएगी ,


रही मन्दिरों में और भगवानो की बात तो जिनको जरूरत है वो अपने मंदिर बना ले और खुद ही चढ़ावा  खुद अपने सामाजिक की भलाई के लिए लगाए  या फिर इतनी ताकत रखे अगर कोई इस तरह की हरकत करे की जाति  के नाम से उन्हें मन्दिर में न जाने दे   या जो कुम्भ में हुआ  तो जूता  लेकर उसकी पिटाई  करो


इसके अलावा  दलित इन ब्राह्मणों  से कोई भी सामाजिक  रिश्ता  न रखे  इनके आने पर  थूके  और अपने  पास ही न  आने दे

वो दलित नेता जिनकी बहन और बेटी के बलात्कार के बाद भी सत्ता के लालच में नहीं खोला अपना मूह , जानिये कौन कौन है वो ??

जन उदय :  क्या आपने ऐसे लोग देखे है जो पैसे और सत्ता के लिए अपनी बहन बेटी को भी दाव पर लगा दे , उन्हें बेच दे , या किसी को उनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ करने दे , या उनका बलात्कार भी हो जाए तो तो कुछ पैसे या सत्ता में कुछ पद  ले कर चुचाप बैठ  जाए ??? शायद नहीं देखे होंगे या देखे होंगे या सुने होंगे तो सालो के बाद कही कोई या शायद बिलकुल नहीं 

लेकिन आजकल दलित नेता ऐसे है जिन्होंने नीचता की हद पार कर दी है ये लोग पैसे और सत्ता के इतने भूखे हो गए है जिन्हें अपने परिवार और रिश्तो तक की बली चड़ा  दी है शायाद इसे कहते है इंसानियत का मर जाना या आँख का पानी मर जाना
आप सभी सोचंगे की ऐसे नेता कौन है ?? क्या ऐसा सचमुच हुआ है , ?/  

बिलकुल ऐसा  ही हुआ है और जितने भी दलित नेता है सबने ये काम किया है क्योकि एक तरफ ये दलित नेता दलितों के नाम पर वोट लेते है या सत्ता में हिस्सा लेते है है और दलित लोग भी इसी उम्मीद में इनको चुनते है की ये लोग आगे जा कर इनके दुःख दर्द्द में भागी बनेंगे अगर कोई मुसीबत आयगी तो ये नेता इनका साथ देने आयंगे , क्योकि दलित  होना अपने आप में सजा  है  तो शायद ये लोग इनका दर्द समझेंगे और इनके बीच एक रिश्ता होता है , इंसानियत का भाईचारे का  और दलित होने का
लेकिन ये दलित नेता सिर्फ अपनी कुर्सी संभालने में लगे है , 


पुरे देश में दलितों की हत्याए  हो रही है लडकियो के बलात्कार हो रहे है लेकिन ये नेता कुछ नहीं बोलते

डेल्टा , और जीशा  के बलात्कार  और हत्या ऐसे मामले है जिससे दलितों को एकदम सचेत हो जाना चाहिए  और आंदोलित हो जाना  चाहिए क्योकि अब ब्राह्मणों ने नई  रणनीति  अपना ली है दलितों को फिर से गुलाम बनाने  के लिए , सबसे पहले की शिक्षा  छीन ली जाए दलितों से दूसरा  पढ़े  लिखे और मेधावी  दलित  छात्र  छात्राओं  की    हत्या  यानी जल्द पतन

अब दलितों के उपर है की वो लोग सबसे पहले इन दलित  नेताओं को जूता  मारते   है या इनको  अपनी दलाली  के लिए छोड़ते  है