Apni Dukan

Thursday, 1 March 2018

2जी ,कॉमनवेल्थ ,पी एन बी से हजारो गुना बड़े घोटाले जो छिपे है सबकी नजरो से ,जानिये क्या है


देश के निजी बैंक , निजी कम्पनिया , गरीबो के खून पसीने की कमाई यानी ३० हजार करोड़ का घोटाला हर साल करती है , जिसमे अब सरकारी बैंक भी शामिल हो गए है , सिर्फ पीछले तिमाही में देश के सभी सरकारी बैंक ने ३५ हजार करोड़ गरीबो के अकाउंट से बलेंस न मेन्टेन करने के जुर्माने के रूप में वसूल किये , इसके अलावा निजी बैंक की यह लूट पचास हजार करोड़ की लूट है वो भी केवल तीन महीने में यानी सालाना एक लाख हजार करोड़ की लूट निजी बैंको के द्वारा , इसमें से एच डी ऍफ़ सी बैंक सबसे अग्रिणी है



इसके अलावा आपके बैंक से रोज पांच दस रूपये कट रहे है जिसका आपको ध्यान भी नहीं जाता यानि लगभग पच्चीस हजार करोड़ का घोटाला केवल बैंको दुवारा चुग्गा चुगने से जिसका कोई हिसाब नहीं

इसके अलावा आप प्रीपेड मोबाइल इस्तेमाल करते है , आप जब कभी भी रिचार्ज करायंगे तो आप पायंगे की मिलने वाली राशी में से आपके बीस से पचास पैसे आपको हमेशा कम मिलेंगे और आप जब आप फोन करेंगे तो आपके कॉल के हिसाब से नहीं बल्कि दस बीस पैसे पचास पैसे फ़ालतू ही कटते है , देखने में दस बीस पैसे है लेकिन एक दिन में एक मोबाइल से रूपये घोटाला करने पर जिस कम्पनी के पचास लाख युसर है तो हो गए पचास लाख यानी रोज पचास लाख को घोटाला १५० ००० ००० का घोटाला एक महीने में और एक साल में आप अंदाजा लगा सकते है इतने हुए अब चूँकि यह घोटाला इतना छोटे अमाउंट से शुरू है की किसी का ध्यान ही नहीं जाता ,गर हम सभी कम्पनियो का इस घोटाले के रूप में देखे तो देश में ये निजी कम्पनिया २ जी , कॉमनवेल्थ , पी एन बी , जैसे घोटाले से लाखो गुना बड़ा है जिससे पुरे देश की अर्थव्यवस्था कई साल तक चल सकती है और यह सिर्फ फोन में नहीं आप ब्रॉडबैंड यानी डेटा पैक में भी होता है .


इसके अलावा आप इन निजी कम्पनियो से इन्सुरेंस करवाते है मंदी क्लेम करवाते है , पालिसी बेचते वक्त ये खुद ऐसी बाते इस अंदाज में पूछते है या इग्नोर करते है जो बहुत जरूरी होती है लेकिन ये कम्पनी उन बातो को नजरअंदाज कर पालिसी बेचती है और जब सच में ग्राहक को जरूरत पढ़ती है तो इनके कानून और तेवर ही बदल जाते है , यानी जिन बातो को ये लोग खुद इग्नोर करते है और कहते है इसकी जरूरत ही नहीं , उन्ही बातो को सामने रख आपको क्लेम के बेनिफिट नहीं देते . यानी लगभग दो हजारो करोड़ का घोटाला हर मिहिने


अब सवाल आता है की इनके खिलाफ कांसुमेर कोर्ट और ओम्बड्समैन के पास क्यों नहीं जाते तो जनाब इनके विशेष ट्रिब्यूनल का खर्चा ये ही कंपनिया उठाती है तो इनका पाला हुआ कूकर क्या इनके खिलाफ बोलेगा ??? वीमेन एंड वाइन दो और हथियार है सो इनमे न्याय नहीं मिलता

