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Wednesday, 13 April 2016

ब्राह्मण अपने अहम् , वर्चस्व और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे है , और दलित अपनी मुक्ति और अपने देश भारत की आजादी की

जन उदय : परशुराम  जिसने बौध  साम्राज्य का  अंत किया और बौध लोगो पर जो अत्याचार किये उनकी हत्याए की इसके बाद झूठे  ग्रन्थ लिख डाले  वे ये जानते थे की आने वाले समय में  इन ग्रंथो को भगवान् के संदेश के रूप में इस्तेमाल करेंगे  जिससे  ब्राह्मणों के वर्चस्व को समाज पर कायम किया जा सकेगा .

भारत  में इसके बाद मुस्लिम आये  और ब्राह्मणों ने मुस्लिम राजाओं के साथ मिल कर सत्ता में रहे और यह कह कर जजिया कर  से भी बचते  रहे की वो भी मुस्लिम की तरह विदेशी है  और इन लोगो ने वही काम अंग्रेजो के आने के बाद भी किया अंग्रेजो को सत्ता चलाने में उनका साथ दिया

लेकिन अंग्रेजो की एक बात इनको बहुत नागवार गुजरी की लार्ड मैकाले  ने शुद्र समेत शिक्षा का अधिकार दे दिया ,  ब्राह्मण यह भी तब तक समझ गए थे की लोकतांत्रिक तरीके से कुछ भी करते रहो तो अंग्रेज कुछ नहीं कहेगा

 जैसे ही शुद्रो अति शुद्रो को शिक्षा मिलने लगी  ब्राह्मणों ने समझ लिया की एक दिन ये लोग   हमसे यानी ब्राह्मणों से बदला जरूर लेंगे इसलिए इन्होने  १९२५ में है ब्राह्मणों की एक संस्था बनाई जिसको  राष्ट्रिय स्वयं  सेवक संघ कहते है यह संस्था  शुरू से ही ब्राह्मणों के हितो के लिए काम कर रही है , हलांकि लोगो को बेवकूफ बनाने के लिए इनके पास एक शब्द है वह है हिन्दू  यह शब्द भी मुस्लिम राजाओं का दिया हुआ है इसके अलावा मुस्लिम का डर  , अंधविश्वास ,  इतिहास की भ्रान्तिया , अशिक्षा   और भगवान्

आर एस एस की स्थापना  के दिन से लेकर यही इनके हथियार  रहे है , ये लोग धर्म के नाम पर लड़ा  रहे है , अन्धविश्वास  फैला रहे है और लोगो को भगवान् से डरा  रहे है , १९५० से ही इनको एक डर और भी है  वह है दलितों का डर  ये जानते है एक दिन दलित इनसे  जरूर  बदला लेंगे  इसलिए ये ओ बी सी  मुर्ख  और अन्य सवर्णों के  जरिये दलितों पर हमले करवाते है , राजनैतिक प्रक्रिया के जरिये दलितों को शिक्षा से दूर रकहते है , दंगे करवाते है ताकि दलितों को हिन्दू कह कर और मुसलमानों का  डर  दिखा कर हिन्दू शब्द की छाया  में रख सके जो सिर्फ ब्राह्मणों का हितकारी है


लेकिन बढ़ते  अत्याचार  दलित चेतना , शिक्षा  और ओ बी सी  वर्ग में भी बहुत मात्रा में चेतना आ गई है बरहमन लोग भी समझ गए है की अब इनका अंत नजदीक है  इसलिए  ब्राह्मण अपने पुरे सामर्थ्य से दलितों के दमन में लगे है  लेकिन दलित चेतना जिस स्तर से बढ़  रही है उससे यह बात तो निश्चित की  एकदिन  ब्राह्मणों का अंत निश्चित है 

शिक्षा नहीं के नाम पर घोटालेबाज ,गुंडे और मुर्ख प्रोफेसरों का राज है उत्तर प्रदेश में परीक्षा में दिखाया अनुपस्थित ,सालो से नहीं मिला रिजल्ट :: शिक्षक नहीं गुरु घंटाल है ये

