Apni Dukan

Friday, 20 May 2016

जानिये कैसे भगवा अजेंडा को पूरा कर रहा है केजरीवाल , दलितों को बर्बाद करने में लगा है


जन उदय : ये बात सभी जानते है की केजरीवाल आरक्षण विरोधी सेना का एक सक्रीय  सदस्य रहा है और इसने अपने पुरे जीवन में सिर्फ जातिवादी अजेंडा को आगे बढ़ाया  है


दिल्ली कि जनता शीला दीक्षित से परेशान कुछ विकल्प ढून्ढ  रही थी सो उसको केजरीवाल के रूप में मिला दिल्ली की जनता यानी दलित लोगो  ने जो बाहुल्य  मात्रा में इस  बात पर  भरोसा किया की केजरीवाल अपने वादे निभाय्गा  लेकिन ऐसा नहीं हुआ


शिला दीक्षित को जेल भेजने वाला , भ्रस्ताचार को खत्म करेगा  और इमानदारी से काम करेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ  इमानदारी और मेरिट  का पाठ  पढ़ाने वाला  केजरीवाल ने सबसे पहले मलाईदार सीट  पर जिसमे कोई इम्तिहान नहीं होता  उन जगह पेर अपने रिश्तेदारों  को लगाया 


यही नहीं एम् सी डी  में टीचर की कमी  को पूरी  नहीं कर पाया केजरीवाल बल्कि दलित टीचर  को किसी न किसी  बहाने से नौकरी से बर्खास्त कर  रहा है , यानी दिल्ली की शिक्षा  को बर्बाद कर रहा है


दिल्ली में बिजली पानी  की कमी है लेकिन सब को जान कर यह आश्चर्य   होगा की ये कमी सिर्फ दलित बाहुल्य  इलाको में है  यानी स्वर्ण बाहुल्य  इलाको में ऐसा कुछ  नहीं है



कुछ लोगो  को यह  बात बढ़ी  अछि  लग   रही है की दिल्ली में बिजली   का बिल  बहुत कम  आ रहा है  लेकिन लोग शायद यां नहीं जानते  की जब दिन में बिजली  और पानी आयेगा ही नहीं  तो बिल तो अपने आप  कम  आएगा  ही 

जानिये किस जाति की लडकिया करती है शादी से पहले और शादी के बाद गैर मर्दों से कम से कम दस बार सेक्स चोंकाने वाला सर्वे ,


जन उदय : वैसे तो इस देश में प्राचीन समय  में सेक्स पर कोई पाबंदी नहीं थी  क्योकि यह सेक्स भी हमारी बाकी  बेसिक  जरूरत ही है लेकिन सम्स्य के चलते  जैसे जैसे जातिवादी   और गंदे दिमागों ने समाज पर अपना कब्जा ज़माना शुरू किया वैसे वैसे समाज पर कई तरह के परिबंध लग गए  वो भी सभ्यता  के नाम पर

गुजरात में कूकना  नाम की एक जनजाति में तो अभी  भी सेक्स एकदम दम  फ्री इस जनजाति में लड़का लड़की एक साथ बिना शादी के रहते है और बच्चे  भी पैदा करते है  और जब लगता है शादी करनी चाहिए  क्योकि दोनों साथ जीवन बिता सकते है  तो शादी कर लेते है
सेक्स सच में एक ऐसी  चीज है जिसे अगर शिक्षित रूप से   नहीं किया गया तो सच में यह एक समस्या बन सकती है


जन उदय   ने सभी बड़े शहरो में और सभी जातिओ में एक सुर्वे  करवाया  जिसमे कोलेज  गर्ल और  बिना  पढ़ी  लिखी लडकियों  और औरतो को सामिल  किया गया  तो इसके रिजल्ट एकदम चोंकाने वाले आये इसमें यह सामने आया की ९८.५ % ब्राह्मण  लडकिया शादी से पहले कम से कम दस बार सेक्स करती है     दलित  लडकिया के बारे में यह रिजल्ट बहुत चोंकाने वाला  सामने आया जो दलित लडकिया  शादी से पहले या शादी के बाद गैर्मर्द से  सेक्स करती है वह दरसल  गरीब घर की होती है  और यही कारण होता है सेक्स करने का

ब्राह्मणों  बनिया , राजपूत में यह संख्या  बड़ी  ही अजीब आई यानी ९८.५ % लडकियो  का सेक्स करना 