रही बात सरकार  की वो क्यों नहीं कुछ करते  तो मतलब साफ़ है चुनाव का पैसा कैसे आएगा ?
और पूंजीपति  और कॉर्पोरेट  हाउस कैसे देगा ?/ तो जाहिर  है आपकी जेब यानी जनता की जेब काट  कर ही सब काम होंगे
एक रिकॉर्ड के मुताबिक़  एच डी ऍफ़ सी देश का सबसे बड़ा लुटेरा  बैंक  है , बाकी निजी बैंक का नम्बर  इसके बाद ही आता है



अब एक और सवाल की अगर कोई चाहे की इन निजी कम्पनिया या बैंक का ऑडिट क्या कहता है , यानी इन्होने कितने पैसे ब्याज से कमाए , कितने लेट फी चार्ज से , कितने पैसे इन्होने किस खाते से कमाए इसका ऑडिट अगर कोई जानना चाहे तो नहीं जान सकता क्यों ??? सिर्फ यह कहकर की ये निजी बैंक है इनक्से हम नहीं पूछ सकते . जी नहीं इन बैंक के पास देश का पैसा है देश के नागरिको का पैसा है जिससे देश की अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है तो इनको आर टी आई के दायरे में लाना ही होगा


अब एक और सवाल की देश का मीडिया इन खबरों को क्यों नहीं दिखाता
तो सीधी सी बात है हर साल मीडिया को करोडो रूपये के विज्ञापन मिलते है तो वो कैसे लिखेंगे या बोलंगे इनके खिलाफ और अगर बोलेंगे तो इनके पक्ष में ही बोलंगे
इसलिए सभी पाठको से अपील है हम २ जी , पी एन बी जैसे घोटाले नहीं रोक सकते ,लेकिंज ऐसे घोटाले जरूर रोक सकते है , इसलिए आप इस पोस्ट को जयादा स ज्यादा लाइक करे शेयर करे और इस पर एक मिनट निकाल कर कुछ लिखे जरूर कमेंट जरूर करे


दुनिया में सबसे तेज सामाजिक परिवर्तन की लड़ाई चल रही है भारत में ; यु एन रिपोर्ट



जन उदय : यु एन की  मानव विकास की रिपोर्ट के ने पुरे भारत को ही नहीं पूरी दुनिया को चोंका  दिया है कि एक तरफ भारत विश्व गुरु बनने की डींग मारता  है दूसरी तरफ मानव विकास में ये पाकिस्तान , श्री लंका  और बंगलादेश से भी पीछे है . मानव विकास की रिपोर्ट में जहा पाकिस्तान ८४ वे स्थान पर है बांग्लादेश और श्री लंका क्रमश ८६ और ९६वे स्थान पर है वाही भारत  १२४ वे स्थान पर है .




रिपोर्ट में  मानव विकास की दर कम होने की वजह वर्तमान सरकार को ठहराया गया है   बाल कुपोषण  में तो भारत नाइजीरिया , रवांडा  जैसे अफ़्रीकी  देशो से भी पहुच गया  है  और भारत के ८६ % लोगो को ही कुपोषित करार  दिया गया है . शिक्षा के क्षेत्र में  भारत का स्थान दुनिया की टॉप ४०० यूनिवर्सिटी में २७९ है . यह आंकड़े दिल को दुखाने वाले है लेकिन इनका कारण भारत में फैली जातिवादी  निति है जिसके जरिये सरकार खुद अपने नागरिको  का विकास नहीं चाहती और ऐसी  वावस्य्स्था   बनाए  रखना चाहती है जिससे लोगो में अंधविश्वास , बना रहे अशिक्षित बने रहे और सामाजिक  और मानसिक विकास न हो पाए .

लेकिन रिपोर्ट में यह मना गया है की सामाजिक परिवर्तन की लड़ाई , समानता की लड़ाई  पूरी दुनिया से जब हम तुलना करते है  तो भारत में यह लड़ाई सबसे तेज हो गई है , लेकिन सरकार इस लड़ाई को और लड़ने वालो खत्म करना चाहती है . हलांकि यु एन की पहली रिपोर्ट्स में भारत को चेतवानी दी गई है की भारत जातिवादी हत्याए  और अत्याचार बंद करे .

