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Friday, 1 April 2016

डेल्टा मेघवाल दलित लड़की है इसलिए उसके लिए न्याय की मांग कोई नहीं उठा रहा

जन उदय : एक दलित लडकी का बलात्कार और उसकी हत्या की खबर किसी राष्ट्रीय मीडिया या न्यूज़ चैनल में नहीं है , जाहिर है की वो लड़की ब्राह्मण बनिया नहीं है , क्योकि ब्राह्मण बनिया लडकियो के अलावा बाकी सब लडकिया या लोग जानवर से ज्यादा कुछ नहीं है .

ये बात सबको याद होगी की ज्योति पाण्डेय नाम की लड़की का दिल्ली की एक बस में बलात्कार हुआ और बाद में उसको मरने के लिए फेंक दिया गया . चूँकि यह लड़की ब्राह्मण थी तो जातिवादी मीडिया ने इसे राष्ट्रिय शर्म का मुद्दा करार दिया और पुरे देश को आंदोलित कर दिया .

लेकिन देश में रोज दलित लडकियो के बलात्कार उनकी हत्या होती है जातिवादी लोग लगातार दलित लोगो को प्रताड़ित कर रहे है लेकिन इनके लिए न तो कोई वजा उठती है और न ही लोग केंडल मार्च निकालते है बल्कि सच्चाई यह है की इनकी हत्या करने वाले और बलात्कार करने वाले लोगो को सरकार की तरफ से अप्रत्यक्ष रूप से इनाम मिलते है
यु पी , मध्य प्रदेश , छतीसगढ़ , ओड़िसा ,बिहार , झारखंड , महाराष्ट्र गुजरात हर जगह दलित उत्पीडन की वारदाते बढ़ रही है

राजेस्थान के बाड़मेर जिले में डेल्टा नाम की एक राष्ट्रिय स्तर की एक मेघावी छात्रा की हत्या और बलात्कार हुआ लेकिन किसी भी बुद्धिजीवी ,मीडिया एन जी ओ की कान में जू तक नहीं रेंगी

भारत में वैसे भी जितने भी महिला आन्दोलन है उन पर सब पर ब्राह्मण बनिया महिलाओं का कब्जा है जो दिखाने को तो महिला मुक्ति के लिए काम करती है लेकिन अंदर ही अंदर ये दलित महिला आन्दोलन नाम का धंधा करती है , दलित आगे न बढ़े ऐसे षड्यंत्र रचती है
इन महिलाओं की ख़ास बात यह भी है की ये षड्यंत्र के रूप में सांस्कृतिक कार्यकर्म का आयोजन करती है , बस ये ये कार्यक्रम इनके सारे मकसद पुरे कर देता है

राष्ट्रीय , अन्तेर्राष्ट्रीय स्तर पर दलित महिलाए बहुत कम आ पाती है , जिसका कारण इन दलित महिलाओं की शिक्षा जो एक शय्न्त्र के तहत इन्हें कोई अंतरराष्ट्रीय भाषा नहीं सिखने देती ये हालात डेल्टा के है की उसकी लाश को अस्पताल भी कचरा ढोने की गाडी में ले जाया गया डेल्टा के पिता की शिकयात के बावजूद पुलिस सही ढंग से कार्यवाही नहीं कर रही है

सरकार ,पुलिस ,प्रशासन , में बैठे सभी जातिवादी लोग मामले को दबाने में लगे है


उखड़े ना बांस ,टूटे न मूंगफली , नाम है इनका योग्यता वली , दैट इज ब्राह्मण बनिया

जन उदय :  देश में  देशद्रोही अतार्थ ब्राह्मण, बनिया  जब  ऐसे किसी काम में पकड़ा  जाता है  जोदेश , समाज के लिए खतरा  होता है , उससे देश समाज के लिए नुक्सान होता है  तो इनके भाई बंधू  इसे भ्रस्टाचार का नाम देते है , और जब कोई आम आदमी गरीब आदमी अपने उपर किये गए इन जुल्मो के खिलाफ बोलता  है  तो उसे देशद्रोह कहते है .