जन उदय : उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी अपनी गुंडागर्दी और बदिन्ताजामी की वजह से मशहूर है  यही एक ऐसी जगह है जहा पर  सारे स्वर्ण/ऊँची जाति  शिक्षक है और जिन्हें ये नहीं मालूम की राष्ट्र गान किसने लिखा है  और उत्तर प्रदेश का मुख्य मंत्री कौन  है भारत का राष्ट्रपति कौन है.
गुंडागर्दी में माहिर प्रदेश में कब किसी बहन बेटी का  बलात्कार हो जाए कब कत्ल हो जाए इसका कोई भरोसा नहीं सो अपने घर से निकलने से अपनी तेरवी  का मन्त्र पढ़ कर ही निकलते है लोग घर से

इन गुंडों के सरदार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष  मुलायम सिंह यादव है जिन्हें नीची जाति से काफी नफरत है  और इतनी नफरत है  की एक बार इन्होने मायावती और कांशीराम जी की हत्या भी करवाने की कोशिस की थी लेकिन कामयाब नहीं हुए

अब शिक्षा का हाल देखिये  हाल ही यु पी टेट परीक्षा में खुद प्रश्न पत्र में जो सवाल दिए गए थे इनकी खुद की आंसर की में इनके जवाब गलत थे , जैसे ये बताते है ताजमहल लखनऊ में है आदि , इनकी इसी ही महानता से प्रदेश आगे बढ़ रहा है इनकी इसी महानता से लाखो लोग यु पी टेट में फेल हो गए है  और जो अपनी कोपी यानी आंसर शीत खाली छोड़ आये  थे पैसे के दम पर अव्वल नम्बर से पास हो गए है


इससे पहले भी मुलायम जी की सरकार में सामने आया था की पांचवी क्लास के बच्चे एम् ए की परीक्षा लिए करते थे अम्बेडकर यूनिवर्सिटी , आगरा का केस सबको याद होगा  

अब आइये मेरठ की चोधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के बारे में जो मुलायम की ऐसी फौज है जिसका ये ही नहीं पता चलता की ये प्रोफसर है, गुंडे है या  दलाल , यह जानकार सबको बढ़ा आश्चर्य होगा की अगर आपको प्रदेश में कोई कोलेज खोलना है और आपको इसके लिए किसी विश्विद्यालय से मान्यता  चाहिए  तो आप मेरठ   पहुच जाइए , जैसे ही आप यूनिवर्सिटी में पहुचंगे आपको दो चार प्रोफसर टाइप दलाल मिल जाएंगे  सौदा तय कीजिये  उपकुलपति  से मिलिए   आपकी सारी  वाव्य्स्था  हो जाएगी फिर क्यों न हो पैसा मुलायम तक पहुचता है

इनके द्वारा दिए गई मान्यता वाले कॉलेज  सिर्फ धंधा कर रहे है पैसे कमा  रहे है
अब अगर आपको कोई इन्क्वायरी करनी है तो आप  सी सी एस यूनिवर्सिटी की वेबसाइट  पर जाइए  फोन से लेकर ईमेल तक आपको कुछ भी सही ढंग से नहीं मिलेगा बोर्ड नम्बर काम नहीं करता   जिसका नम्बर है वो प्रोफसर ढंग से बात नहीं करता नम्बर छोडिये ईमेल तक साईट पर नहीं है

एक छात्र के केस में  जिसको बी एड परीक्षा २०१२ -१३ में अनुपस्थित दिखा दिया गया  था उसने परीक्षा की हाजरी सब यूनिवर्सिटी में जमा करा दी  चार महीने तक रिजल्ट नहीं या तो यूनिवर्सिटी में पूछने पर पता चला की कागज़  खो गए है , सो कागज़ दुबारा जमा करा दिए गए  लेकिन  दो साल के बाद भी यह  छात्रा अपने रिजल्ट के लिए भटक रही   है


जानिये कैसे आर एस एस का प्रोपगेंडा डिपार्टमेंट ( मिथ्या प्रचार विभाग ) जहर फैलाता है

