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Monday, 10 July 2017

ब्राह्मण राजपूत समेत सभी गुंडों की मौज है यु पी में , मिल रहा है मुआवजा और पेंसन . दुनिया सबसे बड़ा गुंडा प्रदेश है यु पी


ऊंचाहार में मारे गए ब्राह्मण नहीं अपराधी व शूटर थे योगी के मंत्री के बयान से मचा हड़कंप, देखें कौन है ये मंत्री
कुशीनगर, ऊंचाहार में मारे गए 5 ब्राह्मणों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहाँ एक तरफ पुरे प्रदेश की ब्राह्मण संगठन हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं तो वहीं योगी सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने मारे गए सभी लोगों को शातिर अपराधी करार दे दिया है।

योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामीप्रसाद मौर्या ने शनिवार को कहा कि, ऊंचाहार में ब्राह्मणों की हत्या नहीं हुई है, अपराधियों की हत्या हुई है, सभी हिस्ट्रीशीटर थे। उनके ऊपर थानों में गंभीर मामलों मे केस दर्ज है।
योगी के मंत्री ने सपा विधायक मनोज पांडेय पर आरोप लगाया कि ग्रामप्रधान राजा यादव की हत्या करने के लिए उन्हें भाड़े पर बुलाया गया था। मारे गए लोगों मे एक भी व्यक्ति रायबरेली जनपद के निवासी नहीं है। मारे गए सभी फतेहपुर व प्रतापगढ के रहने वाले हैं।

सपा व कांग्रेस पर पर बरसते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि, सपा व कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है इसीलिए दोनों पार्टियां लाश पर राजनीति कर रही हैं। ऊंचाचार में पांच लोगों की हुई मौत जनआक्रोश का प्रतिफल है। दोनों पार्टियां हमें बदनाम करने के लिए कुचक्र रच रहीं है। भीड़ द्वारा प्रतापगढ व फतेहपुर के लोग मारे जाते हैं और वाई श्रेणी की सुरक्षा विधायक मनोज पांडेय मांग रहे हैं।
दूसरी खबर

पिछले दिनों रायबरेली में बीते दिनों पुरानी रंजिश को लेकर पांच ब्राह्मणों की हत्या कर उन्हें गाड़ी में बंद करके जला दिया गया था। इसी मामले में ब्राह्मण समाज ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए और मृतकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाए

रायबरेली जिले के ऊँचाहार थानान्तर्गत इटौरा बुजुर्ग गाव सुर्ख़ियों में है ।जनपद प्रतापगढ़ के संग्राम गढ़ गाँव के रहने वाले रोहित शुक्ल ,बृजेश शुक्ल ,नरेंद्र शुक्ल और इनके दोस्त अनूप मिश्र ,तथा अंकुश मिश्र स्कॉर्पियो गाड़ी से इटौरा बुजुर्ग गाँव के प्रधान राम श्री यादव के घर हत्या करने के इरादे से हमला कर दिये ।

        चूँकि रोहित शुक्ला नेवासे मिलने की वजह से इटौरा बुजुर्ग गाँव में आता जाता था और पिछड़ी जाति बाहुल्य वाले गाँव में प्रधान बनने की लालसा से वह अधिकतर गाँव में दबंगई किया करता था । प्रधानी चुनाव में हारने के कारण वह राम श्री यादव को अपने रास्ते से हटाना चाहता था ।

           इसी कायरता पूर्ण कार्य को अंजाम देने के लिये रोहित शुक्ला अपने बदमाश दोस्तों के साथ ब्र्हाम्नी व्यवस्था के मजबूत पायदान पर बैठकर राम श्री यादव के परिवार को ललकारने लगा ।प्रधान परिवार के लड़के अपनी जान बचाकर गाँव की तरफ़ भागे ,लोकप्रिय प्रधान के परिवार को भागता देख भारी संख्या में रात्रि के नौ बजे के आसपास ग्रामीणों ने हमलावरो को खदेड़ लिया ,हमलावर स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठकर भागते समय बिजली के खम्बे से टकरा गये । जोरदार झटके से गाड़ी में आग लग गयी ,गाड़ी से उतरकर तीन लोग भागने लगे इतने में ग्रामीणों ने उन्हें लाठी दंडों से पीटकर मार  डाला ,दो लोग गाड़ी में से उतर कर न भागने की वजह से जल गये , प्रत्यक्ष दर्षियो के द्वारा पोलीस को बताई गई घटना को a.d.g.police ने प्रेस कांफ्रेंस में ये बात कही थी ।