इसके अलावा  शहरो  और कस्बो में जयादा  फर्क  नजर नहीं  आया , इसके अलावा  लडकिया  अब जागरूक है इसलिए  गर्भ न ठहरे  इसका पूरा ख्याल रखती है  और इस तरह की दवाइओ  की पूरी  जानकारी इन्हें है , इसलिए   गर्भपात की संख्या  सिर्फ १२ % गैर शादीशुदा  में रहती है 

चिंता मत करो अभी टीना डाबी का विरोध कर रहे है ,जब फटेगी आयंगे दलितों का गू खाने और मूत पीने संघी हिन्दू हिन्दू कह कर


जन उदय : दुनिया में कोई भी शायद ऐसा प्राणी  या जानवर नहीं होगा जो ब्राह्मण से जयादा  जहरीला  , गद्दार  और देश्द्रोहो हो

अब टीना डाबी जो एक  दलित लड़की है और सिविल सर्विस परीक्षा में पुरे भारत में टॉप पर आई है , यह देख कर   ब्राह्मणों  की  छाती पर सांप  लोटने लगे है , दरअसल  इनसे यह सफलता  हजम नहीं हो  रही है ,


इस अंकित श्रीवास्तव नामक गधे ने न तो अपने मैंन एग्जाम के मार्कस बताये, न टोटल मार्कस. ये गधा अचयनित रहा, फिर भी अपनी तुलना UPSC Topper से कर रहा है. जिस व्यक्ति का चुनाव नहीं हुआ, वह अपनी तुलना मेरिट लिस्ट में सबसे नीचे वाले व्यक्ति से तो कर सकता है पर किसी अन्य से नहीं और Topper से तो बिल्कुल नहीं. इस जैसे बेवकूफ भी IAS बनना चाहते हैं, जिनको यही नहीं मालूम कि वे कह क्या रहे हैं?

टीना डाबी ने भले ही कैटेगरी SC choose की हो पर मार्क्स तो सबसे अधिक हैं. दूसरे स्थान पर आने वाले अभ्यर्थी के मार्क्स से काफी ज्यादा. टीना को टोटल 1063 अंक मिले, जबकि अतर आमिर उल-सफी खान (2nd Top) को 1018 अंक मिले. फिर ये अंकित श्रीवास्तव नामक बेवकूफ की बात कहीं स्टेंड नहीं करती.  इस अंकित नामक गधे का उद्देश्य आरक्षण को कोसना मात्र है.


Thursday, 19 May 2016

टीना डाबी खिलाफ जहर उगल रहे ब्राह्मणों ने साबित किया कि ब्राह्मण है देश का देशद्रोही और गद्दार नम्बर वन


क्या ऑल वर्ल्ड गायत्री परिवार आरक्षण विरोधी संगठन है?

गायत्री परिवार में अगर सिर्फ सवर्ण हैं तो मुझे कुछ नहीं कहना. लेकिन अगर इस संगठन में SC, ST, OBC का कोई है, तो उसे संगठन के नेताओं से पूछना चाहिए कि वे आरक्षण विरोधी अभियान क्यों चला रहे हैं.



गायत्री परिवार के पेज पर लगभग दस लाख लाइक्स हैं. मेरी फ्रैंड लिस्ट के डेढ़ सौ लोग वहां है.
इस पेज ने सिविल सेवा की टॉपर टीना डाबी के प्रिलिम्स के नंबर के आधार पर एक आरक्षण विरोधी टिप्पणी लगाई है. जबकि हर कोई जानता है कि प्रिलिम्स सिर्फ क्वालिफाई करने के लिए है. मेरिट मेंस और इंटरव्यू के आधार पर तय होती है.

और ये अंकित श्रीवास्तव रो क्यों रहे हैं. टीना डाबी ने मेंस में उन तमाम लोगों को पीछे छोड़ दिया, जो अंकित से ज्यादा नंबर लाकर सेलेक्ट हुए थे... अंकित को और मेहनत करनी चाहिए.


गायत्री परिवार अगर हर जाति के लोगों का है, तो यह पोस्ट हटानी चाहिए और जांच करनी चाहिए कि उसका फेसबुक पेज कौन चला रहा है.

इस पोस्ट से गायत्री परिवार की प्रतिष्ठा खराब हुई है.