ऐसी ही एक घटना  अभी हमारे सामने आई है  कोलकता  से जहा  पर निर्माणधीन पूल  गिर गया  और उसमे सैंकड़ो लोगो हताहत हुए है  और लगभग  २५ लोगो की जान अब तक जा चुकी है

अगर इस पूल के डिजाईन को देखे तो लोग बड़े  हैरान हो जाएंगे की यहाँ के रहने वाले लोग के घरो की खिड़की और पूल के बीच मात्र १० इंच का फर्क है , इस पुल की वजह से लोगो के घरो की खिड़की खुल नहीं सकती ,

अब आप और भी कुछ अंदाजा  लगा सकते है की धवनी और वायु प्रदुषण कितना होगा ,  चोर और डाकू   पूल से सीधा  लोगो के घरो में घुस जाएंगे इत्यादि , सोचने वाली बात यह है की सब कुछ ऐसा था तो इस पुल के नक्से  को पास कैसे किया गया ?? सिर्फ एक कारण ब्राह्मण बनिए की युक्ति

इस बात से जयादा दुखद बात क्या होगी की पुल बनाने वाली कम्पनी  ने इसे भगवान् की लीला कह कर पीछा  छुड़ा  लिया है ,और ज्यादा दुखद बात की कम्पनी  पर कोई कार्यवाही  नहीं .
इस कम्पनी के पास तीन हजार से जयादा  ब्राह्मण  बनिए इंजिनियर है लेकिन हल क्या निकला ??

सबसे बड़ी बात ये लोग अपने आपको  विश्व  गुरु , और योग्यता वाले कहते है , आजादी के  बाद ऐसी  कोई इमारत इन योग्यता वालो ने नहीं बनाई है  जो आजतक बिना किसी तकलीफ के खड़ी  हो

किचन के सामान , एल पी जी , गैस चुल्हा , इंडक्शन चूहा , ए सी , कार , स्कूटर , फ्रिज , प्लेन , रेल , टीवी बल्ब , फोन , एल ई डी  आदि जो कुछ भी आज इस देश में आधुन्किता और विकास के नाम पर है  कुछ भी इन लोगो ने नहीं बनाया
भ्रष्टाचार  और देशद्रोह में आगे  ब्राह्मण बनिए लोगो ने इस देश को तबाह किया हुआ है ,


जानिये क्यों है मोदी इस देश का सबसे टुच्चा प्रधानमंत्री

जन उदय : वैसे तो सब जानते है की मोदी अपने भाषणों की वजह से सबसे जयादा मशहूर हुआ इसमें दो वजह मुख्य है एक तो यह की मोदी के पास भाषण देने की कला  है क्योकि मोदी भाषण  देते वक्त लोगो को अपने भाषण पर केन्द्रित करने की क्षमता  रखते है ,

दुसरा कारण  यह है की मोदी के भाषण  में कोई तुक नहीं होता यानी मोदी के भाषणों की पड़ताल शुरू कर दी जाए तो उसमे सिवाय सिर्फ बेवकूफी के कुछ नहीं मिलेगा ,, झूट के अलावा कुछ नहीं मिलेगा

जहा तक बात रही की मोदी अपने भाषणों में लोगो के ध्यान को आकर्षित  कर लेता है , तो यह किसी भी नेता के लिए बहुत जरूरी है , लेकिन मोदी का स्टाइल अलग है वह भी एकदम  मदारियो  वाला  ऐसा लगता है जैसे कोई मदारी कोई खेल  दिखाने वाला है

