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Friday, 15 April 2016

जाति के नाम पर , धर्म के नाम पर फिर देश के नाम पर बेचा , लेकिन खराब क्वालिटी के कारण फ्लॉप हो गए रामदेव के प्रोडक्ट , बंद भी हो सकता है पतंजलि

जन उदय : रामदेव  जो स्कूल नहीं गया  और घर से भाग कर  हरिद्वार  पहुच गया  इसके बाद  ये योग और आयुर्वेद का कैसे  विद्वान हो गया  ?  जो स्कूल , कोलेज गया नहीं  - फिर दुनिया के सामने योग गुरु – आयुर्वेदाचार्य बनके प्रकट हुआ   यह पूरी प्रक्रिया  भक्तो को छोड़ सबके मन में एक शंका जरूर जगाती है

खैर यहाँ हमें रामदेव को एक व्यापारी की तरह देखना है एक ऐसा व्यापारी जिसने बहुत कम सायं में एक अगलग ही तरीके से बहुत  जल्द ही शोहरत हांसिल कर ली और बाकायदा अपने सारे प्रोडक्ट जनता के बीच पहुचा दिए

रामदेव ने अपनी यात्रा योग शिविर से शुरू की और कुछ दवाईया सामने लाया जिसका विरोध यह कह कर खुद करवाया की इसमें मानव हड्डिया मिली हुई है  इस  विरोध का विरोध रामदेव ने यह कह कर किया कि उसके उत्पादों का विरोध पश्चिमी सभ्यता को मान्न्ने वाले लोग ही कर रहे है और यह भारत का प्राचीन ज्ञान है जिसे दबाया जा रहा है , रामदेव के इस काउंटर विरोध से काफी  संख्या में लोग जुड़ गए  जो सच में बड़े ही नादाँ और देशभक्त टाइप है

इसके बाद रामदेव ने योग शिविर के नाम पर देश विरोधी या सरकार विरोधी गतिविधिया चलानी शुरू कर दी जिसका परिणाम दिल्ली के रामलीला मैदान में सामने आया  इस घटना के बाद लोग रामदेव के और भी भक्त हो गए इसके बाद लोगो की सवेंदना का फायदा उठाते हुए रामदेव ने अपने सेवा केंद्र खोलने शुरू कर दिए और जम कर मुनाफ़ा कमाया

तीसरा फेस रामदेव का रहा जहा पर इसने दलित विरोधी और कांग्रेस विरोधी ब्यान जारी करना शुरू कर दिया  इससे रामदेव को भाजपा और संघियो की मदद तो मिली लेकिन एक बहुत बड़ी जनसख्या रामदेव से अलग हो गई  और यही कारण रहा की रामदेव को आज से ट्रेंड के विज्ञापनों का सहारा लेना शुरू कर  दिया है  हलांकि इस बीच रामदेव के उत्पादों को पोल खुलने शुरू हो गई यानी रामदेव के उत्पाद खराब और गन्दी क्वालिटी के नीलने शुरू हो गए , किसी में फुंग्स , किसी में छिपकली ,  आदि यह सब शुरू  हो गया है

इसके अलावा रामदेव के राजनीतिक झुकाव ने जनता का मन बदल दिया है  यही कारण है की अब रामदेव के सेवा केंद्र अब रामदेव के उत्पादों पर न तो निर्भर है और न हो उनको प्रोमोट कर रहे है यानी सेवा केंद्र वाले अब दुसरे आयुर्वेदिक प्रोडक्ट रख रहे ही  और रामदेव को साइड लाइन कर रहे है
इसी बीच रामदेव ने दुबारा देशभक्ति का नारा विज्ञापनों में देना शुरू कर दिया है लेकिन शायद रामदेव को यह नहीं मालूम  आजकल  लोगो को फ्री का भी मिले तो भी लोग अच्छा ही खाना पसंद करेंगे  दस बीस रूपये के लिए अपनी जान और स्वास्थ का खतरा मोल नहीं लेंगे , और इसका परिणाम रामदेव के उत्पाद बंद होने जा रहे है ,

वैसे भी देशभक्त रामदेव के कारखाने में लोगो को वक्त पर सेलरी नहीं मिल रही है , वर्कर्स यूनियन को दबाया जा रहा है  जो  ज्यादा देर तक नहीं चलेगा