           दूसरे दिन यादव प्रधान के परिवार को फँसाने के लिये रणनीति बनायी जाने लगी ,दैनिक  समाचार पत्रों के ब्राह्मण पत्रकारों ने सबसे पहले इस घटना को तोड़ मरोड़ कर लिखना चालू किया ,उसके बाद देष भर के ब्राह्मण संघटन एकजुट होकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट,तथा बिजलीघर से बिजली व्यवस्था की दुहाई देकर हमलावरो को हत्यारा N बताकर ब्राहम्ण की हत्या के जिम्मेदार लोगों को मुलजिम बनाने का प्रचार करने लगे ।

       प्रधान के घर के चार लोँगो को पुलिस ने ग्रिप्तार कर लिया है ,पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिव कुमार यादव को मुख्य साजिश करता मानते हुये रात्रि में ग्रिप्तार कर लिया ।

   पूरे देष के ब्राह्मण यादव परिवार को तहस नहस करने पर उतारू हैं ,आप अपना नैतिक समर्थन दीजिये ,आप भी यादव समुदाय को इकठ्ठा करके मांगपत्रक अपने अपने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजईये ,   परिधि न्यूज़

क्योकि रोज रोज लालू और मुलायम जैसे नेता नही बनते ऐसे नेता वर्षों में एक ही नेता मिलते है
यादवो में भी बहुत नेता है सब नाम के और तो और सिर्फ चापलूस
मुझे याद है बिहार में यादवो के खिलाफ गाली गलौज किया गया यहाँ तक यादव जाती को आतंकवादी बताया गया फिर भी किसी यादव ने कुछ नही बोला यहाँ तक कि भाजपा में बहुत यादव नेता थे उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ नही बोला  आखिर क्यों ???

सिर्फ राजद ने ही पूरा बिहार में यादवो के खिलाफ बोलने वालों को आड़े हाथ लिया था  क्या राजद ने ही सिर्फ यादवो का ठेका ले रखा है??

देश के नौजवान बहादुर तेज बहादुर यादव के खिलाफ  भाजपा  ने दाल की कीमत उसका नौकरी खाकर चुकाई कोई भाजपा  यादव नेता ने नही कुछ बोला आखिर क्यों???


यूपी में नाम के आधार पर ही देखते पुलिसकर्मी को तबादला कर दिया जा रहा और इसपे तेजश्वी यादव ने जमकर लताड़े है लेकिन फिर भी कुछ यादव बोलता है लालू तेज तेजश्वी ने यादवो के लिए क्या किया तो मैं उन मूर्ख यादवो को बता देना चाहता हुँ इनलोगों ने  आवाज देंने का काम किये है और आवाज बुलंद रहने के बाद ही हक मिलता है सुधर जाओ यादवो और इस दुख की घड़ी में लालू जी का साथ दे और अपना यादव एकता का परिचय दे वरना हक और  आवाज दोनों  फिर से दबा और कुचल दिया जाएगा घोटाला तो बहुत हुआ है, उस पर सी बी आई क्यों नहीं लगता केन्द्र सरकार , सिर्फ यादव को अलग थलग करके सभी गरीबो को सामन्ती शासन करने की साजिश किया जा रहा है, आरक्षण  को भाजपा  ख़त्म करना चाहती हैं, लेकिन लालु यादव और मुलायम सिंह यादव ही भाजपा के रास्ते का काँटा है, इसलिए इनलोगो को फँसाकर रास्ते से हटाने का रास्ता खोज लिया हम सभी दबे कुचले भाई, बहनो से अनुरोध है की केन्द्र सरकार की साजिश का मुँहतोड़ जवाब देना होगा !!  तेजस्वी तदव 

Saturday, 28 May 2016

आने वाली नस्ले हमें माफ़ नहीं करेंगी , यह कह कर , उस वक्त तुम क्या कर रहे थे जिस वक्त संघ काल में में इंसानियत शर्मशार हो रही थी ,भगवा आतंक बढ़ रहा था


जन उदय : किसी भी देश का इतिहास   एक जैसा नहीं रहता , न उसमे हुक्म करने वाली हुकूमते एक रहती है  वक्त का पहिया हर किसी को कुचल आगे निकल जाता है , और एक  नए समाज को जन्म देता है  नये लोगो को इतिहास में भागीदार  और खिलाड़ी  बन्ने के लिए  आमंत्रित  करता है .