मोदी के भाषणों में एक बात यह बिलकुल साफ़ टूर पर देखि गई है की मोदी  उन बातो का इतिहास के पन्नो को छेड़  देते है  जिसके बारे में इन्हें ज़रा भी ज्ञान  नहीं जैसे अभी फिलहाल एक भाषण में कहा की भगत सिंह ने काला पानी में काफी वक्त बिताया , ये बात बड़े शर्म की है की प्रधान मंत्री को अपने ही देश

 के शहीदों के बारे में कुछ भी ज्ञान नहीं , क्योकि भगत सिंह कभी भी काला  पानी  नहीं गए
इसके आलावा  मोदी का स्टाइल , भाषण  खुद एक प्रधान मंत्री की गरिमा को गिराते है  जोर जोर से चिल्लाना  , फिर लगातार झूट  बोलना , 
असाम में गए तो कहने लगे मै  असाम से ही हूँ , बिहार का चुनाव आये तो  बताओ   कितना पैकेज  दे दू , ब्रुसेल   गए तो मै  तो ब्रुसेल  का ही रहने   वाला हु  मोदी देश के उन हर मुद्दों  पर बोलते है जो जनता से सम्बन्धित  नहीं  होते

देश में रोहित वेमुला  , डेल्टा  और हजारो  आदिवासिओ की हत्याए  बलात्कार , महंगाई , बेरोजगारी , दंगे जैसी समस्या  से जैसे मोदी  का कोई लेना देना  

नहीं है मोदी की पार्टी के नेता आय दिन दंगा फसाद  करवा रहे है या करवाने की फिराक में है , भाजपा की अम्मा  पार्टी संघ के संचालक मोहन भागवत खुद आय दिन बिना सर  पैर की बाते करते है लेकिन मोदी ने प्रधानमंत्री होने का उत्तर दाय्तिव  कभी नहीं निभाया  और अपनी पार्टी के लोगो को समझया

कुल मिला कर   हम कह सकते है मोदी इस देश का सबसे जयादा  टुच्चा  प्रधान मंत्री है 

सेमी फाइनल , 75 लाख हजार का दुनिया का सबसे बढ़ा सट्टा ,मीडिया के षड्यंत्र से भारतीय लोगो ने हारा , सारा पैसा गया विदेश , मीडिया ने कमाए ६ हजार

 जन उदय : क्रिकेट में सट्टे बाजी कोई नई बात नहीं है , हजारो करोडो के सट्टे क्रिकेट में लगते है लेकिन इस बार सेमीफाइनल पर लगा था ७५ लाख हजार का सट्टा जो सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया का सबसे बढ़ा सट्टा बताया जा रहा है , इसमें सबसे बड़े दुःख की बात यह है की यह सट्टा भारत के लोगो ने हारा है और यह पैसा  हवाला के जरिये विदेश चला गया है , और  इस षड्यंत्र को कामयाब बनाने के लिए  मीडिया  ने सट्टेबाजो का साथ दिया ,

बताया जाता है इस सेमी फाइनल के केंद्र , मुंबई , दिल्ली , इंदौर , भोपाल , नागपुर , पूना ,बैंगलोर , चेन्नई , कोलकता आदि  शहर है .

 सूत्रों से पता चला है है की ये सट्टा  इतना बढ़ा नहीं था  लेकिन सट्टेबाजी के उस्ताद लोगो ने  अमिताब  बच्चन  और क्रिस गेल की मुलाक़ात को चैनल के जरिये  इस तरह चलवाया  जिसमे यह बताया गया की वेस्ट इंडीज  यह सेमी फाइनल मैच हार जाएगी ,

 सेमी फाइनल की सुबह से ही ये खबरे न्यूज़  चैनल पर चला दी गई की क्रिस गेल इस मैच में जयादा अच्छा नहीं करेगा , बस इसी  बात को लेकर सट्टे बाजो ने भारत की जीत पर  ३० से लेकर ५० का रेट  निकाल दिया    , सट्टे की रकम शाम तक लाखो करोड़ में पहुच गई  और मैच में भारत का अच्छा पदर्शन ने सट्टे  की रकम को लगातार बढ़ा  दिया  ,