देश के लिए खतरनाक है माइक वाले गुंडों का आतंक , जानिये कौन है ये लोग

 जन उदय : वैसे तो सब को याद  होगा नीरा राडिया , प्रभु चावला , वीर सांघवी , बरखा दत्त ,  जो देश से गद्दारी के इल्जाम में सामने आये थे , जी न्यूज़ का पत्रकार सुधीर चौधरी जिंदल से पैसे एंठने के चक्कर में जेल भी गया था , यही नहीं ऐसे हजारो केस आपको मिल जाएंगे जहा पर साफ़ साफ़ पता चल जता है की लोगो ने  किस तरह पत्रकारिता का धंधा बना लिया है , 

इसके बाद जे एन यु केस सामने आया जहा पर बी जे पी के लिए कुछ चैनल और अखबारों ने एक तरफ़ा ही प्रचार नहीं किया जे एन यु के छात्रो के खिलाफ बल्कि पुरे षड्यंत्र में शामिल भी थे , हैदराबाद यूनिवर्सिटी के  रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या ,डेल्टा मेघवाल की संस्थानिक हत्या पर झूट बोला गया और परदे डाले गए

हाल ही में दिल्ली सरकार ने ओड इवन चालू किया है जिसकी रिपोर्टिंग करने के लिए जगह जगह न्यूज़ चैनल ने अपनी गाडिया जहा तहा  खड़ी कर दी है इन गाडिओ की वजह से ट्रैफिक में काफी दिक्कते आ रही है , इसके अलावा ये गाडिया नो पार्किंग  जैसी जगहों में भी खड़ी है .


यही नहीं दिल्ली के कई ऐसे इवेंट होते है जहा पर न्यूज़ चैनल की गाडिया बेलगाम गुंडों की तह खड़ी कर दी जाती है  और इनको कोई भी कुछ भी कहने वाला नहीं है
आखिर मीडिया की ये गुंडा गर्दी कैसे चलती है ?? जाहिर है इनको नेता ,पुलिस शय देते है



Thursday, 14 April 2016

ब्राह्मण चल पड़े है आतंकवाद की राह पर

जन उदय :  आर एस एस की स्थापना ब्राह्मणों के हितो के लिए हुई थी उसके लिए चाहे जो भी रास्ता क्यों न अपनाना पड़े , यही हुआ भी  ब्राह्मण अंग्रेजी शासन में इस तरह समा गए की देखने में तो लगता था की अंग्रेज शासन कर रहे है लेकिन अंदर से इनकी शक्ति ब्राह्मण ही हुआ करते थे जो नौकरशाह के रूप में काम करते थे , इन्होने उस वक्त भी एक काम बड़ी चालाकी का किया  कि  ब्राह्मणों के हितो की रक्षा के लिए इन्होने अन्य स्वर्ण और ओ बी सी को अपना हथियार बनाया जो मुसलमान और इसाई से लड़ सके

आजादी के बाद  भी जब इनका सपना पूरा नहीं हुआ की सारी सत्ता इनके हाथ में आ जाए तो इन्होने फिर से हिन्दू मुसलमान  मुसलमान विदेशी और खुद को भारतीय बताना शुरू कर दिया  जब की इनके पूर्वज ये बात पहले ही साबित कर चुके थे कि ये लोग भी विदेशी हमलावर है

खैर सत्ता बदली  यानाही लेकिन ब्राह्मणों का वर्चस्व जारी रही रहा राजनीती से लेकर नौकरशाही में ये लोग काबिज रहे और दलित उत्पीडन में भी लगातार रहे क्योकि वही एक ऐसी सत्ता थी जिससे इनको बहुत डर  था , इसलिए दलितों के लिए अशिक्षा  अन्धविश्वास , हिन्दू शब्द का इस्तेमाल अक्र्ते रहे , यानी खुद दलितों का उत्पीडन और मुस्लिम से दंगो में इनकी मौत  चलती रही

धीरे  धीरे दलित ओ बी सी में चटनाआती रही और विशेस रूप से  १९९१ में मंडल  कमिसन की रिपोर्ट के बाद जिसमे यह साबित हो गया की जो ब्राह्मण समाज के एक बहुत बड़े वर्ग को आरक्षण के नाम पर भडकता  रहा है  दरसल  वही है जो दलितों का भी और ओ बी सी का भी सारा हिस्सा खा गया है