गजनी के बाजारों में जिनकी इज्जत नीलाम होती थी और पहले तलवे चाटते थे ब्राह्मण ,क्षत्रिय मुसलमानों के ,..शादी करते थे अपनी बेटियो की ,अब हजारो साल बाद उनकी गैर मौजूदगी में दिखा रहे है अपनी बहादुरी स्थानों के नाम बदल कर

,जन उदय :   जनसत्ता  अखबार की खबर के अनुसार   “ केंद्रीय मंत्री वीके सिंह की ओर से अकबर रोड का नाम बदलकर महाराणा प्रताप रोड करने की मांग के बाद इतिहास को लेकर एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है। वीके सिंह से पहले भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी और फिर बुधवार को शायना एनसी ने भी इस मांग को दोहराया। शायना एनसी ने तो अकबर की तुलना हिटलर की कर दी और इजरायल का उदाहरण भी दे दिया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ”कोई देश हमारी तरह अत्याचारी शासकों का सम्मान नहीं करता।


पिछले साल दिल्ली में औरंगजेब रोड का नाम बदलकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड कर दिया था। उस समय भाजपा सांसद महेश गिरी ने यह मांग रखी थी। जिसे तुरंत मान लिया गया था। कहा गया था कि औरंगजेब क्रूर शासक था और उसके बजाय कलाम पर सड़क का नाम रखना उचित है। लेकिन मुगल जो भारतीय इतिहास का अभिन् हिस्सा बन चुके हैं। उनकी बनाई कई ऐतिहासिक इमारतें उनके योगदान को दर्शाती है। इसके अलावा पूरे देश में मुगल शासकों के नाम से कई शहर और गांव बसे हुए हैं। “”


  कमाल की बात है आज संघी   डरपोक ,बुजदिल ,  बड़े आक्रामक हो कर सडको का स्थानों  का नाम बदलने की बात कर रहे है , अगर इतिहास देखा जाए तो  तो ये ही वो लोग है जो मुस्लिम राजाओं से अपनी जान बचाने के लिए उनके दरबारों में रोटी  के लिए  नौकरी  करते थे , 

आज उनकी गैर मौजूदगी में उनके द्वारा  रखे गए गाव और शहरो के नाम बदलने की बात कर
 रहे है

आज भी ये वही लोग है जिनके सर  जब मर्जी चाहे पाकिस्तान काट  कर ले जाता  है   जब मर्जी मुंबई  और पठानकोट  जैसी  घटनाए होती रहती है , उसके बदले में ये लोग दलितों की मदद से  हिन्दू मुस्लिम करते है और राज्य के सैनिक बल के दम पर उन  मुस्लिम को मारते है 


जो मूल रूप से भारतीय ही है  क्योकि ये मुसलमान  सामाजिक भेदभाव की वजह से ही मुसलमान  बने थे , ये संघी  यह भी जानते है की अगर ये मुसलमान भी भारत के मूलनिवासियो से मिल जाएंगे तो उस दिन ये खत्म हो जाएंगे इसलिए ये ब्राह्मण हिन्दू नाम का कवच पहन  लड़ते  है 

जांच ले कही आपके नाम से कोई फर्जी क्रेडिट कार्ड तो नहीं बना है लाखो लोगो के नाम फर्जी क्रेडिट कार्ड बना बैंक लगा रहे है अरबो का चूना , प्राइवेट बैंक कर रहे है घोटाला


जन उदय : वैसे तो  इस देश में लाखी फर्जी संस्थाए है को आम लोगो के खून पसीनो  की कमाई लूट रहे है
जिनमे बैंक  भी शामिल है और ऐसे बैंक जो लगभग  प्राइवेट  है , प्राइवेट  बैंक में एच डी ऍफ़ सी , आई सी आई सी आई , कोटक महेंद्र , आदि है

अगर आपका इन बैंक में अकाउंट है तो कृपया अपना अकाउंट समय समय पर भी जांचते  रहे है
इसके अलावा  एक और सनसनीखेज मामला  सामने आया है जिसमे यह पता चला है की जो आप अपने आई डी  प्रूफ , फोटो , कही भी बे फ़िक्र  हो कर दे देते है आपको यह मालूम ही नहीं आजकल इस तरह के प्रूफ को बैंक इस्तेमाल करते है , इन प्रूफ के आधार पर बैंक और इनके कर्मचारी फर्जी क्रेडिट कार्ड बनवाते है , और फिर इन कार्ड के जरिये खूब खरीददारी  करते है . और बाद में बिल  आने लगता है आपके नाम आपके पते पर