ऐसा भी माना जा रहा है की भारत सामाजिक परिवर्ण की इस लड़ाई को खत्म करने के लिए सरकारी तन्त्र का खूब इस्तेमाल कर रहा है और किसी  भी तरह जातिवाद , गरीबी , उत्पीडन के खिलाफ  लड़ाई को खत्म करने में कोई कसर नहीं छोड़  रहा है

Tuesday, 27 February 2018

राखी बाँध बोनी कपूर को बनाया भाई, गर्भवती होने पर शादी रचाई श्रीदेवी ने सच्चाई और भी है विसंगत आवेगों के देश में, मेजर कुमुद डोगरा और श्रीदेवी

१५ फरबरी भारतीय वायु सेना का एक फाइटर जहाज़ दुर्घटनाग्रस्त हुआ , विंग कमांडर वत्स और उनके साथी जेम्स वीरगति को प्राप्त हुये . पांच दिन पहिले ही  विंग कमांडर वत्स की पत्नी मेजर कुसुम डोगरा ने एक संतान को जन्म दिया था . पति के देश के लिए प्राण होम देने पर , अंतिम दर्शन और क्रिया के लिए मेजर कुमुद डोगरा सेना की परंपरा का निर्वाह करते हुये इस अवसर पहिने जाने वाली वर्दी पहन कर पूर्ण  सैनिक गौरव और सम्मान के साथ आयीं , तनिक भी विचलित हुये बिना , कोई विलाप , दुर्बलता नहीं , पूर्ण दृढ़ता का मुख भाव , पांच दिन की नवजात संतान को हाथों में थामे, सधे क़दमों से मार्च करते हुये , वो संतान की जिसका मुंह पिता ने देखा ही नहीं था , वो संतान जो अपने रणबांकुरे पिता को देख भी ले पांच दिवस की आयु में , तो अबोध पहिचाने कैसे ? बाद में चित्रों और कहानियों से ही बताना होगा की तुम उस वीर सैनिक की बेटी हो .

खबर अख़बारों में छपी , टी वी पर भी आई , सोशल मीडिया पर भी , लोगों के छोटे छोटे अनमने से सन्देश आये , RIP, नमन , श्रद्धांजलि , नारी शक्ति को प्रणाम इत्यादि . किसी राजनेता , नेता , अभिनेता का बयान नहीं आया ना ही शासन में बैठे लोगों ने कोई उदगार व्यक्त किये .


कुमुद डोगरा साधारण सैनिक परिवार से हैं , देशभक्ति बचपन से मानस पर आना स्वाभाविक है , सेना की नियुक्ति ली , विंग कमांडर वत्स दक्ष पायलट माने जाते थे , अति अनुशासित और कर्त्तव्य निष्ठ , मेजर कुमुद डोगरा ने प्रेम और सम्मान के भाव के साथ उन्हें जीवन साथी चुना , एक संतान पांच दिन की , और इति .  
श्रीदेवी बोनी कपूर की पत्नी मोना कपूर और उनके बच्चों के साथ उन्ही के घर में रहती

 थीं , मिथुन चक्रवर्ती की उपस्थिति में 'राखी' बाँध कर उन्होंने बोनी  कपूर  को भाई के रिश्ते में बांध लिया था , बाद में वो बोनी कपूर द्वारा गर्भवती हुयीं फिर दोनों ने एक मंदिर में जाकर विवाह किया , विवाह आपराधिक था , क्योंकि बोनी कपूर ने पहिली पत्नी से कानूनी अलगाव नहीं किया था , अपने लगभग वयस्क हो गए दो बच्चों और पत्नी को छोड़ कर बोनी कपूर श्रीदेवी के साथ रहने लगे , उन्हें दो संताने हुयीं . श्रीदेवी ने कई फिल्मों में 'अभिनय' किया , नृत्य किया , अपने सुन्दर शरीर  का खूब प्रदर्शन किया, अपने अभिनय कौशल से खूब धन कमाया , सात बार इनकम टैक्स की चोरी में पकड़ी गयीं , तीन घंटे की फिल्मों की काल्पनिक कथा के अलावा देश के लिए उनका कोई सन्देश नहीं था , देहयष्टि के सौन्दर्यीकरण के लिए १७ ,१८ बार ऑपरेशन कराये , जिसके बाद कई हानिकारक दवाएं जिनमे Steroids  भी हैं लेती थीं , ५४ वर्ष की आयु में दिल के दौरे से उनका देहांत हो गया .