बस यही से ब्राह्मणों में खौफ  भर गया है  आज वह समझ गया है की आने वाला वक्त ब्राह्मणों के लिए नहीं रहा है  जो समझदार ब्राह्मण है उन्होंने जातिगत परिवर्तन को स्वीकार लिया है  लेकिन गरीब , माध्यम वर्गीय  ब्राह्मण जो अ भी आदिकाल में जीता है  उसको लगता है की सब कुछ उसका है वह जो कहेगा वही सच है , यह वर्ग खुद भी नहीं  जानता की उसी का ही ब्राह्मण भाई जो उच्च स्तर पर पहुच गया है उसका भी हक खा गया है 

यही कारण है आज वह दलितों में आणि वाली हर चेतना , हर अधिकार की आवाज को अपना दुश्मन मानता है  इसलिए कभी दलितों को गुमराह करने के लिए  नय नय प्रपंच रचता रहता है कभी गोमांस , कभी देशभक्ति , कभी राम मंदिर , कभी कुछ   अह ब्राह्मण इन आंदोलनों के  जरिये अपना वर्चस्व काम रखना चाहता है  और जब ऐसा नही हो पाता  तो खून खराबा , हथियार  पर उतर आता है

हालांकि हथियारबंद नियन्त्र  के लिए पहले भी  बिहार में  कई गाव  जला चुके है , आये दिन दलितों की हत्या , बलात्कार  सब इन्ही लोगो के नाम है

इससे यही लगता है की आने वाले वक्त में दलित ओ बी सी बढ़ जाएंगे , जीवन में आगे बढ़ जाएंगे  और ये अपनी सत्ता  जमाने के लिए आतंक  का ही सहारा लेंगे क्योकि  इनका आज भी किसी भी लोकतांत्रिक  मूल्य में विशवास  नहीं है  सो आगे भी नहीं रहेगा ऐसा ही प्रतीत  होता है


जानिये कैसे ब्राह्मणों के झांसे में आ गये थे नासा के वैज्ञानिक

  जन उदय :  कुछ सालो के शोध  और रिसर्च से पता चला है की  ब्राह्मणों ने भारत के गरीब अशिक्षित  दलितों  को ही  भगवान के नाम पर मूर्ख और अन्धविश्वासी ही  बना कर  नहीं रखा है , बल्कि एक बार को तो नासा के  वैज्ञानिकों को  भी झांसे में ले लिया था .

नासा एक वैज्ञानिक संस्थान है  वे दुनिया के ब्रह्माण्ड के हर पहलू  को सही ढंग से समझना  चाहते है  और इसके  हर पहलू की वैज्ञानिक जांच कर रहे है खोज कर रहे है , लेकिन  ब्रह्माण्ड  इतना बढ़ा  और रह्स्य्मी है इसको जानना इतना आसान भी नहीं

आर एस एस के एजेंट जो हर जगह घुसे हुए है उन्होंने  अपनी  किताबो  और एक लेख के जरिये अमरीका में यह हवा बनाई की भारत में विज्ञान  बहुत उच्च स्तरीय था  जिसका जिक्र किताबो में मिलता है लेकिन मुस्लिम राजाओं ने उन किताबो को जला दिया ( यह सैंड रहे की ये सारी किताबे बौध भिक्षुओ और बुधिजीविओ की थी )  और यह भी है की  प्राचीन भारत के ऋषि मुनि  सीधे  भगवान

से सम्पर्क में रहते थे , लेकिन भगवान् से ,  देवताओं से बात करने के लिए सिर्फ संस्कृत में ही बोलना पढता  है , यह बात वैज्ञानिकों को को बड़ी अटपटी लगी की भगवान् इनसे बात करता  है और वो भी सिर्फ संस्कृत में ,तार्किक  लोग  , वैज्ञानिक बूढी के लोग किसी भी चीज को सही या गलत  तब तक नहीं मानते जब तक उसकी  वैज्ञानिक जांच  न हो जाए और जांच की भी फिर से जांच  न हो जाए  ताकि वह बात पूर्ण रूप से प्रमाणित हो जाए की वह सही है या गलत , सो  नासा ने कहा की भगवान् से संस्कृत में बात करने के लिए बुलाइए  पंडितो को... अब बेचारे   ब्राह्मण फस  गए ,  कुछ लोगो को बुलाया भी गया और आसमान में  संस्कृत में सिग्नल भजे गए , लेकिन सब व्यर्थ निकला , इस बात पर काफी पैसा  खर्च किया गया  था  सो इस भगवान् से बात करने वाले प्लान को ड्राप कर दिया गया ,