जन उदय : वैसे तो आर एस एस  ने देश में अंधविश्वास , भेदभाव , जातिवाद  और समाज की  उस हर भ्रान्ति ,  को बढ़ावा  दिया है जो समाज में किसी भी वैज्ञानिक  विचारधारा के विपरीत चलती है  और समाज को गरीबी अशिक्षा , की और धकेलती है .
वर्तन समय में जैसे ही सोशल नेटवर्किंग साइट्स   का प्रचलन  जयादा  बढ़ा है वैसे ही आर एस एस ने माध्यम का सही ढंग से इस्तेमाल करने के लिए  कुप्रचार , मिथ्या प्रचार के ने ने तरीके निकाल लिए है

आइये  देखते  है इनमे क्या क्या शामिल है

अंधविश्वास  की लेख  :   आर एस एस का प्रोपगेंडा  डिपार्टमेंट  इस बात का सदैव ख्याल  रखता है की लोगो में अंधविश्वास बना रहे है  आइल लिए  हमेशा  मन को भ्रामक करने वाले लेख कविताएं  पोस्ट करते  रहते है , जिसमे  फोटो  और लेख दोनों शामिल है , फोटो में दस सर वाला  नाग , किसी पेड़ पर देवता का चित्र , नदी में पहाड़ में शंकर जी  का फोटो  इत्यादि शामिल है

भगवानो की तस्वीर : हर संघी जो प्रोपगेंडा में शामिल में है अपने फेसबुक और ट्विटर  अकाउंट पर रोज या तीसरे दिन भगवान् की फोटो लगाता रहता है
चमत्कारों के बारे में सूचना : हर संघी किसी न किसी तरह से चमत्कारों की यानी भगवान् के द्वारा किये गए चमत्कारों की फोटो लगता रहता है

भ्रामक विडियो और लेख : ये दोनों भी संघियो की ताकत है हर सम्स्य कुछ न कुछ ऐसे विडियो , भड़काऊ विडियो  ये फेसबुक पर लगाते रहते है  जैसे राम  मंदिर के मामले में इन्होने रामलला को जेल में दिखाया  था , आज भी एडिटेड  विडियो लगाते रहते है जे एन यु का विडियो  आदि

फोटोशोप फोटो : कुछ ऐसी फोटो जो लोगो गुमराह करती है वैसे फोटो एडिट करके लगाते रहते है , मोदी और ओबामा को फोटो  जो सही नहीं है  मोदी शेर के साथ , गो हत्या , तिरंगा को जलाना , भगवान्  की मूर्ति के उपर किसी मुसलमान को पैर रख कर दिखाना  आदि आदि शामिल है
खबरों के लिए   ये दिखाने के लिए की यह खबर अखबार में छपी है या किसी किताब में छपी है  ठीक उसी  फॉर्मेट में लेख  या अपनी बात लिख कर फिर उसे स्कैन  कर लगाते है की उस अखबार में छपी है या उस किताब में छपी है यह बात इसमें इन्होने कुछ नहीं किया

नेताओं ,कलाकारों के फेक फेसबुक और ट्विटर  अकाउंट बनाना : यह भी इनकी एक रणनीति का हिस्सा है उस अकाउंट में अपनी पसंददीदा  बात लिख कर फिर शयेर करते है और दिखाते है की देखो हमने नहीं इस फलां व्यक्ति ने कही है यह बात .

हाल ही में कनाह्ह्या के मामले में टाटा का ब्यान जो एक आर एस एस के बंदे ने छापा  था की टाटा अब किसी जे एन यु के लड़के को नौकरी नहीं देगा , बाद में उस अकाउंट को पकड लिया गया और जेल में डाल  दिया गया


झूटी किताबे  , लेख लिखना  , यह तो इनके मुख्य कार्य है ही लेकिन बदलते समय में आर एस एस ने अपने जहर फैलाने के तरीके भी मॉडर्न कर लिए है 

Tuesday, 12 April 2016

क्या आप जानते है की विजय माल्या जो ९००० करोड़ ले कर भागा है वह आपके बैंक अकाउंट से चुराया पैसा है ?? माल्या वापिस दे या न दे बैंक को कोई फर्क नहीं पड़ता

 जन उदय : क्या आप जाने है की हर बैंक विशेषकर सभी प्राइवेट बैंक आपके अकाउंट से पैसा  चुराते है , जिसकी वजह से उसे अरबो रूपये का मुनाफ़ा बिना कुछ करे धरे ही हो जाता ??