कल से टी वी चैनल , अख़बारों में शोक सन्देश पढ़ रहा हूँ , देश के महानतम नेता नरेन्द्र मोदी ने इसे देश की अपूर्णीय क्षति बताया , टाइम्स ऑफ़ इंडिया की हेड लाइन है " देश से चांदनी चली गयी ", राष्ट्रपति तक ने गहन दुःख व्यक्त किया , तमाम अन्य राजनेताओं ने , अभिनेताओं ने भारी भरकम शोक सन्देश भेजे , दिन भर टी वी पर उनके रोमांचक जीवन की झलकियाँ दिखाई गयीं , फेस बुक के मित्रों ने ऐसे शोक के लेख लिखे की क्या कहूँ , राहुल गाँधी ने कहा श्री देवी की मृत्यु पर मैं स्तब्ध हूँ ............

मैं भी स्तब्ध हूँ इन सब को देख सुन कर , हमारे भावावेग विसंगत और दिशा भ्रमित हैं , हम यथार्थ में नहीं उन्मांद में जीना पसंद करते हैं , श्री देवी की मौत का दुःख मुझे भी है , पर उससे ज्यादह दुःख मुझे हमारे विसंगत आवेगों पर है . मेजर कुमुद और विंग कमांडर वत्स की दास्तान में ग्लेमर , सस्पेंस , मासंलता , धन , प्रसिद्धि , अभिनय ,विचलन ,विसंगति ,मंच , रुपहला पर्दा नहीं है ,अर्धनग्न वस्त्रों में नृत्य नहीं है ,  एक सपाट देश प्रेम और कुर्बानी है , हमें कैसे आकर्षित कर पाएगी  ???

 व्हट्सअप ग्रुप से प्राप्त ,जस ता तस छापा है 

Sunday, 25 February 2018

भारत सभी अलगाववादी पार्टी भाजपा के साथ ही क्यों ?? : मो.मिनाज़

देश में अलगाववाद एक ऐसी समस्या है जिससे भारत आजादी के बाद से ही जूझ रहा है और इसकी वजह से वुरे देश में अशांति है इन शक्तिओ के उबरने का एक कारण यह भी है की इनके क्षेत्रो में सामाजिक -आर्थिक विकास न के बराबर हो पाया और इसको एक षड्यंत्र के तहत होने ही नहीं दिया गया यानी जानबूझ कर इन कोमो को इन प्रान्तों को विकास से दूर रखा गया . 

कमाल की बात यह है की १९५० से लेकर अब तक देश की नौकरशाही , राजनीती और प्रशासन में केवल और केवल एक ही जाति के लोग हावी रहे है यानी ब्राह्मण और इन ब्राह्मणों ने देश केविकास के पैसे को लूट लिया और देश से इस गद्दारी को नाम दिया भ्रष्टाचार . खैर 



आज बैठे बैठे अचानक मन में विचार आया, आप भी एक बार विचार जरूर कीजिएगा... 
अलग गोरखालैंड की मांग करने वाला 
"गोरखा जनमुक्ति मोर्चा" का गठबंधन बीजेपी के साथ है। 
आज़ाद नागालैंड की मांग करने वाला 
"नागा जनमुक्ति मोर्चा" का गठबंधन बीजेपी के साथ है। 
आज़ाद कश्मीर की मांग करने वाली 
"पीडीपी" का गठबंधन बीजेपी के साथ है। 
आज़ाद खालिस्तान की मांग करने वाला 
"अकाली दल" का गठबंधन बीजेपी के साथ है। 
केवल मराठियों के लिए महाराष्ट्र की मांग करने वाली "शिवसेना" का गठबंधन बीजेपी के साथ है। 
अलग बोडोलैंड की मांग करने वाला 
"बोडो जनमुक्ति मोर्चा" का गठबंधन बीजेपी के साथ है। 