लेकिन आर एस एस के एजेंट इस बात से फिर भी पीछे  नहीं  हटे और हनुमान का सूर्य को मूह में लेने का किस्सा सुनाया की कैसे हनुमान  एक झटके में छलांग  लगा कर सूर्य को अपने  मूह में ले लिया , इस पर नासा के क्षेत्रीय निदेशक  ने तुरंत पुलिस बुला कर इस एजेंट को जालसाझी के जुल्म में अंदर  करवाया  और उसको यह भी   बताया  सूरज से रौशनी  पृथ्वी तक आने में  १० मिनट लगते है  और रौशनी ३ लाख किलोमीटर /सेकंड  चलती है  पहले यह हिसाब लगाना  तब आना  

तो इस तरह इन्होने नासा के वैज्ञानिकों  तक को मूर्ख बना दिया  था , 

Wednesday, 13 April 2016

ब्राह्मण अपने अहम् , वर्चस्व और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे है , और दलित अपनी मुक्ति और अपने देश भारत की आजादी की

जन उदय : परशुराम  जिसने बौध  साम्राज्य का  अंत किया और बौध लोगो पर जो अत्याचार किये उनकी हत्याए की इसके बाद झूठे  ग्रन्थ लिख डाले  वे ये जानते थे की आने वाले समय में  इन ग्रंथो को भगवान् के संदेश के रूप में इस्तेमाल करेंगे  जिससे  ब्राह्मणों के वर्चस्व को समाज पर कायम किया जा सकेगा .

भारत  में इसके बाद मुस्लिम आये  और ब्राह्मणों ने मुस्लिम राजाओं के साथ मिल कर सत्ता में रहे और यह कह कर जजिया कर  से भी बचते  रहे की वो भी मुस्लिम की तरह विदेशी है  और इन लोगो ने वही काम अंग्रेजो के आने के बाद भी किया अंग्रेजो को सत्ता चलाने में उनका साथ दिया

लेकिन अंग्रेजो की एक बात इनको बहुत नागवार गुजरी की लार्ड मैकाले  ने शुद्र समेत शिक्षा का अधिकार दे दिया ,  ब्राह्मण यह भी तब तक समझ गए थे की लोकतांत्रिक तरीके से कुछ भी करते रहो तो अंग्रेज कुछ नहीं कहेगा

 जैसे ही शुद्रो अति शुद्रो को शिक्षा मिलने लगी  ब्राह्मणों ने समझ लिया की एक दिन ये लोग   हमसे यानी ब्राह्मणों से बदला जरूर लेंगे इसलिए इन्होने  १९२५ में है ब्राह्मणों की एक संस्था बनाई जिसको  राष्ट्रिय स्वयं  सेवक संघ कहते है यह संस्था  शुरू से ही ब्राह्मणों के हितो के लिए काम कर रही है , हलांकि लोगो को बेवकूफ बनाने के लिए इनके पास एक शब्द है वह है हिन्दू  यह शब्द भी मुस्लिम राजाओं का दिया हुआ है इसके अलावा मुस्लिम का डर  , अंधविश्वास ,  इतिहास की भ्रान्तिया , अशिक्षा   और भगवान्

आर एस एस की स्थापना  के दिन से लेकर यही इनके हथियार  रहे है , ये लोग धर्म के नाम पर लड़ा  रहे है , अन्धविश्वास  फैला रहे है और लोगो को भगवान् से डरा  रहे है , १९५० से ही इनको एक डर और भी है  वह है दलितों का डर  ये जानते है एक दिन दलित इनसे  जरूर  बदला लेंगे  इसलिए ये ओ बी सी  मुर्ख  और अन्य सवर्णों के  जरिये दलितों पर हमले करवाते है , राजनैतिक प्रक्रिया के जरिये दलितों को शिक्षा से दूर रकहते है , दंगे करवाते है ताकि दलितों को हिन्दू कह कर और मुसलमानों का  डर  दिखा कर हिन्दू शब्द की छाया  में रख सके जो सिर्फ ब्राह्मणों का हितकारी है