अब आप सबसे पहले बैंक चलाने का तरीका समझ ले  सबसे पहले एक राशि के साथ बैंक के संस्था की तरह बाजार में उतरता है  और इसकी सबसे बड़ी ताकत होती है इसे अकाउंट होल्डर यानी अगर बैंक में अकाउंट नहीं है तो समझ लीजिये वह बैंक नहीं चलेगा और जिस बैंक में जितने जयादा अकाउंट होंगे  बैंक उन अकाउंट होल्डर के पैसे से बाजार में व्यापार करेगा , वह लोन हो सकता है , कुछ अवधि जमा योजना  या कुछ और  और इस   व्यापार से होने वाले मुनाफे से यह बैंक अपने कर्मचारियो को सेलरी , और अन्य सुविधा देता है , यानी बैंक पूर्ण रूप से आपके पैसे से चलता है

पिछले कुछ सालो से बैंकिंग सेक्टर में काफी बदलाव आये है काफी सुविधाए बैंक ने अपने अकाउंट होल्डर के लिए बढाई है , नेट बैंकिंग , ए टी एम् आदि इसी तरह की सुविधाए है  इसके साथ साथ प्राइवेट बांको की संख्या भी काफी बड़ी है 

प्राइवेट बैंक अपने यहा ग्राहकों की संख्या बढाने के लिए तरह तरह की सुविधाए  और वादे करता है और विज्ञापनों पर भी 

हर साल करोडो खर्च करता है , इसके साथ साथ पूंजीपतियो को लोन भी देता है
पिछले कई सालो में लाखो करोडो का लोन पूंजीपति ले कर बैठे हुए है  जिसमे अम्बानी अधानी,  विजय माल्या जैसे लोग है जिन पर हजारो करोड़ का लोन बाकी है लेकिन दे नहीं रहे है ,

इस बात में एक बात विशेष यह है की बैंक को इस हजारो करोड़ के लोन के डूब जाने का कोई गम नहीं नहीं , ऐसा क्यों ?? , क्योकि ये लोन का रुपया दरसल  आम लोगो के अकाउंट से लूटा हुआ चोरी किया हुआ पैसा जो डूब जाए तो डूब जाए , आइये  देखे कैसे चुराता है बैंक आपके अकाउंट से पैसा

आपके अकाउंट से हर महीने या  तीन महिने में  बैंक कुछ राशि काट लेता है वो भी बिना किसी कारण के यानी औसत बैंक बैलेंस , ए टी एम् चार्ज , दुसरे  बैंक से पैसा निकालना  , आदि
यह राशि हर साल इतनी बड़ी होती है की हर बैंक अरबो रुपया बिना बात के कमाता है और अकाउंट होल्डर के अकाउंट में इतनी छोटी होती है की लगभग सभी लोग  इस पर ध्यान ही नहीं देते
अब सवाल यह है की अगर कुछ लोग कहे तो भी  सरकार या रिज़र्व बैंक इस पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं करते ??  जाहिर है नेता रिश्वत नहीं लेते बैंक से लेकिन अगर वह कहे की इस पूंजीपति को लोन देना है तो बैंक मना नहीं करता  और वह पूंजीपति इस नेता को चुनाव में मदद करता है


इस तरह की लूट  में प्राइवेट बैंक एच डी ऍफ़ सी और आई सी आई सी आई बैंक शामिल है 

आरक्षण छोड़ने की बात करने वाले दलित नेता पहले खुद दलित राजनीती छोड़े और आरक्षित सीटो पर न लड़े