अंत में जो षड्यन्त्र  होना था वह भी सामने आ गया वह था क्रिस गेल  का आउट  हो जाना
बताया  जा रहा है की सिर्फ  इन्ही १५ मिनट में १५ लाख हजार करोड़ का सट्टा और भारत की जीत पर जुड़  गया

लेकिन अंत में जो हुआ  वह काफी खतरनाक साबित हुआ यानी भारत की हार   इस मैच में भारत जितना  पैसा सट्टे में ह हारा है यह भारत का  ७ साल से भी जयादा  का बजट  है ,  इस बजट से  पुरे  देश में बजली आ सकती  थी , भारत के लिए १५ सालो  का  न अनाज  आ सकता  था

खैर  इस खेल में सबसे खतरनाक  खेल मीडिया ने निभाया अपने आपको देशभक्त कहने वाला मीडिया सिर्फ पैसा कमाने के लिए  किस हद  तक गिर सकता है  यह सबके सामने है 

Thursday, 31 March 2016

दलित औरत और स्वर्ण औरत में फर्क होता है : वर्ना उठ गई होती ज्योति पाण्डेय / निर्भया की तरह डेल्टा को न्याय देने की मांग

जन उदय :  एक दलित लडकी का बलात्कार और उसकी हत्या की  खबर किसी राष्ट्रीय मीडिया या न्यूज़ चैनल में नहीं है , जाहिर है की वो लड़की ब्राह्मण बनिया नहीं है , क्योकि ब्राह्मण बनिया लडकियो के अलावा बाकी सब लडकिया या लोग जानवर से ज्यादा कुछ नहीं है .

ये बात सबको याद होगी की ज्योति पाण्डेय नाम की लड़की का दिल्ली की एक बस में बलात्कार हुआ  और बाद में उसको मरने के लिए फेंक दिया गया .  चूँकि यह लड़की ब्राह्मण थी  तो जातिवादी मीडिया  ने इसे राष्ट्रिय शर्म  का मुद्दा करार दिया और पुरे देश को आंदोलित कर दिया .


लेकिन देश में रोज दलित लडकियो के बलात्कार  उनकी हत्या होती है  जातिवादी  लोग लगातार  दलित लोगो को प्रताड़ित कर रहे है लेकिन इनके लिए न तो कोई वजा उठती है और न ही लोग केंडल मार्च निकालते है  बल्कि सच्चाई  यह है की इनकी हत्या   करने वाले  और बलात्कार करने वाले लोगो को सरकार की तरफ से अप्रत्यक्ष रूप से इनाम मिलते है

यु पी , मध्य प्रदेश , छतीसगढ़ , ओड़िसा ,बिहार , झारखंड , महाराष्ट्र  गुजरात  हर जगह दलित उत्पीडन की वारदाते बढ़  रही है

राजेस्थान  के बाड़मेर जिले में डेल्टा नाम की एक राष्ट्रिय स्तर की एक मेघावी छात्रा की हत्या   और बलात्कार हुआ  लेकिन किसी भी बुद्धिजीवी  ,मीडिया एन जी ओ की कान में जू  तक नहीं रेंगी
भारत में वैसे भी जितने भी महिला आन्दोलन है उन पर सब पर ब्राह्मण बनिया महिलाओं  का कब्जा है जो दिखाने को तो महिला  मुक्ति के लिए  काम करती है लेकिन  अंदर ही अंदर  ये दलित महिला   आन्दोलन  नाम का धंधा  करती है , दलित आगे न बढ़े  ऐसे षड्यंत्र  रचती है