लेकिन बढ़ते  अत्याचार  दलित चेतना , शिक्षा  और ओ बी सी  वर्ग में भी बहुत मात्रा में चेतना आ गई है बरहमन लोग भी समझ गए है की अब इनका अंत नजदीक है  इसलिए  ब्राह्मण अपने पुरे सामर्थ्य से दलितों के दमन में लगे है  लेकिन दलित चेतना जिस स्तर से बढ़  रही है उससे यह बात तो निश्चित की  एकदिन  ब्राह्मणों का अंत निश्चित है 

शिक्षा नहीं के नाम पर घोटालेबाज ,गुंडे और मुर्ख प्रोफेसरों का राज है उत्तर प्रदेश में परीक्षा में दिखाया अनुपस्थित ,सालो से नहीं मिला रिजल्ट :: शिक्षक नहीं गुरु घंटाल है ये

जन उदय : उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी अपनी गुंडागर्दी और बदिन्ताजामी की वजह से मशहूर है  यही एक ऐसी जगह है जहा पर  सारे स्वर्ण/ऊँची जाति  शिक्षक है और जिन्हें ये नहीं मालूम की राष्ट्र गान किसने लिखा है  और उत्तर प्रदेश का मुख्य मंत्री कौन  है भारत का राष्ट्रपति कौन है.
गुंडागर्दी में माहिर प्रदेश में कब किसी बहन बेटी का  बलात्कार हो जाए कब कत्ल हो जाए इसका कोई भरोसा नहीं सो अपने घर से निकलने से अपनी तेरवी  का मन्त्र पढ़ कर ही निकलते है लोग घर से

इन गुंडों के सरदार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष  मुलायम सिंह यादव है जिन्हें नीची जाति से काफी नफरत है  और इतनी नफरत है  की एक बार इन्होने मायावती और कांशीराम जी की हत्या भी करवाने की कोशिस की थी लेकिन कामयाब नहीं हुए

अब शिक्षा का हाल देखिये  हाल ही यु पी टेट परीक्षा में खुद प्रश्न पत्र में जो सवाल दिए गए थे इनकी खुद की आंसर की में इनके जवाब गलत थे , जैसे ये बताते है ताजमहल लखनऊ में है आदि , इनकी इसी ही महानता से प्रदेश आगे बढ़ रहा है इनकी इसी महानता से लाखो लोग यु पी टेट में फेल हो गए है  और जो अपनी कोपी यानी आंसर शीत खाली छोड़ आये  थे पैसे के दम पर अव्वल नम्बर से पास हो गए है


इससे पहले भी मुलायम जी की सरकार में सामने आया था की पांचवी क्लास के बच्चे एम् ए की परीक्षा लिए करते थे अम्बेडकर यूनिवर्सिटी , आगरा का केस सबको याद होगा  

अब आइये मेरठ की चोधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के बारे में जो मुलायम की ऐसी फौज है जिसका ये ही नहीं पता चलता की ये प्रोफसर है, गुंडे है या  दलाल , यह जानकार सबको बढ़ा आश्चर्य होगा की अगर आपको प्रदेश में कोई कोलेज खोलना है और आपको इसके लिए किसी विश्विद्यालय से मान्यता  चाहिए  तो आप मेरठ   पहुच जाइए , जैसे ही आप यूनिवर्सिटी में पहुचंगे आपको दो चार प्रोफसर टाइप दलाल मिल जाएंगे  सौदा तय कीजिये  उपकुलपति  से मिलिए   आपकी सारी  वाव्य्स्था  हो जाएगी फिर क्यों न हो पैसा मुलायम तक पहुचता है

इनके द्वारा दिए गई मान्यता वाले कॉलेज  सिर्फ धंधा कर रहे है पैसे कमा  रहे है
अब अगर आपको कोई इन्क्वायरी करनी है तो आप  सी सी एस यूनिवर्सिटी की वेबसाइट  पर जाइए  फोन से लेकर ईमेल तक आपको कुछ भी सही ढंग से नहीं मिलेगा बोर्ड नम्बर काम नहीं करता   जिसका नम्बर है वो प्रोफसर ढंग से बात नहीं करता नम्बर छोडिये ईमेल तक साईट पर नहीं है