नई दिल्ली : रामविलास पासवान ने एक बार कहा था की अगर आरक्षण न होता तो वो आज जहा है वहा नहीं होते ,जाहिर है इसमें कोई दो राय नहीं है क्योकि आज जितने भी दलित है वो आरक्षण की वजह से आगे आये है


अब इनके सपुत्र  आरक्षण के लिए लड़ने वाली अपनी ही पिता की पार्टी से जिन्हें चुनाव लड़ने का आरक्षण मिला  कहते है कि आर्थिक रूप से खुशहाल दलितों को भी आरक्षण का लाभ उठाना बंद कर देना चाहिए।



अख़बार 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' को दिए गए एक इंटरव्यू में चिराग पासवान ने कहा कि आर्थिक रूप से समृद्ध लोगों के लिए आरक्षण कोटा बंद कर देना चाहिए और यह उन समुदायों को दिया जाना चाहिए जिन्हें इसकी जरूरत है, इससे उनकी स्थिति में सुधार आएगा। 


इस बात को खाने से पहले चिराग पासवान ने के बार भी नहीं सोचा होगा की अगर समृद्ध दलित आरक्षण छोड़ेंगे तो वो खुद अपने पिता की  पार्टी में क्यों आरक्षण पाकर चुनाव लड़े ?
इसके अलावा अब खुद क्यों दलित राजनीती कर रहे है ??  आप समृद्ध है अब आपको क्या करना है आरक्षण का ??



ये बड़े ही अचरज की बात है की इससे पहले दलितों के नाम पर खाने वाले आरक्षित सीट पर लड़ने वाले कहते है समृद्ध दलितों को आरक्षण छोड़ना चाहिए , यानी ये वो लोग है जिन्हें खुद सब कुछ चाहिए लेकिन प्रवचन सबको त्याग का दे रहे है   

जानिये क्यों हो गए है स्वरूपानंद सरस्वती विक्षिप्त तथाकथित कांग्रेसी बाबाओ ,संतो धर्मगुरूओ हो गए है भाजपा से परेशान , इसलिए ऊल जलूल ब्यान देकर स्वरूपनद सरस्वती अपनी पहचान बना रहे है,

जन उदय : जिस तरह सरकारे बदलती है उसी तरह अफसरों नौकरशाहों के तबादले होने शुरू हो जाते है सत्ताधारी पार्टी अपने अपने चमचे अफसरों को  नौकरशाहों को आगे लाना शुरू कर देती है ,ठीक उसी तरह प्रदेश में एन जी ओ  सामाजिक संस्थाओं का भी हाल हो जाता है जो संस्था सत्ताधारी पार्टी की बात नहीं मानती उनकी विचारधारा के साथ काम नहीं करती ,  उन संस्थाओं के हालात काफी बुरे  चलते है , ठीक इसी तरह गुंडे भी सत्ताधारी पार्टी  के ही सक्रिय रहते है , सत्ताधारी पार्टी अपने गुंडों को समर्थन दे उनके  वर्चस्व  और खौफ को बढ़ाती है ताकि यही गुंडे चुनाव के वक्त इनके काम आ सके

सत्ताधारी पार्टी का मतलब है की उस पार्टी की सत्ता के समय में सारे के सारे अफसर , गुंडे नेता , दलाल  तत्व ही काम करेंगे

सत्ता का मजा सिर्फ गुंडे बदमाश या नेता अफसर ही नहीं लेते  बल्कि भारतीय समाज में उस पार्टी को आशीर्वाद  देने वाले साधू , संत , धर्म गुरु भी खूब ऐश करते है  आपको  यकीन नहीं हो रहा होगा  दरअसल भाजपा  शासन में यही हो रहा है , जितने भी भाजपा समर्थक साधू संत , नेता , गुंडे सब एश कर रहे है  लेकिन कांग्रेस समर्थित बाबा और साधू लोगो को दरकिनार कर दिया गया है आज इन साधुओ की वो हलात हो गई है जैसे गली का कुत्ता हो , 