इन महिलाओं की ख़ास बात यह भी है की ये षड्यंत्र के  रूप में सांस्कृतिक  कार्यकर्म का आयोजन करती है  , बस ये ये कार्यक्रम इनके सारे मकसद पुरे कर देता है
राष्ट्रीय , अन्तेर्राष्ट्रीय  स्तर पर दलित महिलाए  बहुत कम आ पाती है , जिसका कारण इन दलित महिलाओं की शिक्षा  जो एक शय्न्त्र के तहत इन्हें कोई अंतरराष्ट्रीय  भाषा  नहीं सिखने देती


ये हालात डेल्टा  के है की उसकी लाश को अस्पताल भी कचरा  ढोने की गाडी में ले जाया गया

डेल्टा  के पिता  की शिकयात के बावजूद पुलिस  सही ढंग से कार्यवाही  नहीं कर रही है

सरकार ,पुलिस ,प्रशासन , में बैठे सभी जातिवादी  लोग मामले को दबाने में लगे  है 

अमरीका में भी छाया है दलित उत्पीडन का मामला , एक कंपनी ने सभी रेस्टोरेंट पर लगाए हिंदू विरोधी प्रतीक, हिंदू धर्म को नस्लवादी बताया

 जन उदय : लगातार  दलितों की हत्या , बलात्कार , और दलित छात्रों की संस्थानिक हत्याओं ने वैसे तो पुरे विश्व को चोंका   दिया है  , लेकिन अमरीका में लोगो ने  भारत की ब्राह्मणवादी सरकार के खिलाफ कार्यवाही  करना शुरू कर   दिया   है .

एक लोकप्रिय अमेरिकी फास्टफूड कंपनी डेरी क्वीन के मालिक मोहम्मद डार ने कहा है कि हिंदू नस्लवादी होते हैं। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डार ने अपने रेस्टोरेंट पर हिंदू विरोधी प्रतीक भी लगा रखा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा है कि कोई भी उनके दावे को गलत साबित नहीं कर सकता।        क्योकि यह सिर्फ एक दिन की बात  नहीं  है बल्कि भारत में  जातिवाद  और सम्प्रद्य्वाद के नाम पर  बहुत हत्याए   रोज हो   रही है

फॉक्स न्यूज के मुताबिक डार ने टेक्सास के अपने सभी रेस्टोरेंट में ऐसे प्रतीक लगवा दिए हैं जो सीधे हिंदू  ब्राह्मण धर्म पर निशाना साधते हैं। डार का दावा है कि रेस्टोरेंट पर लगा प्रतीक  आधारहीन नहीं बल्कि तथ्यों पर आधारित हैं।

उन्होंने  यह भी कहा कि 14 साल तक हिंदू धर्म पर शोध करने के बाद  और  आय दिन की ह्त्या  बलात्कार की घटनाओं  को देखते हुए  ही मैंने अपने रोस्टोरेंट पर हिंदू धर्म से जुड़े प्रतीक लगाए हैं। हिंदू धर्म दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा धर्म माना जाता है।   


उन्होंने एक लोकल टीवी में कहा कि अगर किसी को भी इससे परेशानी है तो मुझे गलत साबित करके दिखाए। मैं नस्लवाद नहीं बल्कि समानता का विश्वास करता हूं। मेरे रोजाना के करीब 200 ग्राहकों में से सिर्फ एक फीसदी इन प्रतीकों से आहत होते हैं। 

ब्राह्मण औरत ने करवाया दलित छात्रा डेल्टा का बलात्कार और हत्या : एक और होनहार दलित छात्रा की बलि ली : पूरी ताकत झोंक दी है ब्राह्मणों ने मामले को दबाने के लिए

जन  उदय : रोहित  वेमुला की संस्थानिक हत्या के बाद देश में ही नहीं दुनिया में भारत का नाम बदनाम हुआ है , इस हत्या की ख़ास बात यह है की यह पूरी तरहस से षड्यंत्रकारी और योजनाबद्ध थी जिसको अंजाम जातिवादी तरीके से दिया गया

इसके बाद यह जातिवादी  षड्यंत्र यही नहीं रुका है सरकार उन लोगो पर लगातार दमनकारी कार्यवाही कर रही है जो लोग रोहित वेमुला  के लिए न्याय की मांग कर रहे है ,इसकी एक ख़ास बात यह है की पुलिस और सरकार सिर्फ दलित छात्रो और शिक्षको को चुन चुन कर निशाना बना रही है .