एक छात्र के केस में  जिसको बी एड परीक्षा २०१२ -१३ में अनुपस्थित दिखा दिया गया  था उसने परीक्षा की हाजरी सब यूनिवर्सिटी में जमा करा दी  चार महीने तक रिजल्ट नहीं या तो यूनिवर्सिटी में पूछने पर पता चला की कागज़  खो गए है , सो कागज़ दुबारा जमा करा दिए गए  लेकिन  दो साल के बाद भी यह  छात्रा अपने रिजल्ट के लिए भटक रही   है


जानिये कैसे आर एस एस का प्रोपगेंडा डिपार्टमेंट ( मिथ्या प्रचार विभाग ) जहर फैलाता है

जन उदय : वैसे तो आर एस एस  ने देश में अंधविश्वास , भेदभाव , जातिवाद  और समाज की  उस हर भ्रान्ति ,  को बढ़ावा  दिया है जो समाज में किसी भी वैज्ञानिक  विचारधारा के विपरीत चलती है  और समाज को गरीबी अशिक्षा , की और धकेलती है .
वर्तन समय में जैसे ही सोशल नेटवर्किंग साइट्स   का प्रचलन  जयादा  बढ़ा है वैसे ही आर एस एस ने माध्यम का सही ढंग से इस्तेमाल करने के लिए  कुप्रचार , मिथ्या प्रचार के ने ने तरीके निकाल लिए है

आइये  देखते  है इनमे क्या क्या शामिल है

अंधविश्वास  की लेख  :   आर एस एस का प्रोपगेंडा  डिपार्टमेंट  इस बात का सदैव ख्याल  रखता है की लोगो में अंधविश्वास बना रहे है  आइल लिए  हमेशा  मन को भ्रामक करने वाले लेख कविताएं  पोस्ट करते  रहते है , जिसमे  फोटो  और लेख दोनों शामिल है , फोटो में दस सर वाला  नाग , किसी पेड़ पर देवता का चित्र , नदी में पहाड़ में शंकर जी  का फोटो  इत्यादि शामिल है

भगवानो की तस्वीर : हर संघी जो प्रोपगेंडा में शामिल में है अपने फेसबुक और ट्विटर  अकाउंट पर रोज या तीसरे दिन भगवान् की फोटो लगाता रहता है
चमत्कारों के बारे में सूचना : हर संघी किसी न किसी तरह से चमत्कारों की यानी भगवान् के द्वारा किये गए चमत्कारों की फोटो लगता रहता है

भ्रामक विडियो और लेख : ये दोनों भी संघियो की ताकत है हर सम्स्य कुछ न कुछ ऐसे विडियो , भड़काऊ विडियो  ये फेसबुक पर लगाते रहते है  जैसे राम  मंदिर के मामले में इन्होने रामलला को जेल में दिखाया  था , आज भी एडिटेड  विडियो लगाते रहते है जे एन यु का विडियो  आदि

फोटोशोप फोटो : कुछ ऐसी फोटो जो लोगो गुमराह करती है वैसे फोटो एडिट करके लगाते रहते है , मोदी और ओबामा को फोटो  जो सही नहीं है  मोदी शेर के साथ , गो हत्या , तिरंगा को जलाना , भगवान्  की मूर्ति के उपर किसी मुसलमान को पैर रख कर दिखाना  आदि आदि शामिल है
खबरों के लिए   ये दिखाने के लिए की यह खबर अखबार में छपी है या किसी किताब में छपी है  ठीक उसी  फॉर्मेट में लेख  या अपनी बात लिख कर फिर उसे स्कैन  कर लगाते है की उस अखबार में छपी है या उस किताब में छपी है यह बात इसमें इन्होने कुछ नहीं किया

नेताओं ,कलाकारों के फेक फेसबुक और ट्विटर  अकाउंट बनाना : यह भी इनकी एक रणनीति का हिस्सा है उस अकाउंट में अपनी पसंददीदा  बात लिख कर फिर शयेर करते है और दिखाते है की देखो हमने नहीं इस फलां व्यक्ति ने कही है यह बात .

हाल ही में कनाह्ह्या के मामले में टाटा का ब्यान जो एक आर एस एस के बंदे ने छापा  था की टाटा अब किसी जे एन यु के लड़के को नौकरी नहीं देगा , बाद में उस अकाउंट को पकड लिया गया और जेल में डाल  दिया गया


झूटी किताबे  , लेख लिखना  , यह तो इनके मुख्य कार्य है ही लेकिन बदलते समय में आर एस एस ने अपने जहर फैलाने के तरीके भी मॉडर्न कर लिए है