ऐसा ही एक मामला दिल्ली में सामने आया है जिसमे अनुज सिंह नाम के एक व्यक्ति  ने सिम खरीदने के लिए जो डॉक्यूमेंट  दिए थे उन डॉक्यूमेंट के आधार पर किसी ने क्रेडिट कार्ड बनवा लिया और लाखो को शौपिंग  करने के बाद बिल आया अनुज सिंह के नाम  . जब अनुज ने यह सब देखा तो एकदम  दंग रहा   सो अनुज  ने क्रेडिट कार्ड के पैसे नहीं दिये  , इसके बाद बैंक के गुंडों के फोन आने लगे  और अनुज को प्रताड़ित  करने लगे

अनुज सिंह ने इस बारे में पुलिस   में शिकायत  भी दर्ज करवाई  और बाकायदा  पुलिस लेकर कोटक  महेंद्र  क्रेडिट  कार्ड के ऑफिस  भी गया
लेकिन कुछ नहीं हुआ

बाद में पता चला  की अनुज सिंह अकेला व्यक्ति नहीं है की जिसके नाम से कोई दूसरा व्यक्ति क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहा है  .


 यह कहानी हर बैंक में चल रही है  और इस तरह बैंक अरबो रूपये की कमाई सिर्फ वसूली से कर रहे है  वसूली  यानी जबरन  , इस तरह की घटनाओं की लाखो शिकायत  पुलिस में भी है लेकिन इन बैंक को मंत्रियो तक का स्मस्र्थं हांसिल है इसलिए इनका कुछ नहीं  होता 

जानिये ब्राह्मण संघियो के आदर्श सिर्फ डरपोक , देशद्रोही ,गद्दार ही क्यों होते है ?


जन उदय : अगर आप ब्राह्मणों का इतिहास देखे तो ये बात वैज्ञानिक रूप से साबित है की ब्राह्मण इस देश में विदेशी हमलावर है  और इन्होने इस देश के साथ जितनी गद्दारी , मक्कारी  और देशद्रोह किया है इतना बड़ा  उधाह्र्ण  पूरी दुनिया में कही नहीं मिलेगा

इन लोगो ने धोखे से  सत्ता  अपना कर इस देश के मूलनिवासियो को  सामाजिक , शेक्षिक  और आर्थिक रूप से वंचित कर दिया  और इस व
जह से ये लोग शारीरिक  और मानसिक   रूप से भी गुलाम हो  गए ,
लेकिन सत्ता के बदलते क्रम में जब इस देश में मुस्लिम शासक  आये तो ये लोग मुस्लिम लोगो के साथ हो गए और सत्ता में बने रहे , मुस्लिम से अपनी जान बचाने के लिए मुस्लिम राजाओं से अपनी बहन बेटियो की शादी  की  और उसके बदले में अपने प्राण  पाए . यह कहा जाता है की मुस्लिम राजा गैर मुस्लिम लोगो पर जजिया कर  लगाते थे , लेकिन कमाल की बात है इन ब्राह्मणों  पर कोई टैक्स या कर  नहीं लगता था

इसके बाद अंग्रेज आये तो ये लोग अंग्रेजो के साथ भी हो गए उनके हर काम में उनके साथ रहे  , बल्कि ऐसा हुआ की ४० करोड़ की आबादी के इस देश को चलाने के लिए  ब्राह्मण शक्ति  पूरी तरह से अंग्रेजो के साथ थे , बल्कि तिलक , सावरकर , गोविलकर , हेडगवार  , जैसे लोग अंग्रेजो के साथ थे

अब आजादी के बाद सत्ता  पूर्ण रूप से ब्राह्मणों  के हाथ आ गई है
  ये लोग अपनी आदत के अनुसार फिर इस देश से गद्दारी में लगे है  यहाँ तक की ये लोग  अपना वर्चस्व फैलाने के लिए अब ने ने प्रपंच रच रहे है कभी लव जिहाद , कभी गोमांस , कभी राष्ट्रवाद ,  दरअसल  ये लोग पुरे देश के लोगो को हिन्दू नाम से भ्रम में रखना चाहते है ये नहीं चाहते की जनता को इनकी असलियत  पता  चले इसलिए ये लोगो को उलझा कर रखना चाहते है

ये वो डरपोक और गद्दार लोग हबी जो हिन्दू नाम का कवच  पहने हुए है और देश की ९३ % आबादी को बेवकूफ बनाए हुए है

इनके आदर्श भी वो लोग है जो डरपोक  गद्दार और देशद्रोही रहे है बाजपाई , सावरकर , राना प्रताप , तिलक  आदि