यही कारण है कि इतना समय तक चुप चाप  रहने वाले साधू स्वरूपानंद सरस्वती  पूरी तरह से  मानसिक रूप से पगला  गए है
इनको लगता था  भाजपा आएगी  तो साधू होने के नाते धार्मिक सरकार इन्हें कुछ विशेष पदवी या तमगा  देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ  उलटा  इनका हर बात पर तिरस्कार हो  रहा है  यही कारण है की स्वरूपानंद सरस्वती  जी ऐसे उलटे सीधे ब्यान दे रहे है जिससे सरकार और मीडिया का ध्यान इनकी तरफ जाए और अंत में सरकार इन्हें कुछ दे दे


वैसे स्वरूपानंद जी के ब्यान कुछ ऐसे ब्यान है जो मानसिक रूप से विक्षिप ही दे सकता है चूँकि ये साधू है तो शायद इनके लिए कोई कड़े शब्द  तो इस्तेमाल नहीं कर रहा है लेकिन पागल जरूर करार दे रहा है 

Monday, 11 April 2016

ऐसा ही सुखा पड़े हर साल “ मंदिरों में ये प्राथना करते है सवर्ण टैंकर माफिया , १७५ करोड़ से जयादा का है धंधा सरकारी मुफ्त पानी मिलता है स्वर्ण बाहुल्य इलाको में


जन उदय :  क्या  कोई अपने जेब में आने वाले सौ दो सो करोड़ गवाना  चाहता है ??  कोई भी  नहीं दरअसल महाराष्ट्र , मध्य प्रदेश में टैंकर माफिया का धंधा लगभग १७५ करोड़  का है

 ऐसा नहीं है की इन राज्यों में सूखे की समस्या से निपटा  नहीं जा सकता ऐसा बड़ा आसानी से हो सकता है , क्योकि अगर जिस आसानी से टैंकर माफिया आपको पानी उपलब्ध करा सकता है उसी तरह से सरकार ऐसा क्यों नहीं कर पाती ,

सरकार ऐसा नहीं करेगी  क्योकि सरकार मेलागे अफसर , नेता , और वो सवर्ण लोग जो ये धंधा चलाते है एक साथ है इसलिए इन माफिया परकोई कार्यवाही नहीं होती
हमारे सवांददाता ने वर्धा , नागपुर , लातूर , आदि जगह का सर्वे करने के बाद यह पता लगाया की टैंकर माफिया तो हर साल भगवान् से मन्नत मानता है की अगर इस बार सुखा अच्छा पड़ा  तो वह भगवान् को कोई गिफ्ट देगा . माफिया का धंधा स्र्कारिअफ़्स्र और नेताओं की मदद से ही चलता है क्योकि   जब माफिया ३५० रूपये का टैंकर १७५०  से लेकर २२००  रूपये तक बिकता है

कहने को तो सरकार यहाँ मुफ्त  पानी बाँट रही है लेकिन इसके भी कुछ पहलु दिल को बड़े  दुखाने वाले है  सरकार उन इलाको में मुफ्त पानी बाँट  रही है जहा  पर सवर्ण ज्यादा संख्या में है  और दलित कही से आकर इनका पानी लूट न ले जाए इसलिए इन इलाको में धारा १४४ और सेना तैनात है

महारष्ट्र में बाड  जैसे  हालात काफी  समय से रहते है  लेकिन सरकारे  विकास का सब पैसा खा गई  इसमें ख़ास बात यह है की सरकारी अफसर , नेता सभी सवर्ण  रहे है और उन लोगो ने जानबूझ कर इन इलाको की समस्यों को खत्म नहीं होने दिया

आज के हालात ऐसे है की सरकार ने पानी की समस्या से निपटने के लिए एक हेल्पलाइन  आदि बनाया हुआ है लेकिन उस पर शिकायत करो तो कोई फायदा नहीं
कुल मिला कर ऐसा लगता है की सरकार अफसर हमेशा से चाहते  है की सुखा पड़े ताकि इनकी भी लाखो को आमदनी हो


इन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता इसमें कितने लोग बेघर होते है कितने मरते है क्योकि अब तक हजारो जानवर और हजारो लोग बेघर हो चुके है , लेकिन इनका धंधा  है