भारत  का इतिहास भी कुछ ऐसा ही रहा है , यहाँ लोग  और हुकूमते  आती रही जाति   रही , कई  परोपकारी   और कई  अत्याचारी  शासक  आये और चले गए . जब भी इस देश में जुल्म हुआ है  ये सिर्फ उस व्यक्ति की ताकत नहीं होती जो अत्याचार करने के लिए आगे बढ़ता  है बल्कि  उन लोगो की बहुत बढ़ी  गलती होती है जो लोग  इस बदलते मंजर को खामोशी से खड़े देखते रहते है और अपने आप को वक्त के पहिये के निचे बिना कुछ कहे  कुचल  जाते है
भारत के जिस दौर में हम आज गुजर रहे है   ये सच में एक बहुत बड़े  संकट का समय है और यह संकट है भारत में भगवा आतंकवादियो  की सरकार कहने को तो इस सरकार बन्ने में पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया  का पालन हुआ लेकिन इस प्रक्रिया में इतनी गडबडी  हुई की सभी लोकतांत्रिक शक्तिया  आवाक  रह गई और अंत में लोकतांत्रिक जंग में भारत के मानवतावादी शक्तियों  की हार हुई

इस भगवा सरकार बन्ने  के बाद शुरू से ही इन लोगो ने अपने आतंकी होने के प्रमाण देने शुरू कर दिए अपने देशद्रोही इरादों  को नजाम देना शुरू कर दिया  इसकी शुरुआत  गंगा  बचाओ आन्दोलन के नाम पर २०० करोड़  , बनारस के पंडो  के लिए ५६ करोड़ , और अन्य  ऐसे कार्य करना शुरू कर दिया


इन भगवा लोगो का काम सबसे पहले शिक्षा  संस्थानों  पर अपना कब्जा ज़माना था सो इन्होने पुणे फिल्म स्कूल हैदराबाद  यूनिवर्सिटी में रोहित वेमुला  की संस्थानिक  हत्या  मद्रास आई आई टी  में संघी आतंक  डेल्टा मेघवाल की हत्या , जे  एन यु    षड्यंत्र , मुजफ्फर नगर दंगे ,  गोमांस को लेकर आतंक , आदि
इन लोगो के द्वारा लोकहित के वादे सब फ्लॉप हुए देश कर्ज  और  पतन के गर्त में जाना  शुरू कर दिया हालांकि ये बात सबको मालूम थी की ये सब देशभक्ति के वादे सब झूठे है लेकिन सभी प्रगतिवादी  शक्तिया कुछ न कर पाई . और न ही कर पा रही है

इन लोगो ने पुरे देश में खुला  आतंक फैलाया हुआ है ,गरीबी महंगाई , बेरोजगारी बढती  ही जा रही है और ऐसा लगता नहीं की आगे कुछ रुक जाएगा   इसके विपरीत  मोदी के चहेते  सारे  पूंजीपति  खूब मुनाफ़ा  कमा रहे है  रेलैएंस का तिमाही  मुनाफ़ा  ४ से ६.५ हजार करोड़ पहुच गया है इसी तरह अधानी का मुनाफ़ा  ७५ ५ बढ़ गया है कमाल की बात यह है की सारी सरकारी संस्थाए घाटे में और आई सी यु में पहुच गई है इस बात को खुद  सरकारी  लोग मानते है  जिस जी डी पी का हवाला  दिया जा रहा है  उसमे रिटेल  और गरीबो का कितना हक है  इसका कोई  जवाब सरकार के पास नहीं है क्योकि ये सब भ्रम है . लगातार किसान आत्महत्या  कर रहे है , अपराधो  की संख्या  ४०० %  बढ़  गई है कमाल की बात यह है की इसमें दलितों के प्रति अपराध ३०० % से जयादा बढे  है , इनकी हत्याए बलात्कार लगातार बढ़  रहे है

 हमें इतनी उम्मीद नहीं थी की  देश इस तरह पतन के गर्त में चला जाएगा इसी कारण न जाने क्यों मन एक तनाव रहता है  क्योकि इस सरकार का असर आने वाली नस्लों  तक होगा और नसले हमसे पूछेंगी  की जब ऐसे लोग देश में आये तो आप लोग क्या कर रहे  थे ??  जवाब ये तो बिलकुल नहीं हो सकता हमसे गलती  हो गई या हम इन लोगो  को पहचान नहीं पाए ??  नहीं हम लोगो  को अपनी गलती मान ली चाहिए और ये स्वीकार करना चाहिए की  हम नाकामयाब हुए  ,


चाहे कुछ भी रहे लेकिन हम आने वाले वक्त में ऐसा नहीं होने देंगे  सभी लोगो  को  एकजुट करना होगा और अपने देश को बचाना होगा  इस देश की आने वाली नस्लों  को बचाना  होगा