भारत से आरएसएस की गद्दारी का इतिहास एक नजर... रत्नाकर गौतम ए

1. मुंजे , हेडगेवार का गुरु था। 
2. मुंजे 1920 से 1948 तक हिंदू महासभा का अध्यक्ष रहा। 
3. हेडगेवार ने 1925 में 'रायल सीक्रेट सर्विस' का नाम 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ' किया। 
4. 1928 में जब देश के हिन्दू मुसलमान मिलकर अंग्रेज़ों के खिलाफ देश की आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे थे तब "सावरकर" ने खुलेआम यह ऐलान किया था कि भारत में दो राष्ट्र, हिन्दू और मुसलमान बसते हैं, भारत के बँटवारे का विचार यहीं से जन्म लेता है। 
5. 1930-31 में लंदन में हुए गोलमेज सम्मेलन से लौटते हुए मुंजे इटली के तानाशाह मुसोलिनी से मिला। 
6. इसमें उसने भारत को इटली का गुलाम बना देने का वायदा किया। 
7. आरएसएस का ढांचा और शाखाओं की रचना 1931 में मुंजे ने की। 
8. संघियों ने 1930-31 में भगतसिंह के खिलाफ गवाही दी।

9. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को १९३४ में अंग्रेजों ने कलकत्ता विवि का कुलपति बनाया। उन दिनों बंगाल में बहुत से वरिष्ठ शिक्षाविदों का नजरअंदाज कर अंग्रेजों ने सिर्फ 33 साल की श्यामा प्रसाद मुखर्जी को इसलिए VC बना दिया था , ताकि गांधी के आह्वान पर हज़ारों की तादाद में विश्वविद्यालय के होनहार छात्रों द्वारा आज़ादी के लड़ाई में शामिल होने से रोका जा सकें।



10. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1937 में मुहम्मद अली जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ सरकार बनाई।

11. सावरकर ने 1940-41 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी का साथ छोड़ा।

12. 1940-41 में ही संघ ने घोषणा की कि कोई भी हिन्दू 'आज़ाद हिन्द सेना' में भर्ती न हो।

13. 1940-41 में ही सावरकर ने 'आज़ाद हिन्द सेना' के खिलाफ अंग्रेजों की सेना में हिन्दुओं की भर्ती की।

14. 1942 में अटल बिहारी बाजपाई ने देश के क्रांतिकारियों के खिलाफ गवाही दी और २ क्रांतिकारियों को 'कालापानी की सजा' हुई।

15. 11 फरवरी 1943, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था

"a Hindu rally that if Muslims wanted to live in Pakistan they should "pack their bag and baggage and leave India"

16. महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1942 में 9 अगस्त को जब ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ का नारा दिया, तो हिंदु महासभा ने उसका विरोध किया था।

17. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंगाल में मुस्लिम लीग के नेतृत्व में बनी सरकार के मंत्री के रूप में अंग्रेज सरकार को 26 जुलाई 42 को पत्र लिखकर कहा था कि युद्धकाल में ऐसे आंदोलन का दमन कर देना किसी भी सरकार का फ़र्ज़ है।

18. 1941-42 में हिंदु महासभा मुस्लिम लीग के साथ बंगाल मे फजलुल हक़ सरकार में शामिल थी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी उस सरकार में वित्त मंत्री थे।

19. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1946 में बंगाल को विभाजित कर देने की मांग रखी।

20. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1946 में कहा, "बिना गृहयुद्ध के हिंदु-मुस्लिम समस्या का हल नहीं"।

21. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1947 में सरत बोस के बंगाल को एक करने के प्रयास का विरोध किया।

बताइए आज़ादी की लड़ाई में कौन शामिल था और कौन गद्दार थे ? आज यह देशप्रेम का प्रमाणपत्र बाँटने वाले अंग्रेजों की कभी आलोचना और निन्दा क्युँ नहीं करते ? सोचिएगा

ध्यान दें - अंग्रेजों ने हिन्दू महासभा और आरएसएस पर कभी प्रतिबन्ध नहीं लगाया - क्यों ???

प्वाईंट नंबर 21 पर ध्यान दीजिए "श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1946 में कहा,

"बिना गृहयुद्ध के हिंदु-मुस्लिम समस्या का हल नहीं"

और संघी आजतक यही कोशिश लगातार कर रहे हैं , कभी मंदिर-मस्जिद तो कभी गाय , लव जिहाद ।।


सोजन्य : प्रबुद्ध भारत