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Sunday, 29 May 2016

नार नहीं नोरंगी है , ढक ले तो सारे कुल को ढक ले नहीं तो नंगी की नंगी है तोता मैना के किस्से अश्लील , और कामुकता फैलाने वाली कहानिया नहीं बल्कि स्त्री विमर्श और जेंडर सेन्सटाईजेशन की पहल है लोक साहित्य में


जन उदय : कुछ लोग ऐसे होंगे शायद  जिनको तोता मैना के किस्से के बारे में कुछ मालूम नहीं होगा  और साहित्य  में रूचि  रखने वाला  शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति  होगा जिसे इनके बारे में मालूम नहीं होगा .

कुछ लोगो ने तो ये किस्से अपने बड़े लोगो से निति कथाओं के रूप में जरूर सुने होंगे , चूँकि कहानिया कहने वाले अधिकतर  पुरुष है और रहे है तो शायद  ऐसी  कहानिया जयादा प्रचलित है  जिनमे औरत  बेवफा  रहती है , घटक होती है  और ऐसी होती है की उ पर कोई विशवास नहीं किया जा सकता

इस बात की जानकारी सभी साहित्यकारो को जरूर होगी की लोक साहित्य   में कव्वाली , नौटकी  के संवाद इन्ही तोता मैना के  किस्सों पर आधारित हो होते है , हालांकि कव्वाली  सिर्फ मजारो  पर और इबादत के लिए इस्तेमाल की जाति  थी लेकिन लोक साहित्य ने इसको अपने तरीके से अपनाया

अगर हम तोता मैना के किस्से  सही ढंग से पढ़े  तो शायद हमें अह्मारे समाज की सारी  समस्याओं  की जड  और उन पर फैली मानसिकता  भरी मिल जाएगी . मसलन एक राजा  जंगल में शिकार करते हुए जता है  रास्ता  भटक जाने के कारण एक गवा में जाता है वहा  पर वह एक महतर ( भंगी ) लड़की को देखता है जो चाँद से जयादा खूबसूरत  है उस पर मोहित हो जाता है जब  वह उसके साथ सम्बन्ध बनाना  चाहता हैलेकिन यह सम्भव न होने के कारण वह लड़की  को  शादी का प्रस्ताव रखता है , काफी सोच विचार के बाद  वह लड़की और उसके घरवाले इस रिश्ते को स्वीकार कर लेते है , कुछ  दिन  उस लड़की के साथ समय गुजारने के बाद राजा को होश आता है की वह इस लड़की को सबके सामने कैसे ले जाएगा  सो योजनाबद्ध  तरीके से वह उस लड़की को रास्ते में कत्ल कर देता है “
तो इस कहानी में कामुकता  , स्त्री के अपने निर्णय , जाति , और जाति  से जुड़े पूर्वाग्रह औरत को वस्तु की तरह इस्तेमाल करना यह सब आते है

 कहने को तो ये किस्से  कामुकता के लिए इस्तेमाल किये जाते है लेकिन कमाल की बात यह है की इसमें वफ़ा , और बेवफाई के नाम  पर स्त्री को जयादा दोषी ठहराया  गया है , इसमें एक छिपी  बात यह है की सदीओ पहले इन कहानियों के माध्यम से स्त्री विमर्श किया गया जो भद्र  लोक से दूर रहा  और ये ऐसा विमर्श है जो लोकप्रिय  है  और इसी के सहारे  समाज में सारी  मानसिकता  फैलती है