हालांकि रोहित वेमुला न तो अंतिम दलित छात्र है जो जातिवाद का शिकार हुआ है और न ही  पहला  इससे पहले भी काफी छात्रो को जातिवादी तरीके से शिकार बनाया  गया है
इसी श्रंखला में एक नया नाम आया है    है राजेस्थान की डेल्टा का जो रोहित वेमुला की तरह एक मेघावी  छात्रा  थी  और जिसे कई राष्ट्रिय पुरूस्कार मिल चुके है

१७ साल की डेल्टा राजेस्थान के बारमेर जिले के एक छोटे से गाव की रहने वाली थी  और वही के जैन आदर्श  टीचर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट  फॉर गर्ल्स  नोखा , बाड़मेर  से बी एस टी सी  कर रही थी जो    १२ क्लास के बाद होता है


राष्ट्रिय स्तर के इनाम जीत चुकी डेल्टा एक बहुत अच्छी  पेंटर  थी और उसी में शिक्षा के द्वारा अपना भविष बनाना  चाहती थी

२९ मार्च २०१६ को होस्टल के पानी के टैंक के पास संधिद्ग अवस्था में डेल्टा की लाश मिली , जहा से कचरा ढोने वाली गाडी में उठा कर अस्पताल ले जाया गया ,  होस्टल के कर्मचारियो ने बताया  की डेल्टा  ने आत्महत्या  कर ली है क्योकि उसे पी टी टीचर के साथ अपातिजंक अवस्था में  पकड़ लिया गया था , जिसके चलते उसने शर्म से आत्महत्या कर ली 

पुलिस और प्रशासन की ही बाते मान ले तो अगर डेल्टा को आपतिजनक अवस्था में  पी टी  टीचर के साथ पकड़ लिया गया तो इस बारे में डेल्टा के घर वालो को सूचित क्यों नहीं किया गया
दूसरी बात होस्टल में छुट्टिया  में थी और वहा सिर्फ चार लडकिया  था , डेल्टा भी होस्टल में अपने पिटा के साथ २८ तारीख की सुबह ही होस्टल पहुची थी , २८ तारिख को ही रात को आठ बजे डेल्टा ने फोन कर अपने पिता  को बताया था की होस्टल की वार्डन  प्रिया शुक्ल  ने जबरदस्ती डेल्टा को पी टी  टीचर  के रूम में भेजा  सफाई करवाने के बहाने से , जिसके बाद  दुसरे दिन डेल्टा की लाश मिली

इस हत्या से कई बात सामने आई है की अगर डेल्टा किसी   टीचर  के साथ आपतिजनक  अवस्था में पाई गई  तो इसकी सुचना डेल्टा के माँ बाप को क्यों नहीं दी  गई ,

इसके बाद उस  टीचर पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई , सर माफ़ी नामा क्यों लिखवाया   गया   इसके बाद  किसी भी स्थान की फोरेंसिक  



जांच नहीं की गई है , लाश को बड़े ही गंदे  तरीके से कचरे  की गाडी में ले जाने का मतलब है  की सबूतों को नष्ट करना  होस्टल  की वार्डन प्रिया शुक्ला   पर कारवाही क्यों   नहीं की जा रही ,कोलेज पर कार्यवाही क्यों नहीं की   जा रही .

केस को दबाने के लिए  पुरे जातिवादी  लोग सामने आ गए है , अब देखना यह है की इन्साफ  जीतेगा या ये जातिवाद  आतंकवाद